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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem aao jalaye nafrat ki holi
    कविताएँ

    आओ जलाएं नफरत की होली | Holi Shayari 2023 in Hindi

    ByAdmin March 20, 2022March 7, 2023

    आओ जलाएं नफरत की होली ( Aao jalaye nafrat ki holi )     सद्भावों की लेकर बहारें, रंगों की हो फुहार। भाई भाई में प्रेम सलोना, बरसे मधुर बयार।   आओ जलाए नफरत की होली, मनाये त्योहार। खुशियों के हम रंग बिखेरे, उमड़े दिलों में प्यार।   हंसी खुशी सबको बांटे, गीत सुहाने गाये।…

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  • Ghazal wafa kar chale
    शेरो-शायरी

    किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले | Ghazal wafa kar chale

    ByAdmin March 20, 2022

    किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले ( Kisi se yahan hum wafa kar chale )     किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले वफ़ा प्यार की हम सदा कर चले   चले फ़ासिली फेरकर रोज़ मुंह वही कल निगाहें मिला कर चले   छुड़ाकर मगर हाथ मुझसे वही मुझे आज वो ही रुला…

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  • Poem darakht ka dard
    कविताएँ

    दरख़्त का दर्द | Poem darakht ka dard

    ByAdmin March 19, 2022

    दरख़्त का दर्द ( Darakht ka dard )   मैंने पूछा पेड़ प्यारे तुम हमें शीतल छाया देते हो प्राणवायु जीवनदायिनी जीवन रक्षा कर लेते हो   बोला पेड़ पीढ़ियों से हम परोपकार करते आए दर्द सहा जाने कितना किंतु बोल नहीं हम पाए   अंधाधुंध कटाई कर दी नर को लालच ने मारा है…

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  • Laghu Natika
    नाटक

    टीन का चश्मा | लघु नाटिका

    ByAdmin March 19, 2022

    टीन का चश्मा ( Laghu Natika ) ( पति कुर्सी पर बैठे किताब पढ़ रहे हैं , पत्नि चाय लेकर आती है , चाय रखकर साड़ी के पल्लू से पसीना पोंछते हुए कुर्सी पर बैठती है ) पति – ( किताब में नज़र गड़ाए चाय का कप उठाते हुए ) कितना लिया ? पत्नि –…

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  • Poem bete ka farz
    कविताएँ

    बेटे का फर्ज | Poem bete ka farz

    ByAdmin March 19, 2022

    बेटे का फर्ज ( Bete ka farz )   मां-बाप तीर्थ समान श्रद्धा से सेवा पूरी कीजिए पाल पोसकर योग्य बनाया दुख ना कभी दीजिए   बुढ़ापे की लाठी बन बेटे का फर्ज निभा लेना आशीषों से झोली भर पुण्य जरा कमा लेना   श्रवणकुमार सुकुमार पुत्र लेकर अंधे मां-बाप चारों धाम तीर्थ कराया सह…

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  • Poem paschatap
    कविताएँ

    पश्चाताप | Poem paschatap

    ByAdmin March 19, 2022

    पश्चाताप ( Paschatap )   पश्चाताप सम्राट अशोक किया, कलिंग युद्ध बाद। भीषण नरसंहार हुआ, उन्नति मूल्य हो गये बर्बाद।   राम को बनवास भेज, दशरथ ने किया परिताप। राम राम रटते मर गए, हुआ पुत्र वियोग संताप।   पछतावा फिर होता जब, चिड़िया चुग जाये खेत। सोना उगले धरती मांँ, मोती निपजे ठंडी बालू…

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  • Kavita piya sang kheli holi
    कविताएँ

    पिया संग खेली होली | Kavita piya sang kheli holi

    ByAdmin March 19, 2022

    पिया संग खेली होली ( Piya sang kheli holi )   भंग जब हमने पीली थी पिया संग खेली होली थी मस्ती में झूम गए सारे भीगी रंग में चूनर चोली थी तन-मन सारो हर्षायो रे रंगीलो फागुन आयो रे   बलम पिचकारी ले आयो खुशी को रंग मन छायो गाल पर रंग गुलाल लगायो…

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  • Holi poetry
    शेरो-शायरी

    प्यारी होली | Holi poetry

    ByAdmin March 18, 2022March 7, 2023

    होली ( Holi )   रंगों से फिर भीगी होली उल्फ़त लेकर आयी होली   सब मिल जुलकर जिसको खेलें वो ही यारो प्यारी होली   झूम उठे हैं दिल खुशियों से जब भी देखो आती होली   आओ मिल ले इस होली में किसने देखी अगली होली   हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई है लोगों…

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  • आनंदम टाउनसिप में बरसा काव्य रंग
    साहित्यिक गतिविधि

    आनंदम टाउनसिप में बरसा काव्य रंग

    ByAdmin March 18, 2022

    छिंदवाड़ा – आनंदम टाउनसिप छिंदवाड़ा में आनंदम रहवासीयों द्वारा होलिका दहन की रात रंगारंग कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ! इस कवि सम्मेलन में नगर व नगर के बाहर से पधारे कवियों ने काव्य के अलग-अलग रंग गीत, गजल, छंद, हास्य और व्यंग के रंगों की अपनी काव्यमयी पिचकारी से बौछार करते हुए श्रोताओं…

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  • Poem Holi Ke Din
    कविताएँ

    होली के दिन | Poem Holi Ke Din

    ByAdmin March 18, 2022

    होली के दिन ( Holi ke din )   छोड़िए शिकवे गिले खटपट सभी होली के दिन। अच्छी  लगती  है  नहीं ये बेरुखी होली के दिन।। वो  हमारे  पास आकर कान में ये कह गये, आदमी को मानिए न आदमी होली के दिन।। चार  दिन  की  जिन्दगी ही पाई है हमने, सभी, इश्क के रंग…

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