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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Ishwar Ki Marzi
    कविताएँ

    ईश्वर की मर्जी | Kavita Ishwar Ki Marzi

    ByAdmin March 7, 2022March 6, 2024

    ईश्वर की मर्जी ( Ishwar Ki Marzi )     ईश्वर  की  मर्जी  के आगे, कहाँ  किसी  की चलती है। विधि मिटे ना भाग्य बदलता, होनी  तो होकर रहती हैं।   सीता हरण हुआ राघव का,वधू वियोग पहले से तय था, दश आनन को मारा जाना, राम के हाथों ही निश्चय था।   श्रवण मरे…

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  • Ghazal mehak
    शेरो-शायरी

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा | Ghazal Aaj Wo Inqalab Likh Dunga

    ByAdmin March 7, 2022January 29, 2023

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा! ( Aaj wo inqalab likh dunga)     आज वो इंकलाब लिख दूँगा! हर अदू का हिसाब लिख दूँगा   हो महक हर पन्ने उसी की ही ख़ून से वो  क़िताब लिख दूँगा   साथ जो पल उसके  बिताए है हर किस्सा लाज़वाब लिख दूँगा   शक्ल से जो कभी…

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  • Poem phoolon se komal nari
    कविताएँ

    फूलों सी कोमल नारी | Poem nari

    ByAdmin March 6, 2022March 6, 2022

    फूलों सी कोमल नारी ( Phoolon se komal nari ) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की विशेष प्रस्तुति     सोनू!फूलों सी मासूम हो फूलों में सिक्त शबनम की बूंदे हो देखूँ तुम्हें जी भरके भी जी भरता नहीं बस तेरी तस्वीरों को ही देखता रहता हूँ     पूरी कायनात जैसी हो तुम तुम्हें देख खुदा…

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  • Kavita he bhole he bhandari
    कविताएँ

    हे भोले हे भंडारी | Kavita he bhole he bhandari

    ByAdmin March 6, 2022March 6, 2022

    हे भोले हे भंडारी ( He bhole he bhandari )   हे भोले हे भंडारी   वो दुनिया थी और अब आ गया कलयुग घोर   ज़हर जो तूने समा लिया था कंठ में वो अब फैल गया है सब ओर   अब क्या सोच रहा है कुछ नहीं क्यों बोल रहा है   क्या…

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  • चुलबुली तेरी एक झलक | Kavita chulbuli teri ek jhalak
    कविताएँ

    चुलबुली तेरी एक झलक | Kavita chulbuli teri ek jhalak

    ByAdmin March 6, 2022September 18, 2023

    चुलबुली तेरी एक झलक ( Chulbuli teri ek jhalak )   चुल्बुली  तेरी एक झलक के लिए बेकरार रहता हूं जिस्म मैं अपने शहर और दिल तेरे पास रखता हूँ न जाने क्या रिश्ता पनपता जा रहा है हम दोनो में तू मेरी है चुल्बुली मैं तेरा हूँ ऐसी अब आस रखता हूँ तेरे शहर…

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  • Kavita hriday ke ganth
    कविताएँ

    हृदय के गाँठ | Kavita hriday ke ganth

    ByAdmin March 6, 2022March 6, 2022

    हृदय के गाँठ ( Kavita hriday ke ganth )   1. हृदय के गाँठ खोल के,आओ बात बढाते है। परत दर परत गर्द है, आओ उसे उडाते है। ये दुनिया का है मेला,भीड मे सब अन्जाने से, पकड लो हाथ मेरा तो,दिल की बात बताते है।   2. खुद लज्जाहीन रहे जो, वो तेरी क्या…

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  • Holi kavita
    कविताएँ

    होली आई रे, होली आई | Best poem on holi

    ByAdmin March 5, 2022March 5, 2022

    होली आई रे, होली आई ( Holi aayi re, holi aayi )   गोरा गोरा गाल गुलाबी, गोरी रंग लेकर आई। फागुन आयो रंग रंगीलो, उर उमंग मस्ती छाई।   रसिया नाचे ढप बजावे, आज बिरज में होली है। गीत सुनावे फाग गावे, भीगे चुनर चोली है।   मुरली की धुन छेड़े कान्हा, राधा रंग…

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  • Kavita anhoni
    कविताएँ

    अनहोनी | Kavita anhoni

    ByAdmin March 5, 2022

    अनहोनी ( Anhoni )   अनहोनी सी घट रही अब दो देशों की लड़ाई में विश्वयुद्ध के कगार पे जग सदी जा रही खाई में   लड़ाकू विमान बमबारी विध्वंसक तबाही लाते महासमर होता तभी आपस में मतभेद हो जाते   जब युद्ध छिड़ा आपस में भीषण नरसंहार हुआ शहर के शहर खत्म हो गए…

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  • Essay in Hindi on holi
    निबंध

    होली पर निबंध | Essay in Hindi on Holi

    ByAdmin March 5, 2022December 4, 2022

     होली पर निबंध ( Holi essay in Hindi ) प्रस्तावना – होली भारत का एक लोकप्रिय और विश्व प्रसिद्ध त्यौहार है। होली का त्योहार प्रमुख रूप से भारत के अलावा नेपाल में भी मनाया जाता है। मार्च के महीने में होली का त्योहार मनाया जाता है। इस त्यौहार में लोगों मिल कर साथ मे होली…

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  • नुक्कड़ वाली चाय | Kavita nukkad wali chai
    कविताएँ

    नुक्कड़ वाली चाय | Kavita nukkad wali chai

    ByAdmin March 4, 2022

    नुक्कड़ वाली चाय ( Nukkad wali chai )   तरोताजा सी भावन लगती नुक्कड़ वाली चाय हर्ष और आनंद लाती मधुर नुक्कड़ वाली चाय   बड़े-बड़े गुलछर्रे चलते वादों की हो भरमार यहां सारी दुनिया के समाचार दे जाते अखबार यहां   किस नेता की क्या खूबी है कौन पटखनी खाएगा क्या चुनावी रंग होगा…

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