Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Haal e dil
    शेरो-शायरी

    हाल ए दिल | Ghazal Haal -E- Dil

    ByAdmin March 2, 2022March 5, 2022

    हाल ए दिल भी समझो ( Haal e dil bhi samjho )   1. क्यो करते हो सवाल, हाल ए दिल भी समझों। जीवन मे बडा बवाल, दर्द ए दिल को समझो। पी कर भांग धतूरा, जी करता है मै सो जाऊँ, मुश्किल  में हुंकार,  हमारे  दिल को समझों।   2. दिल का दरिया भरा,…

    Read More हाल ए दिल | Ghazal Haal -E- DilContinue

  • Kavita Maryada Purushottam Ram
    कविताएँ

    मर्यादा पुरुषोत्तम राम | Kavita Maryada Purushottam Ram

    ByAdmin March 2, 2022

    मर्यादा पुरुषोत्तम राम ( Maryada Purushottam Ram )   आदर्श आस्था आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम राम घट घट में प्रभु विराजे सुंदर छवि राम सुखधाम   रामनाम माला जप करते नित्य निरंतर हरि भजन कीर्तन करे रामभक्त सब पीर हरो हे दुख भंजन   राम नाम मुद्रिका ले हनुमंत चले सीता सुधी लाने लंकापति अभिमानी रावण…

    Read More मर्यादा पुरुषोत्तम राम | Kavita Maryada Purushottam RamContinue

  • Badal par kavita
    कविताएँ

    बादल | Badal par kavita

    ByAdmin March 1, 2022

    बादल ( Badal )     खतरे के बादल मंडराये कहर कोरोना लेकर आये सारी दुनिया कांप उठी सांसो की हम डोर बचाए   उमड़ घुमड़ नभ मे छा जाते काले काले मेघ आते खुशियों की बारिश लाते ताल तलैया भर जाते   गड़ गड़ करते व्योंम में कड़कड़ बिजली दमकती मूसलाधार बरसते रिमझिम रिमझिम…

    Read More बादल | Badal par kavitaContinue

  • Ghazal aarzoo
    शेरो-शायरी

    यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की | Ghazal aarzoo

    ByAdmin March 1, 2022

    यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की ( Yahan roz jiski bahut aarzoo ki )     यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की  उसी की बहुत कू ब कू जुस्तजू की   उसे फूल देने गया प्यार का था उसी ने मगर साथ में ख़ूब तू की   उसे ख़ूब आवाज दी यार हमने नहीं शक्ल…

    Read More यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की | Ghazal aarzooContinue

  • Ghazal nafrat
    शेरो-शायरी

    लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ | Ghazal nafrat

    ByAdmin February 28, 2022

    लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ ( Logon mein hi khoob nafrat hai yahan )     लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ कब दिलों में दोस्त उल्फ़त है यहाँ   दर्द ग़म ने रोज़ घेरा ख़ूब है एक पल भी तो न राहत है यहाँ   हर घड़ी दिल में वफ़ा मेरे…

    Read More लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ | Ghazal nafratContinue

  • Kavita youdh
    कविताएँ

    युद्ध | Kavita youdh

    ByAdmin February 28, 2022February 28, 2022

    युद्ध ( Youdh )   देशों की लड़ाई भीषण चाहे युद्ध महाभारत होता समर भयंकर दुखदाई अनिष्ट अशुभ आर्त होता   हाहाकार मच जाता है मारकाट होती भारी नरसंहार निरंतर होता विनाश लीलायें सारी   राम रावण युद्ध हुआ तो लंका का विनाश हुआ कलिंग युद्ध में अगणित कितना नरसंहार हुआ   कौरवों की जिद…

    Read More युद्ध | Kavita youdhContinue

  • Kavita Chandrashekhar Azad
    कविताएँ

    चंद्रशेखर आजाद | Kavita Chandrashekhar Azad

    ByAdmin February 27, 2022

    चंद्रशेखर आजाद ( Chandrashekhar Azad ) आजादी का दीवाना चंद्र उसने सौगंध खाई थी अंग्रेजी हुकूमत की जिसने सारी जड़े हिलाई थी   क्रांति काल में क्रांतिवीर गोला बारूद में चलते थे आजादी के दीवाने जब बांधे कफन निकलते थे   चंद्रशेखर आजाद भगतसिंह राजगुरु से लाल हुए राष्ट्रधारा में देशभक्त वो क्रांतिकारी कमाल हुए…

    Read More चंद्रशेखर आजाद | Kavita Chandrashekhar AzadContinue

  • पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्न
    साहित्यिक गतिविधि

    पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्न

    ByAdmin February 27, 2022January 25, 2023

    प्रेस नोट “देहरी का दीप भावनाओं के परिपाक का सुमधुर प्रतिफल” देहरी का दीप में प्रेम और विरह की मार्मिक अभिव्यक्ति “पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्न” ग्वालियर/ साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल से सम्बद्ध पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन ऑनलाइन रूप से किया…

    Read More पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्नContinue

  • Poem niyati
    कविताएँ

    नियति | Poem niyati

    ByAdmin February 27, 2022

    नियति ( Niyati )   नियति ने क्या खेल रचाया हे ईश्वर ये कैसी माया कहर बन कोरोना आया कांपी दुनिया घर बैठाया   नीति नियम तोड़े न जाते कुदरत का पार न पाते डोर थामे ऊपर वाला कठपुतली सा नाच नचाते   सुखों का सागर उमड़े कहीं दुखों की गिरती गाज विधि का विधान…

    Read More नियति | Poem niyatiContinue

  • Poem prem
    कविताएँ

    प्रेम | Poem prem

    ByAdmin February 27, 2022February 27, 2022

    प्रेम ( Prem )   लिख देता हूँ नाम तेरा पर, बाद मे उसे मिटाता हूँ। और फिर तेरे उसी नाम पर,फिर से कलम चलाता हूँ।   एक बार हो तो समझे कोई, बार बार दोहराता हूँ। कैसी है यह प्रीत मेरी जो, बिना समझ कर जाता हूँ।   बैठ अकेले में पागल सा, मैं…

    Read More प्रेम | Poem premContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 628 629 630 631 632 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search