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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem amar prem ki amar kahani
    कविताएँ

    अमर प्रेम की अमर कहानी | Poem amar prem ki amar kahani

    ByAdmin February 20, 2022February 20, 2022

    अमर प्रेम की अमर कहानी ( Amar prem ki amar kahani )     एक दीन साधारण सा इंसान पर इरादे थे फौलादी विशाल पर्वत का सीना चीरकर की उसने मुनादी   अथाह प्रेम की पराकाष्ठा का दिया उसने निशानी बिहार की पावन भूमि के लोगों को याद हुई जुबानी   दिन हीन दशरथ मांझी…

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  • Charagari shayari
    शेरो-शायरी

    चारागरी हुआ कैसा इलाज़ है | Charagari shayari

    ByAdmin February 20, 2022

    चारागरी हुआ कैसा इलाज़ है ( Charagari hua kaisa ilaaz hai )   चारागरी  हुआ  कैसा इलाज़ है अच्छा नहीं हुआ मेरा मिज़ाज है   घर में ही आ गयी रोटी की दिक्क़त है इस  बार  कब  हुआ  यारों अनाज़ है   मिलनें का कर गया था वादा ए वफ़ा ए यार वो मिला मुझसे…

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  • Kavita ek hunkar
    कविताएँ

    इक हुंकार | Kavita

    ByAdmin February 20, 2022

    इक हुंकार ( Ek hunkar )   हम संघी है….. जन संघी है, भारत जय हो, विजय सोच के रंगी है। हम संघी है.. भगवा है पहचान हमारी, शिव शक्ति मे डूबे हम अड भंगी है। हम संघी है.. खाकी रंग है माटी रंग, मातृभूमि के सेवक हम कुछ जंगी है। हम संघी है…. शेर…

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  • Hanste khilte phool
    कविताएँ

    हंसते खिलते फूल | जलहरण घनाक्षरी

    ByAdmin February 19, 2022

    हंसते खिलते फूल ( Hanste khilte phool )   हंसते खिलते फूल, कितने प्यारे लगते। हंसते गाते बच्चे भी, चांद सितारे लगते।   मुस्कानों के मोती देखो, खिले फूल गुलाब सा। खुशियां बरसे यहां, चमन प्यारे लगते।   मोहक महक प्यारी, मन में उमंग जागे। खिलते फूल दिलों के, सबसे न्यारे लगते।   सद्भाव प्रेम…

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  • Kavita ghar ka batwara
    कविताएँ

    घर का बटवारा | Kavita ghar ka batwara

    ByAdmin February 19, 2022

    घर का बटवारा ( Ghar ka batwara )   घर की चौखट दीवारें भी कांप उठी थी आज जाने किसकी नजर लगी बरस पड़ी थी गाज   घर के बंटवारे को लेकर अब बैठ गए सब भाई बाबूजी की पेंशन पर भी हिसाब जोडै पाई पाई   सारा आंगन थर्राया बहना का भी दिल भर…

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  • Kavita pratiggya
    कविताएँ

    प्रतिज्ञा | Kavita pratiggya

    ByAdmin February 19, 2022

    प्रतिज्ञा ( Pratiggya ) भीष्म प्रतिज्ञा की भीष्म ने महाभारत के काल में कौरव पांडव राज करे रहूं अविवाहित हर हाल में   जुए में हार गये पांडव दुशासन ने दुस्साहस किया प्रतिज्ञा द्रोपदी ने कर केशों को खुला छोड़ दिया   राष्ट्रप्रेम में देशभक्ति में देशभक्त प्रतिज्ञा करते हैं सार्वभौम सुरक्षा कर हुंकार वंदे…

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  • Poem tera intezaar
    कविताएँ

    तेरा इंतज़ार | Poem tera intezaar

    ByAdmin February 19, 2022

    तेरा इंतज़ार ( Tera intezaar )   आ गया मधुमास सुहाना, चलने लगी बयार। मोती बरसे प्रेम के, उमड़ रही रसधार। आ जाओ प्रियतम प्यारे, कुदरत ने किया श्रंगार। हमें तेरा इंतजार, हमें तेरा इंतजार।   दमक उठा मन का कोना, हृदय उमड़ता प्यार। फागुन का महीना आया, प्रीत भरा इजहार। होली के रंगों में…

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  • शासकीय ग्रंथालय में पहुंचा नया साहित्य
    साहित्यिक गतिविधि

    शासकीय ग्रंथालय में पहुंचा नया साहित्य

    ByAdmin February 19, 2022February 19, 2022

    शासकीय ग्रंथालय में पहुंचा नया साहित्य   पाठक मंच का पठनीयता को बढ़ाने महाअभियान छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की जिला इकाई पाठक मंच  (बुकक्लब) छिंदवाड़ा द्वारा पठन संस्कृति को विकसित करने के उद्देश्य से नगर के शासकीय ग्रंथालय छिंदवाड़ा में पुस्तकें भेंट की है ताकि अधिक से अधिक पाठक इन्हे पढ़ने का…

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  • Ghazal khushi ka zindagi par kab asar hai
    शेरो-शायरी

    ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है | Ghazal khushi ka zindagi par kab asar hai

    ByAdmin February 18, 2022February 18, 2022

    ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है ( Khushi ka zindagi par kab asar hai )     ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है ग़मों  में  कट  रहा  मेरा सफ़र है   सकूं फ़िर भी मिला मुझको न ग़म से ख़ुदा  से  की दुआ दिल से मगर है   करुं मैं फ़ोन पर ही…

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  • Geet sathi haath badhana
    कविताएँ

    साथी हाथ बढ़ाना | Geet sathi haath badhana

    ByAdmin February 17, 2022

    साथी हाथ बढ़ाना ( Sathi haath badhana )   प्रीत तुम्हारी मन को भाती, प्रीत जरा निभाना। साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना।   वृंदावन सा हृदय हो गया, गोकुल सा अफसाना। आंधी तूफां मुश्किलों का, सुख सागर बन जाना। बजे बांसुरी जब मोहन की, झूम झूमकर गाना। साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना।  …

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