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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem alvida sardi
    कविताएँ

    अलविदा सर्दी | Poem alvida sardi

    ByAdmin February 27, 2022

    अलविदा सर्दी (  Alvida sardi )     आ गया मधुमास सुहाना चली मस्त बयार सर्दी को अलविदा कहने लगे सब नर नार   फागुन महीना आ गया खिलने लगी धूप भी ठंड गायब हो गई कलियां खिली अनूप सी   धुंध कोहरा ओस सारे अब छोड़ चली पुरवाई खुशबू फैली बागानों में महक उठी…

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  • Poem yaad
    कविताएँ

    याद तेरी जब आती है | Poem yaad

    ByAdmin February 26, 2022

    याद तेरी जब आती है ( Yaad teri jab aati hai )   मन  के  जुड़ते  तार  सभी, दूरियां मिट जाती है। मधुर मधुर दुनिया लगती, याद तेरी जब आती है।   खुल जाता किस्मत ताला, सारी बातें उर भाती है। स्वर संगीत सुहाता लगता, याद तेरी जब आती है।   मधुर बरसता सावन लगता,…

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  • Ghazal be haya
    शेरो-शायरी

    बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे | Ghazal be haya

    ByAdmin February 26, 2022

    बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे ( Be haya phir shabab kyon utre )     बे हया फ़िर  शबाब क्यों उतरे शक्ल से ही हिजाब क्यों उतरे   जब जुबां है अदब भरी हर पल बेहया पर ज़नाब क्यों उतरे   है मना बिन हिजाब  के रहना फ़िर बे पर्दा गुलाब क्यों उतरे  …

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  • Ghazal khayal hoon main tere khwab ka
    शेरो-शायरी

    ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का | Ghazal Khayal Hoon Main

    ByAdmin February 26, 2022January 29, 2023

    ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का ( khayal hoon main tere khwab ka )   ख्याल हूँ मैं, तेरे ख्वाब का तसव्वुर से निकली तो हकीकत में उलझ न जाऊँ कहीं   अशआ’र तेरे , गज़ल हूँ मैं ज़हन से निकली तो पन्नों पर बिखर न जाउँ कहीं   नज़र तेरी, मंजर सुहाना हूँ मैं…

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  • Poem apna dharm batana hai
    कविताएँ

    अपना धर्म बताना है | Poem apna dharm batana hai

    ByAdmin February 25, 2022February 25, 2022

    अपना धर्म बताना है ( Apna dharm batana hai )   बुझी हुई चिंगारी है ये, फिर से इसमे आग भरो। याद करो इतिहास पुराना, और फिर से हुंकार भरो।   कोटि कोटि हिन्दू के मन में, धर्म के प्रति सम्मान भरो। दानव दल फिर प्रबल ना होए,तुम ऐसा प्रतिकार करो।   नही सहिष्णु हमें…

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  • रंग केसरिया छाया
    कविताएँ

    रंग केसरिया छाया | Poem rang kesariya chhaya

    ByAdmin February 25, 2022February 25, 2022

    रंग केसरिया छाया ( Rang kesariya chhaya )   हर हर महादेव स्वर गूंजे स्वर लहरियां लाया है भारत भू के खंड खंड में रंग केसरिया छाया है   तपोभूमि त्याग तपस्या तलवारों का है जोश जहां रणवीरों रणधीरों में भरा भारतमाता जयघोष यहां   वीर शिवाजी छत्रपति शूरमां महाराणा प्रताप यहां दानी कर्ण कृष्ण…

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  • श्रेष्ठ कीर्तियों पर पुरस्कार | शुभ समाचार
    साहित्यिक गतिविधि

    श्रेष्ठ कीर्तियों पर पुरस्कार | शुभ समाचार

    ByAdmin February 25, 2022February 25, 2022

      शुभ समाचार एक लाख रु के 52 सम्मान, इक्यावन हजार के 60 सम्मान और बोलियों पर 51 हजार के 12 सम्मान अर्थात कुल 124 सम्मान 88 लाख की राशि के एक लंबित कार्य को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण चरण। साहित्य अकादमी के कृति आधारित प्रत्येक वर्ष दिए जाने वाले सम्मान पुरस्कारों की…

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  • Poem dulaar
    कविताएँ

    दुलार | Poem dulaar

    ByAdmin February 25, 2022

    दुलार ( Dulaar )     नन्ना मुन्ना राजदुलारा, सबकी आंखों का तारा। आशाओं भरा सितारा, खुशियों का खजाना सारा।   खुशी की शुभ घड़ी आई, घर-घर बंट रही बधाई‌। दादी अम्मा को दुहाई, किलकारी सबके मन भाई। बधाई हो बधाई,बधाई हो बधाई।   नटखट बालक इठलाता, मोहक मोहक मुस्काता। कृष्ण कन्हैया सलोना, ठुमक ठुमक…

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  • Poem holi aayi re
    कविताएँ

    होली आई रे होली आई रे | Poem holi aayi re

    ByAdmin February 24, 2022

    होली आई रे, होली आई रे ( Holi aayi re, holi aayi re )   होळी आई रे सांवरिया खेलां फाग भरी होली आई रे, होली आई रे   रंग गुलाल अबीर लगावा चंदन तिलक बारी-बारी होली आई रे, होली आई रे   रंग रंगीलो फागण आयो, मस्ती भरर्यो माहौल हो छायो भर पिचकारी केसर…

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  • Holi ka huddang
    कविताएँ

    होली का हुड़दंग | Poem on holi in Hindi

    ByAdmin February 23, 2022

    होली का हुड़दंग ( Holi ka huddang )   होली में हुड़दंग मचाना, अच्छा लगता है। स्वर लहरी हो मस्ती भरी, गाना अच्छा लगता है।।   धमालों पर रसिया नाचे, स्वांग रचाते नर नारी। पिचकारी से इक दूजे को, रंग लगाना अच्छा लगता है।।   गौरी नित का काग उड़ाये, मेरो साजन कब घर आए।…

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