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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem on homeland in Hindi
    कविताएँ

    वतन पर कविता | Poem on homeland in Hindi

    ByAdmin January 28, 2022

    हँसता हुआ प्यारा ये वतन देख रहा हूँ ( Hansta hua pyara ye watan dekh raha hoon )     हँसता हुआ प्यारा ये वतन देख रहा हूँ ! खुशबू से मुअत्तर ये चमन देख रहा हूँ !!   इस बागवाँ ने ऐसा कुछ कमाल किया है हर दश्त में मैं खिलते सुमन देख रहा…

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  • Poem on Indian constitution in Hindi
    कविताएँ

    भारतीय संविधान पर कविता | Poem on Indian constitution in Hindi

    ByAdmin January 28, 2022November 1, 2022

    भारतीय संविधान को नमन करता हूं ( Bhartiya samvidhan ko naman karta hoon )   गणतंत्र का वंदन करता चले लोकतंत्र सरकार भारतीय संविधान को नमन करता हूं बारंबार   सर्वधर्म समभाव एकता संप्रभुता संविधान हर नागरिक भाग्य विधाता शील राष्ट्र विधान   न्याय व्यवस्था कार्यप्रणाली अनूठी और बेजोड़ हर दोषी को दंड मिले कानून…

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  • Basant kavita
    कविताएँ

    बसंत | Basant kavita

    ByAdmin January 27, 2022

    बसंत ( Basant )   चंचल मन हिलोरे लेता, उमंग भरी बागानों में। पीली सरसों ओढ़े वसुंधरा, सज रही परिधानों में ।   मादक गंध सुवासित हो, बहती मधुर बयार यहां। मधुकर गुंजन पुष्प खिले, बसंत की बहार यहां ।   गांव गांव चौपालों पर, मधुर बज रही शहनाई है। अलगोजों पर झूम के नाचे,…

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  • साथ चलो | Kavita saath chalo
    कविताएँ

    साथ चलो | Kavita saath chalo

    ByAdmin January 27, 2022

    साथ चलो ( Saath chalo )   हर हर हर हर महादेव के, नारे के संग साथ चलो। गंगा के गोमुख से लेकर, गंगा सागर तक साथ चलो।   काशी मथुरा और अयोध्या, तक निनाद का जाप करो। जबतक भारत पूर्ण समागम,ना हो तब तक साथ चलो।   काश्मीर अपनी है पर, गिलगित और गारों…

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  • Nasihaten chhand
    छंद

    नसीहतें | Nasihaten Chhand

    ByAdmin January 27, 2022January 30, 2023

    नसीहतें ( Nasihaten )     नसीहतें मां-बाप की सुन लेना एक बार जिंदगी सुधर जाए एतबार कीजिए   भला चाहते आपका अपने ही देते सीख बड़ों की नसीहतों को सम्मान दीजिए   नसीहतें ना दीजिए कर्म भी जग में करे हुनर दिखला कर खूब यश लीजिए   जिंदगी की जंग में भी हौसला रखना…

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  • hridayangan rangarang programme
    साहित्यिक गतिविधि

    रूपाली डोले के संचालन में सजा हृदयांगन संस्था मुंबई का रंगारंग कार्यक्रम

    ByAdmin January 27, 2022

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर सजी बच्चो और किशोरो की महफिल गूगल मीट पर ।। ढाई घंटे चले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाली देहरादून से आदरणीया डा0 विद्युत प्रभा चतुर्वेदी मंजू जी ने एवं कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी इंदौर से रूपाली जी डोले ने ।। संस्था ने उन्हे *हृदयांगन उत्कृष्ट मंच संयोजिका सम्मान 2022…

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  • Geet o bharti maa
    कविताएँ

    ओ भारति माॅं! ओ प्यारी माॅं! | Geet

    ByAdmin January 26, 2022

    ओ भारति माॅं! ओ प्यारी माॅं! ( O Bharati maan  O pyari maan )     ओ भारति माॅं ! ओ प्यारी माॅं !! हम  तुझ पर  हैं  बलिहारी माॅं! तू  हमको  सब  से  प्यारी माॅं !! हम तेरा पूजन करते हैं , हे करुणामयि उपकारी माॅं !! ओ भारति माॅं  ! ओ प्यारी माॅं …

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  • Paawan tirth dham lohargal
    कविताएँ

    पावन तीर्थ धाम लोहार्गल | Kavita

    ByAdmin January 26, 2022

    पावन तीर्थ धाम लोहार्गल ( Paawan tirth dham lohargal )     सुरम्य वादियों बीच में बसा लोहार्गल तीर्थ धाम अरावली पर्वतमालाये बहता सूर्यकुंड अविराम   शेखावाटी का हरिद्वार जन मन जगाता है विश्वास श्रावण में सब कावड़ लाते शिव पूजे जाते खास   सूर्य मंदिर संग पुरातन पांचो पांडव मंदिर जहां अस्त्र-शस्त्र विसर्जित किये…

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  • Tum zara thehro
    शेरो-शायरी

    तुम जरा ठहरो | Tum zara thehro

    ByAdmin January 26, 2022

    तुम जरा ठहरो ( Tum zara thehro )     तुम  जरा  ठहरो  मुझे  कुछ, और  बाते  करनी  है। दरमियान  जो  फासलें है, उसको मुझको भरनी है।   एक बार बस सुन तो लो तुम,मुझको जो कहना है वो, खत्म  होती  सी  कहानी, मुझको फिर से लिखनी है।   किसकी गलती थी यहाँ और,किसकी रस्म…

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  • Azadi ke tarane kavita
    कविताएँ

    आजादी के तराने | Azadi ke tarane kavita

    ByAdmin January 26, 2022

    आजादी के तराने ( Azadi ke tarane )     क्रांतिकाल में लड़ी वीरों ने आजादी की लड़ाई थी भारत माता के चरणों में प्राणों की भेंट चढ़ाई थी   हंसते-हंसते झूल गये फांसी के फंदे चूमे थे आजादी के परवाने बस देश प्रेम को झूमे थे   रणभूमि में कूद पड़े रणवीर जौहर दिखलाने…

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