Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • pathak manch ki goshti
    साहित्यिक गतिविधि

    नेताजी को याद कर किया शब्द सुमन अर्पित

    ByAdmin January 22, 2022

    पाठक मंच की गोष्ठी में कवियों ने बांधा समां छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की जिला इकाई पाठक मंच (बुक क्लब ) छिंदवाड़ा द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कौशल किशोर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एकदा भारतवर्षे पुस्तक पर परिचर्चा व काव्य गोष्ठि का आयोजन छोटा…

    Read More नेताजी को याद कर किया शब्द सुमन अर्पितContinue

  • Shahar se e yaar lauta gaon mein
    शेरो-शायरी

    शहर से ए यार लौटा गांव में | Ghazal

    ByAdmin January 22, 2022

    शहर से ए यार लौटा गांव में ( Shahar se e yaar lauta gaon mein )     शहर से  ए यार लौटा गांव में देखो अपने चैन मिलता गांव में   छोड़ दी गलियां नगर की इसलिए रिश्ता नाता गहरा अपना गांव में   सोचता हूँ मैं मिलूँ उससे चलो एक अपना दोस्त रहता…

    Read More शहर से ए यार लौटा गांव में | GhazalContinue

  • Importance of hard work essay in Hindi
    निबंध

    निबंध : परिश्रम का महत्व | Importance of hard work essay in Hindi

    ByAdmin January 22, 2022December 12, 2022

    परिश्रम का महत्व ( Importance of hard work : Hindi Essay )   परिश्रम ही सफलता की कुंजी होती है। बिना परिश्रम के सफलता हासिल नहीं की जा सकती। जिंदगी में तरक्की करने के लिए एक मुकाम हासिल करने के लिए हर इंसान को परिश्रम जरूर करना पड़ता है। भगवान ने परिश्रम करने का गुण…

    Read More निबंध : परिश्रम का महत्व | Importance of hard work essay in HindiContinue

  • आ रही है रोज़ यादें ख़ूब है !
    शेरो-शायरी

    आ रही है रोज यादें खूब है | Yaad aap ki shayari

    ByAdmin January 21, 2022January 21, 2022

    आ रही है रोज यादें खूब है ( Aa rahi hai roj yaadein khoob hai ) आ रही है रोज़ यादें ख़ूब है ! रोज़ भीगी यार आँखें ख़ूब है   घर नहीं आया वो वादा करके भी देखी उसकी रोज़ राहें ख़ूब है   भूलकर नाराज़गी दिल से सभी फ़ोन पर उसनें की बातें…

    Read More आ रही है रोज यादें खूब है | Yaad aap ki shayariContinue

  • Khwab aur khwahishon ke kaidee
    छंद

    ख्वाब और ख्वाहिशों के कैदी | Chhand

    ByAdmin January 21, 2022October 12, 2022

    ख्वाब और ख्वाहिशों के कैदी ( Khwab aur khwahishon ke kaidee )   विधा मनहरण घनाक्षरी   ख्वाबों खयालों में तुम, समय मत गंवाओ। हुनर प्रतिभा दिखा, सफलता पाईये।   स्वप्न सजाकर कोई, ख्वाहिशों के कैदी बने। हकीकत की धरा पे, संभल के जाइए।   तमन्ना और ख्वाहिशों, के जाल बुनते रहे। सपने सुरीले कोई,…

    Read More ख्वाब और ख्वाहिशों के कैदी | ChhandContinue

  • Mahadaan kavita
    कविताएँ

    महादान | Mahadaan kavita

    ByAdmin January 21, 2022

    महादान ( Mahadaan )   शैनेः  शैनेः  बढो  सनातन,  हिन्दू अपने शान मे। सवा रूपईया दान करो तुम,मन्दिर के निर्माण में।   इक पत्थर ही लगवा देना,रामलला के धाम में। जैसे इक नन्ही सी गिलहरी,राम सेतु निर्माण मे।   देने वाले ईश्वर है तो, भक्ति भाव गर्वित कर लो। जन्म सुधर जाएगा तेरा,जीवन की अर्पित…

    Read More महादान | Mahadaan kavitaContinue

  • Gustakh poetry
    शेरो-शायरी

    मेरा सुकुं | Gustakh poetry

    ByAdmin January 20, 2022January 20, 2022

    मेरा सुकुं ( Mera sukoon )     मेरा  सुकुं  ओ  नींद  भी  मेरी उड़ाई है जबसे जवानी , टूट के जो तुझपे आई है   शोला बदन को देख के , गुलशन हुआ हैरां बूटे  भी  खिले  ,  आग ये कैसी लगाई है   यूं ही नहीं , गुलाब हुआ सुर्ख रू जालिम आरिज…

    Read More मेरा सुकुं | Gustakh poetryContinue

  • Karen phir gulshan ko gulzar
    कविताएँ

    करें फिर गुलशन को गुलजार | Geet

    ByAdmin January 20, 2022

    करें फिर गुलशन को गुलजार ( Karen phir gulshan ko gulzar )   जीवन में आती रहे बहार खिल उठे सपनों का संसार झूमे नाचे ओ मेरे यार करें फिर गुलशन को गुलजार करें फिर गुलशन……..   कदम कदम पर प्यार के मोती  चले बांटते राहों में प्रेम की गंगा बहाते सारे शहरों और गांवों…

    Read More करें फिर गुलशन को गुलजार | GeetContinue

  • Ek aisi mohabbat
    शेरो-शायरी

    एक ऐसी मोहब्बत | Ek aisi mohabbat | Poem in Hindi

    ByAdmin January 20, 2022

    एक ऐसी मोहब्बत ( Ek aisi mohabbat )     एक ऐसी मोहब्बत किये जा रहे है, अकेले ही हर ग़म सहे जा रहे है।   नही कोई शिकवा नही है शिकायत, हम अपने दरद को सहे जा रहे है।   नही कुछ कहेगे तेरा नाम लेकर, वफा या ज़फा ये हमारा करम है।  …

    Read More एक ऐसी मोहब्बत | Ek aisi mohabbat | Poem in HindiContinue

  • Isliye phool bheja nahi pyar ka
    शेरो-शायरी

    इसलिए फ़ूल भेजा नहीं प्यार का | Ghazal

    ByAdmin January 19, 2022

    इसलिए फ़ूल भेजा नहीं प्यार का! ( Isliye phool bheja nahi pyar ka )     इसलिए फ़ूल भेजा नहीं प्यार का! है फ़रेबी भरा ख़ूब दिल  यार का   इसलिए ख़त लिख पाया नहीं हूँ उसे बेवफ़ा दिल है उस यार दिलदार का   रिश्ता रखना है तो रख वरना तोड़ दें यूं नहीं…

    Read More इसलिए फ़ूल भेजा नहीं प्यार का | GhazalContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 640 641 642 643 644 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search