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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal ulfat mein
    शेरो-शायरी

    उल्फ़त में | Ghazal ulfat mein

    ByAdmin December 27, 2021December 27, 2021

    उल्फ़त में ( Ulfat mein )   उल्फ़त में  ऐ यार किसी की ऐसा लूटे है क्या हाल सुनाये इतना अंदर से टूटे है   क्या है तेरा मेरा रिश्ता समझें क्या तुझको ख़्वाबों से तेरे रोज़ सनम हम महके है   जो चाहे हम हल हो पाता काम नहीं कोई दौड़े है बद क़िस्मत…

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  • Ye mohabbat ki duniya
    कविताएँ

    ये मोहब्बत की दुनिया | Ye mohabbat ki duniya

    ByAdmin December 26, 2021

    ये मोहब्बत की दुनिया ( Ye mohabbat ki duniya )   सोनू रब से मुझे कुछ भी नहीं बस तेरी मोहब्बत चाहिए मेरे बुझे हुए  दिल में तुमने मोहब्बत के दीप को जलाया भावनाओं को भरकर अपनी मोहब्बत का जादू चलाया मोहब्बत में मैंने सब हारना चाहा मगर सब कुछ है पाया   तुम मोहब्बत…

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  • Tanha raatein
    कविताएँ

    तन्हा रातें | Tanha Raatein

    ByAdmin December 26, 2021December 30, 2023

    तन्हा रातें ( Tanha raatein )   जाड़े की ठिठुरती तन्हा रातें कोहरे में लिपटे जर्द होते जिस्म और बर्फ  होते रिश्तों को पिघलाने के लिये काफी हैं कुछ तेरी कुछ मेरी चंद गरम सांसें या फिर . . . . साथ गुजारे पलों की यादों की तपिश.. लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब…

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  • Ghazal samundar khumar ka
    शेरो-शायरी

    समुन्दर खुमार का | Ghazal samundar khumar ka

    ByAdmin December 26, 2021

    समुन्दर खुमार का ( Samundar khumar ka )   पलकों पे छुपा है जैसे कुछ,समुन्दर खुमार का। कितना अजब नशा है दिलवर के, इन्तजार का।   ख्वाबों में माँगते है हर पल, मन्नत दीदार का। उनपे भी कुछ असर हो जाए, मेरे प्यार का।   बढती ही जा रही है उसके, चाहत का ये सरूर।…

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  • Renewable energy
    निबंध

    निबंध : भविष्य के लिए अक्षय ऊर्जा विकास और चुनौतियां | Essay in Hindi

    ByAdmin December 26, 2021

    निबंध : भविष्य के लिए अक्षय ऊर्जा विकास और चुनौतियां (Renewable energy development and challenges for the future: Hindi Essay)   प्रस्तावना : भारत में तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या के भरण पोषण और सुख सुविधाओं के लिए संसाधनों का तेजी से खपत हो रहा है। इससे पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर समस्याएं…

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  • Kavita uthe jab kalam koi
    कविताएँ

    उठे जब कलम कोई | Kavita uthe jab kalam koi

    ByAdmin December 25, 2021

    उठे जब कलम कोई ( Uthe jab kalam koi )   उठे जब कलम कोई सिंहासन डोल जाता है सोया सारा धीरज जनता का बोल जाता है   सड़के  पूल  को निगले वो दिग्गज बड़े भारी चंद चांदी के सिक्कों में कुर्सियां खरीदते सारी   राज काली करतूतों का भांडा फूट जाता है उठे जब…

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  • कवि अटल को "अटल काव्यांजलि"
    साहित्यिक गतिविधि

    कवि अटल को “अटल काव्यांजलि”

    ByAdmin December 25, 2021December 25, 2021

    “जिंदगी मृत्यु से हारी है पर कर्मों से जो जीता वह अटल बिहारी है” प्राण का, मोह  ना, था सभी  जान लो,                  देश के, लाल  को, आज  पहचान लो             कवि अटल को “अटल काव्यांजलि”   छिंदवाड़ा – भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री कभी हृदय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिवस 25 दिसंबर को…

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  • Ghazal dada ji
    शेरो-शायरी

    दादा जी | Dada ji par Shayari

    ByAdmin December 25, 2021February 4, 2023

    दादा जी ( Dada JI )   यहां तो दादा जी रकीब है नहीं कोई अपना हबीब है   रवानी ख़ुशी की कैसे हो फ़िर ख़ुशी जिंदगी से सलीब है   घरों में  हुये लोग कैद सब चला कैसा मौसम अजीब है   कैसे लें आटा दाल यूं महंगा दादा जी बड़े हम ग़रीब है…

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  • Dil se jaye nahi pyar main kya karoon
    शेरो-शायरी

    दिल से जाये नहीं प्यार मैं क्या करुं | Ghazal

    ByAdmin December 25, 2021December 25, 2021

    दिल से जाये नहीं प्यार मैं क्या करुं ( Dil se jaye nahi pyar main kya karoon )     दिल से जाये नहीं प्यार मैं क्या करुं हिज्र  में  तेरे  अब यार मैं क्या करुं   भूलने की तुझे कोशिका की तमाम भूल पाऊं न दिलदार मैं क्या करुं   इंतिहां हो गयी  है…

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  • Mujhko meri zameen pe rehne do
    शेरो-शायरी

    मुझको मेरी ज़मीं पे रहने दो | Ghazal

    ByAdmin December 25, 2021

    मुझको मेरी ज़मीं पे रहने दो ( Mujhko meri zameen pe rehne do )     ‘हाँ मैं हूँ’ इस यकीं पे रहने दो। मुझको मेरी ज़मीं पे रहने दो।   पोछ लो अपने आस्ताँ का लहू, दाग़ मेरी जबीं पे रहने दो।   तेरी यादों से ही उजाला है, चाँद को अब वहीं पे…

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