Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Dard ghazal
    शेरो-शायरी

    दर्द इतने मिले जिंदगी से | Dard ghazal

    ByAdmin December 10, 2021

    दर्द इतने मिले जिंदगी से ( Dard itne mile zindagi se )   दर्द इतने मिले जिंदगी से दूर हम हो गये ख़ुशी से   प्यार से ही गले मिल आकर तू दिल दुखता है तेरी बेरुख़ी से   कर दें रब जीस्त मेरी अमीरी जिंदगी है भरी मुफ़लिसी से   लौट आ शहर से…

    Read More दर्द इतने मिले जिंदगी से | Dard ghazalContinue

  • Manharan ghanakshari chhand
    छंद

    अहसास | Ahsas par Chhand

    ByAdmin December 10, 2021February 4, 2023

    अहसास ( Ahsas )   सुहाना अहसास हो, मेरे दिल के पास हो। लगता कोई खास हो, मन मीत आइए।   मधुर संगीत कोई, तराना हो प्यार भरा। जिंदगी के सफर में, सदा मुस्कुराइए।   महकती बयार हो, अहसास खुशियों का। मधुर मुस्कान कोई, लबों पर लाइए।   सावन बरसता हो, या तुम घटाएं काली,…

    Read More अहसास | Ahsas par ChhandContinue

  • Darakht kulhari
    कविताएँ

    दरख़्त कुल्हाड़ी | Kavita

    ByAdmin December 9, 2021

    दरख़्त कुल्हाड़ी ( Darakht kulhari )     बूढ़ा दरख़्त बोल पड़ा कुल्हाड़ी कहर बहुत ढहाती बिन लकड़ी के तू भी व्यर्थ चोट नहीं पहुंचा पाती   जिस लोहे की बनी हुई वह भी तो चोटे सहता है अपना ही जब चोट करें तो दर्द भयंकर रहता है   बिन हत्थे के तू कुल्हाड़ी चल…

    Read More दरख़्त कुल्हाड़ी | KavitaContinue

  • Deewana ghazal
    शेरो-शायरी

    दिल को करे दीवाना | Deewana Ghazal

    ByAdmin December 9, 2021February 4, 2023

    दिल को करे दीवाना ( Dil ko kare deewana  )   दिल को करे दीवाना तेरा हौले  से  मुस्काना  तेरा   दिल को भाये तेरी अदाएं देख मुझे शरमाना तेरा   उस रस्ते को देखूँ दिनभर जिस रस्ते से आना तेरा   लड़कर तुझसे रूठ गया हूँ दिल से रिश्ता माना तेरा   याद तुझे…

    Read More दिल को करे दीवाना | Deewana GhazalContinue

  • Ram vivah kavita
    कविताएँ

    राम विवाह | Ram vivah kavita

    ByAdmin December 8, 2021

    राम विवाह ( Ram vivah : kavita )   टूट चुका धनुष शिव का तोड़े रामचंद्र अवतारी है सीताजी का हुआ स्वयंवर हर्षित दुनिया सारी है   देश देश से राजा आए दरबार भर गया सारा था धनुष उठा सके नहीं जो शिव शक्ति से भारी था   विश्वामित्र कहे राम से सब जनक राज…

    Read More राम विवाह | Ram vivah kavitaContinue

  • Kalam bolti hai kavita
    कविताएँ

    कलम बोलती है | Kalam bolti hai kavita

    ByAdmin December 8, 2021December 8, 2021

    कलम बोलती है ( Kalam bolti hai )   कलम बोलती है कलम बोलती है पूरा तोलती है पूरा तोलती है   गूंज उठती है मंचों पर प्यारी सी रसधार बने गीत गजल छंद मधुर महकती बयार बने   बुलंद होती मुखर वाणी कुर्सियां डोलती है कलम बोलती है कलम बोलती है   कांपते हैं…

    Read More कलम बोलती है | Kalam bolti hai kavitaContinue

  • Hum to bache hai
    शेरो-शायरी

    करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है | Hum to bache hai

    ByAdmin December 8, 2021

    करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है ( Karte roz shararat hum to bache hai )     करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है दिल से ही हम तो ए लोगों सच्चे है   न बुरायी करते दोस्त किसी की भी यें बच्चें दिल के होते इतने अच्छे है   बोले बच्चें न किसी…

    Read More करते रोज़ शरारत हम तो बच्चें है | Hum to bache haiContinue

  • Kale badal kavita
    कविताएँ

    काले बादल | Kale badal kavita

    ByAdmin December 7, 2021

    काले बादल ( Kale badal )   घिर आये सब बादल काले ठंडी ठंडी बूंदों वाले ताल तलैया सब भर जाओ मेघ तुम घटाओ वाले   चहक उठे चमन सारे प्रेम की बहती हो बहारें खेतों में हरियाली छाई खूब बरसो मेघा प्यारे   अधरों पर मुस्कान देकर बूंदों से तन मन भिगोकर मन मयूरा…

    Read More काले बादल | Kale badal kavitaContinue

  • Abhilasha kavita
    कविताएँ

    अभिलाषा | Abhilasha kavita

    ByAdmin December 7, 2021December 7, 2021

    “अभिलाषा” ( Abhilasha )   चाह बहुत  मनमंदिर मे भारत वीरो का गान करूं  उनकी त्याग तपस्या का सदा मान सम्मान करूं    श्रद्धा सुमन से ईश्वर की निसादिन करूं मैं पूजा  भक्ति भाव में जो सुख पाऊं और कहां है दूजा   दिल मे ईच्छा गुरु चरणों में बना रहे मेरा ध्यान शून्य ह्रदय…

    Read More अभिलाषा | Abhilasha kavitaContinue

  • Essay in Hindi : Communal Harmony
    निबंध

    निबंध – साम्प्रदायिक सद्भाव भारत की मूल पहचान | Essay in Hindi

    ByAdmin December 7, 2021December 7, 2021

    निबंध – साम्प्रदायिक सद्भाव भारत की मूल पहचान ( Essay in Hindi : Communal Harmony Basic Identity of India )   प्रस्तावना – किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सांप्रदायिक सद्भाव का होना बेहद जरूरी माना जाता है। विभिन्न संप्रदायों के आपस में लड़ने से राष्ट्र कमजोर होने लगता है। सांप्रदायिक विदेश से सामाजिक…

    Read More निबंध – साम्प्रदायिक सद्भाव भारत की मूल पहचान | Essay in HindiContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 648 649 650 651 652 … 833 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search