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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Karwa Chauth kavita 2021
    कविताएँ

    करवा चौथ | Karwa Chauth kavita

    ByAdmin October 23, 2021October 18, 2024

    करवा चौथ ( Karwa Chauth ) ( 3 )  मेरे जीवन की चांदनी, तुझको लगता हूं चंद्र प्रिये। रोम रोम में स्नेह रश्मियां, भीगी सुधारस रंध्र प्रिये। दिल से दिल के तार जुड़े, सुरों का संगम भावन हो। मैं मनमौजी बादल हूं, तुम मधुर बरसता सावन हो। सौम्य सुधा सुधाकर पाओ, करती हो उपवास प्रिये।…

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  • Heart touching emotional shayari
    शेरो-शायरी

    Heart Touching Emotional Sad Shayari in Hindi (Ghazals)

    ByAdmin October 23, 2021November 6, 2022

    कहूँ कैसे कि दिल घायल नहीं है ( Kahoon kaise ki dil ghayal nahin hai )   कहूँ कैसे कि दिल घायल नहीं है यहाँ  कोई ख़ुशी का पल नहीं है   किसानों  की  निगाहें रो रही है फ़लक पे दूर तक बादल नहीं है   बहुत मांगी दुआये भी ख़ुदा से कोई भी  काम…

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  • साक्ष्य
    व्यंग्य

    साक्ष्य | Hindi Vyang

    ByAdmin October 21, 2021

    साक्ष्य ( Sakshya : Hindi Vyang ) महाराज दुष्यंत के युग में वही विधायिका थे, वही कार्यपालिका थे एवं वही न्यायपालिका थे। इस व्यवस्था के कई लाभ थे। अपराधो को अधिवक्ता नियुक्त नहीं करना पड़ता था।, प्रकरण पीड़ियों नहीं चलता था। व्यवस्था ही एक पीढ़ी की थी तो प्रकरण पीढ़ियों कैसे चलता? और मानवीय न्यायालय…

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  • Jatayu raj kavita
    कविताएँ

    जटायु राज | Kavita

    ByAdmin October 21, 2021

    जटायु राज ( Jatayu raj )   रावण मारीच को संग ले पंचवटी में जाता है मायावी बाबाजी बनकर सीता हर के लाता है   कोई प्राण बचा लो मेरे मेरी करूण पुकार सुनो आकर रक्षा करो हमारी धरा गगन जहान सुनो   स्वर सुन सीता माता का पक्षी राज जटायु आया रे दुष्ट क्या…

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  • Main Nari Hoon Kavita
    कविताएँ

    मै नारी हूँ | Main Nari Hoon Kavita

    ByAdmin October 21, 2021February 4, 2024

    मै नारी हूँ ( Main nari hoon : Poem on nari ) ( 2 ) पुरुषों के समाज में अबला कहलाने वाली बेचारी हूं, सब कुछ सहकर चुपचाप आंसू बहाने वाली मैं नारी हूं। पुरुष को जन्म देने से मरण तक देती हूं साथ पुरुष का, उस वक्त भी होती जरूरी प्रदर्शन होता जब पौरुष…

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  • Zindagi Shayari
    शेरो-शायरी

    जिंदगी को मगर कब ख़ुशी मिल रही | Zindagi Shayari

    ByAdmin October 21, 2021

    जिंदगी को मगर कब ख़ुशी मिल रही ( Zindagi ko magar kab khushi mil rahi )     जिंदगी को मगर कब ख़ुशी मिल रही रोज़ ही ग़म भरी चांदनी मिल रही   मिल रही है दग़ा की रवानी मुझे बावफ़ा कब भरी दोस्ती मिल रही   हम सफ़र तो बना ही नहीं कोई भी…

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  • Sharad Purnima Kavita
    कविताएँ

    शरद पूर्णिमा | Sharad Purnima Kavita

    ByAdmin October 20, 2021October 17, 2024

    शरद पूर्णिमा ( Sharad purnima poems in Hindi ) ( 5 ) नदियों बहती मीठी सुरभित धार, चाँद की छवि में बसा है संसार। शरद की पूर्णिमा का सिर्फ सार छलके प्रेम का अद्भुत त्यौहार। खुशियों की बौछार, मन में उमंग, शरद की पूर्णिमा है मौसम की तरंग। प्रकृति की गोद में सब कुछ है…

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  • Child Labor Hindi essay
    निबंध

    भारत में बाल श्रम कारण एवं उन्मूलन हेतु सरकारी प्रयास | Essay in Hindi on causes of child labor

    ByAdmin October 20, 2021December 4, 2022

    निबंध : भारत में बाल श्रम कारण एवं उन्मूलन हेतु सरकारी प्रयास ( Causes of child labor and efforts for eradication by government of India)   प्रस्तावना ( Preface ) :- बाल श्रम और बाल व्यापार भारत में आज के दिन में एक बड़ी समस्या है। भुखमरी, गरीबी, बाल श्रम और बाल व्यापार का एक प्रमुख कारण…

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  • रण में केशव आ जाओ
    कविताएँ

    रण में केशव आ जाओ | Kavita

    ByAdmin October 20, 2021

    रण में केशव आ जाओ ( Ran mein keshav aa jao )   चक्र सुदर्शन धारण करके अब रण में केशब आ जाओ जग सारा लड़ रहा अरि से विजय पताका जग फहरावो   साहस संबल भरके उर में जन जन का कल्याण करो सब  को  जीवन  देने वाले माधव  सबके  कष्ट  हरो   हर…

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  • उठो पार्थ
    कविताएँ

    उठो पार्थ | Geeta Saar Kavita

    ByAdmin October 20, 2021

    उठो पार्थ ( Utho parth : Geeta Saar ) उठो पार्थ अब बाण उठाओ,पापी का संघार करो। धर्म धार कर कुन्ती नन्दन, पुनः धर्म आधार धरो।   चढा प्रत्यचा गाण्डीव पे तुम,रक्त बीज निसताप करो, मोह त्याग कर शस्त्र उठाओ,भारत का संताप हरो।   याद करो तुम द्रुपद सुता के,खुले केश अंगार नयन। वस्त्रहरण का…

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