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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • दिल की ज़मीं पर
    शेरो-शायरी

    दिल की ज़मीं पर | Ghazal Dil ki Zameen par

    ByAdmin October 7, 2021February 6, 2023

    दिल की ज़मीं पर ( Dil ki zameen par )     दिल की ज़मीं पर अरमानों की छत डाल ख्वाबों का बिछौना दिया तो था  तुम्हें बादलों सा उड़ना हवाओं सा रवां पानियों सा बहना रास था मैं बाँध न पाई बोटी बोटी सी जो कट चुकी थी तिनका तिनका जुटाने में   लेखिका…

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  • उनकी समझ में थे बहुत से
    शेरो-शायरी

    उनकी समझ में थे बहुत से | Ghazal

    ByAdmin October 6, 2021October 6, 2021

    उनकी समझ में थे बहुत से ( Unki samajh mein the bahut se )   उनकी समझ में थे  बहुत से  दोस्त और यार अब गिन रहे  कितने बचे हैं  और गमगुसार !!   कासिद ने खत के साथ ही मजमून भी दिया जैसे कि  म्यान से  अलग  से दे  कोई कटार !!   उस …

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  • महालया
    निबंध

    महालया | Mahalaya Essay in Hindi

    ByAdmin October 6, 2021

    महालया ( Mahalaya :  Essay in Hindi )   पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक दुर्गा पूजा का आरंभ महालय के बाद ही होता है। महालया, बंगाल में दुर्गा पूजा में महालया का विशेष महत्व होता है, महालया के दिन से ही दुर्गा पूजा की शुरुआत हो जाती है। मां दुर्गा में आस्था रखने वाले बंगाल के…

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  • अग्नि शेखर के काव्य संग्रह "जलता हुआ पुल" पर परिचर्चा
    साहित्यिक गतिविधि

    अग्नि शेखर के काव्य संग्रह “जलता हुआ पुल” पर परिचर्चा

    ByAdmin October 5, 2021September 24, 2024

    छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की जिला इकाई पाठक मंच बुक क्लब छिंदवाड़ा द्वारा कवि अग्नि शेखर के “जलता हुआ पुल” ज्योतिपर्व प्रकाशन से प्रकाशित काव्य संग्रह पर परिचर्चा कराई गई परिचर्चा के दौरान काव्य कृति पर वरिष्ठ पाठकों सहित युवा पाठक ने अपने विचार व्यक्त किए ! विशाल शुक्ल छिदवाड़ा – “जलता…

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  • वक्त की आवाज
    कविताएँ

    वक्त की आवाज | Samay Geet

    ByAdmin October 5, 2021

    वक्त की आवाज ( Waqt ki awaz hai ye : Geet )   वक्त  की  आवाज है ये, समय की पुकार भी। तोड़े नियम सृष्टि के, नर कर लो स्वीकार भी।   चीरकर पर्वत सुरंगे, सड़के बिछा दी सारी। वृक्ष विहिन धरा हुई, बरसी भीषण बीमारी।   कहर कुदरत का बरसा, तिरोहित हुआ प्यार भी।…

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  • मनोज सिंह के उपन्यास "मैं आर्यपुत्र हूँ" पर परिचर्चा
    साहित्यिक गतिविधि

    साहित्यिक गतिविधि | मनोज सिंह के उपन्यास “मैं आर्यपुत्र हूँ” पर परिचर्चा

    ByAdmin October 5, 2021

    छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की जिला इकाई पाठक मंच बुक क्लब छिंदवाड़ा द्वारा लेखक मनोज सिंह प्रभात लोग प्रकाशन से प्रकाशित उपन्यास मैं आर्यपुत्र हूं पर परिचर्चा कराई गई परिचर्चा के दौरान कृति पर वरिष्ठ पाठकों सहित युवा पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त किए ! हरिओम माहोरे छिंदवाड़ा – “मैं आर्यपुत्र…

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  • Attitude Shayari
    ग़ज़ल

    छोड़ो गुस्सा प्यार से भी मुस्कुराया कीजिए | Attitude Shayari

    ByAdmin October 5, 2021September 27, 2024

    छोड़ो गुस्सा प्यार से भी मुस्कुराया कीजिए ( Chhodo gussa pyar se bhi muskuraya kijiye ) छोड़ो गुस्सा प्यार से भी मुस्कुराया कीजिए रोज़ होठों पे ग़ज़ल भी गुनगुनाया कीजिए प्यार बढ़ता है दिलों में पूछने से देखो भी हाल दिल का भी कभी तो ये सुनाया  कीजिए दोस्ती में प्यार की ख़ुशबू हमेशा रहती…

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  • Vyang
    व्यंग्य

    प्रसन्नता का कारण | Vyang

    ByAdmin October 4, 2021October 4, 2021

    प्रसन्नता का कारण ( Prasannata ka karan : Vyang ) प्रधानमंत्री एक विदेश से वापिस आये थे और दूसरे विदेश जाने की तैयारी में थे । इसी बीच उन्होने मंत्री मंडल की कक्षा ले ली । इस मंत्री मंडल में अपनी पार्टी और परायी पार्टी के मंत्री कुत्तों समेत शामिल थे इन कक्षाओं से मंत्री…

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  • समय बड़ा बलवान
    कविताएँ

    समय बड़ा बलवान | Samay poem

    ByAdmin October 4, 2021

    समय बड़ा बलवान ( Samay bada balwan )   वक्त वक्त की बात है, समय समय का फेर, विफलता हाथ लगे, हो जाती जब देर।   वक्त रहते संभल जा, पढ़े समय की मार, फूंक-फूंक कर रखे, कदम घर के बाहर।   वक्त सभी का आता, कालचक्र का खेल, जंग जीतता वही, कष्ट जो लेता…

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  • Tumhari khushi ke khatir
    कहानियां

    तुम्हारी खुशी की खातिर | Hindi Kahani | Hindi Story

    ByAdmin October 3, 2021May 22, 2022

    तुम्हारी खुशी की खातिर ( Tumhari khushi ke khatir )   अदनान आज समुंद्र की सैर को निकाला, उसका दिल चाह रहा था कि आज वह समुद्र की ठंडी हवा खाए, इसीलिए वह अपनी बाइक पर समुद्र की जानिब निकल पड़ा। साथ ही उसने अपने पीछे अपने पांच साल के भतीजे शाजर को भी बिठाया।…

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