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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु
    कविताएँ

    गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु | Teacher’s Day Par Kavita

    ByAdmin September 5, 2021

    गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु ( Gurur Brahma Gurur Vishnu )   जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है अपने शिक्षक सभी याद आते हैं माँ मेरी प्रथम शिक्षिका है मेरी जीवन की वही रचियेता है पिता से धेर्य सीखा और सीखी स्थिरता चुपचाप जिम्मेदारी वहन करना और मधुरता दादी दादा नानी नाना से सीखा मिलजुल…

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  • गुरु कुम्हार
    कविताएँ

    गुरु कुम्हार | Kavita

    ByAdmin September 5, 2021September 26, 2021

    गुरु कुम्हार ( Guru kumhar )   गुरु कुम्हार शिष् कुंभ है गढ़ी गढ़ी कांठै खोट। अंतर हाथ सहार दे बाहर बाहे चोट। हर लेते हो दुख सारे खुशियों के फसल उगाते हो। अ से अनपढ़ ज्ञ से ज्ञानी बनाते हो। चांद पर पैर रखने की शिक्षा भली-भांति दे जाते हो। नेता, अभिनेता, डॉक्टर, इंजीनियर,…

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  • साहिल- तेरे लिए
    शेरो-शायरी

    साहिल- तेरे लिए | Hindi Ghazal

    ByAdmin September 4, 2021

    साहिल- तेरे लिए ( Sahil- tere liye )   मन के अरमान मेरे बहकने लगे, तुम चले आओ अब मेरे आगोश में।   बिन तुम्हारे है सूनी, प्रणय वाटिका, रिक्तता सी है मेरे प्रणय कोश में।।   तुम मिले मुझको जब, मैं दिवानी हुई, जो मेरे पास था छोड़ कर आ गई।   प्रीत बाबुल…

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  • अब किसी से गुलाब मिल जाये
    शेरो-शायरी

    अब किसी से गुलाब मिल जाये | Sad Shayari

    ByAdmin September 4, 2021

    अब किसी से गुलाब मिल जाये ( Ab kisi se gulab mil jaaye )     अब किसी से गुलाब मिल जाये ! इक हंसी से ज़नाब मिल जाये   तरसे है पढ़ने को जिसे ये दिल प्यार की अब क़िताब मिल जाये   तरसू गुल की ख़ुशबू से मैं कब तक हुस्न का अब…

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  • सौतन
    कविताएँ

    सौतन | Kavita

    ByAdmin September 4, 2021

    सौतन ( Sautan )   कर में सौतन देके गये ब्रजनाथ राधिका रानी के। खेलते रही अधर पर प्रिय के राज किये मनमानी के।।१   गये श्याम जबसे मथुरा हैं भूल गये गोकुल नगरी, घटा कालिंदी का जल इतना लगती है उतरी उतरी। चले गये चितचोर नैन जलधार बहे राधारानी के।। २   छायी खुशी…

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  • महक तेरी मुहब्बत की
    शेरो-शायरी

    महक तेरी मुहब्बत की | Ghazal

    ByAdmin September 4, 2021September 4, 2021

    महक तेरी मुहब्बत की ( Mehak teri muhabbat ki )   इत्र क्या,  गुलाब क्या ,  खुशबु कैसी, कहां महक है इस जहान मे , तेरी जैसी   खुदा की खोज मे शीश झुकाया दर दर, कहां है पूजा कोई, तेरे आचमन जैसी   होंगे कई तेरे चाहने वाले, समझ है मुझको, ना  कही  होगी, …

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  • जगाने कौन आया है
    कविताएँ

    जगाने कौन आया है | Geet

    ByAdmin September 3, 2021

    जगाने कौन आया है ( Jagane kaun aaya hai )   भरी बरसात में मुझको जगाने कौन आया है, अंधेरी रात में दीपक जलाने कौन आया है।   ये कैसा कहर कुदरत का ये कैसा शहर मुर्दों का, खुशियों से कहीं ज्यादा लगे प्रभाव दर्दों का।   जगाओ चेतना अब तो बढ़ चलो आमरण सब…

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  • मोहब्बत का जैसे असर लग रहा
    शेरो-शायरी

    मोहब्बत का जैसे असर लग रहा | Ghazal

    ByAdmin September 2, 2021

    मोहब्बत का जैसे असर लग रहा ( Mohabbat ka jaise asar lag raha )   खूबसूरत सुहाना सफर लग रहा। मोहब्बत का जैसे असर लग रहा।।   राह -ए -हयात जिस पर मैं थक जा रही थी। उस पर चलती रहूं उम्र भर लग रहा।।   ख्वाबों में अब तक जो मेरे आता रहा। रूबरू…

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  • दीवारों के कान
    कविताएँ

    दीवारों के कान | Geet

    ByAdmin September 2, 2021

    दीवारों के कान ( Geet : deewaron ke kaan )   कितने घर उजाड़े होंगे, सारे भेद ले जान। सारी दुनिया ढोल पीटते, दीवारों के कान।   मन की बातें मन में रखना, सोच समझ ले इंसान। राम को वन में भिजवा दें, दीवारों के कान।   कहीं मंथरा आ ना जाए, घर में कृपा…

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  • Shyam Salone
    कविताएँ

    श्याम सलोने | Kavita

    ByAdmin September 2, 2021November 10, 2021

    श्याम सलोने ( Shyam Salone )   राधा को मिल गए श्याम राधा प्यारी गाती फिरे राधा जाने लगी संग गईया चली श्याम माखन में डुबकी लगाने लगे संग राधा के झूम झूम गाने लगे राधा बैठन लगी संग पायल बजी श्याम पांव में मेहंदी लगाने लगे संग राधा की झूम-झूम गाने लगे राधा खेलन…

    Read More श्याम सलोने | KavitaContinue

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