• मत करना अभिमान | Kavita

    मत करना अभिमान ( Mat karna abhiman )   माटी  का  ये  पुतला  तेरा,दो दिन का मेहमान। न जाने कब क्या हो जाए,मत करना अभिमान।।   सुंदर काया देख लुभाया , मोह माया में जकड़ गया।। अन्न धन के भंडार भरे जब, देख ठाठ को अकड़ गया। बिना  काम  ही  झगड़  गया,  सोच  समझ  नादान।।…

  • मनमंदिर | Manmandir par Kavita

    मनमंदिर ( Manmandir )   आस्था विश्वास रहते, प्रेम सद्भाव बहते। मनमंदिर में जोत,  जगाते चले जाइए।   महकते  पुष्प  खिले,  खुशबू जग में फैले। शब्द मोती चुन चुन, रिश्तों को महकाइये।   चंदन अक्षत रोली, धूप दीप नैवेद्य से। जगत करतार की, सब आरती गाइए।   मोदक माखन मेवा, मिश्री अरु नारियल। छप्पन भोग…

  • साथ तुम आ जाओ | Romantic Poetry In Hindi

    साथ तुम आ जाओ   ( Saath tum aa jao ) साथ आज तुम आ जाओ तो, संबल मुझको मिल जाए। जीवन  नैया डगमग डोले, उजड़ी बगिया खिल जाए।।   कंटक पथ है राह कठिन है, कैसे मंजिल पाऊंगा। हाय अकेला चला जा रहा, साथी किसे बनाऊंगा। फिर भी बढ़ता जाऊंगा, शायद किनारा मिल जाए।…

  • लीलाधारी श्रीकृष्ण | Kavita

    “लीलाधारी श्रीकृष्ण” ( Leela Dhari Sri Krishna )   लीलाधारी श्री कृष्ण लीला अपरंपार आकर संकट दूर करो प्रभु हे जग के करतार   लीलाधारी हे श्री कृष्णा चक्र सुदर्शन धारी हो माता यशोदा के गोपाला गोपियों के गिरधारी हो   हे केशव माधव दामोदर सखा सुदामा सुखदाता अगम अगोचर अविनाशी जगकर्ता विश्व विधाता  …

  • राम नाम अनमोल | Ram Kavita

    राम नाम अनमोल ( Ram nam anmol : shri Ram poem in hindi)   राम ही गीत राम ही तान राम है सात सुरों का ज्ञान राम है एक सुंदर झंकार राम ही जीवन और संसार राम है व्यक्तित्व का दर्पण संपूर्ण साधना प्रभु को अर्पण राम शब्द है मीठे बोल राम नाम है अनमोल…

  • सुनो..| Romantic Poetry In Hindi

    सुनो.. ( Suno )   सुनो… तुम एक बार दो कदम घर से निकल कर देखो तो जरा चार क़दम चलते ही मैं उसी चौराहे पर खड़ा इंतजार कर रहा होऊंगा तुम्हारे आने का….   उस चौराहे से चुन लेना कोई भी एक रास्ता और चल पड़ना उस रास्ते पर जो मुझ तक ले आएगा…….

  • साथ तुम आ जाओ | Geet

    साथ तुम आ जाओ ( Sath tum aa jao )   आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ मेरे यार, साथ तुम आ जाओ। मातृभूमि का वंदन करते, सीमा पर सेनानी लड़ते। रणभूमि में उतर जरा तुम, दो-दो हाथ दिखा जाओ। आ जाओ आ जाओ……   जो पत्थर के बने हुए हैं, कुछ वर्षों से तने…

  • साहब | Sahab par Kavita

    साहब ( Sahab )   जब भी मुॅंह को खोले साहब। कड़वी बोली बोले साहब।   नफरत दिल में यूॅं पाले हैं, जैसे साॅंप, सॅंपोले साहब।   राजा के संग रंक को क्यों, एक तराजू तोले साहब।   भीतर कलिया नाग बसा है, बाहर से बम भोले साहब।   वोट के लिए दर-दर घूमे, बदल-बदल…

  • अब रहा है कौन अपना गांव में | Ghazal

    अब रहा है कौन अपना गांव में  ( Ab raha hai kaun apne gaon mein )     अब रहा है कौन अपना गांव में रह गया हूँ देखो तन्हा गांव में!   वो नहीं आया नगर से लौटकर रस्ता उसका रोज़ देखा गांव में   छोड़ आया  हूँ नगर मैं इसलिए है मकां ए…

  • आया राखी का त्यौहार | Geet rakhi par

    आया राखी का त्यौहार  ( Aaya rakhi ka tyohar )   आया राखी का त्यौहार आया राखी का त्यौहार कलाई पर बांध रही है बहना लेकर हर्ष अपार आया राखी का त्यौहार   एक रेशम की डोर लाई, बहना छम छम करती आई। चंदन तिलक लगा माथे पर, बहना करती मंगलाचार। आया राखी का त्यौहार   महक रहा…