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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • अब रहा है कौन अपना गांव में
    शेरो-शायरी

    अब रहा है कौन अपना गांव में | Ghazal

    ByAdmin August 23, 2021August 23, 2021

    अब रहा है कौन अपना गांव में  ( Ab raha hai kaun apne gaon mein )     अब रहा है कौन अपना गांव में रह गया हूँ देखो तन्हा गांव में!   वो नहीं आया नगर से लौटकर रस्ता उसका रोज़ देखा गांव में   छोड़ आया  हूँ नगर मैं इसलिए है मकां ए…

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  • आया राखी का त्यौहार 
    कविताएँ

    आया राखी का त्यौहार | Geet rakhi par

    ByAdmin August 22, 2021August 30, 2023

    आया राखी का त्यौहार  ( Aaya rakhi ka tyohar )   आया राखी का त्यौहार आया राखी का त्यौहार कलाई पर बांध रही है बहना लेकर हर्ष अपार आया राखी का त्यौहार   एक रेशम की डोर लाई, बहना छम छम करती आई। चंदन तिलक लगा माथे पर, बहना करती मंगलाचार। आया राखी का त्यौहार   महक रहा…

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  • राखी का त्यौहार
    कविताएँ

    राखी का त्यौहार | Kavita Rakhi ka tyohar

    ByAdmin August 22, 2021August 22, 2023

    राखी का त्यौहार ( Rakhi ka tyohar )   बात-बात पे लड़ना, बात -बात पे झगड़ना, कभी रूठना ,कभी मनाना, कभी अड़ना;   बड़ा नटखट है- भाई बहन का प्यार, देखो, आ गया ये राखी का त्यौहार ।। सतरंगी रंगों में चमक रही हैं राखियाँ, हर तरफ़ बिखरी हैं सैकड़ों मिठाइयाँ;   आज पूरी तरह…

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  • रेशम की डोरी बहना का प्यार
    कविताएँ

    रेशम की डोरी बहना का प्यार | Raksha bandhan par kavita

    ByAdmin August 22, 2021August 28, 2023

    रेशम की डोरी बहना का प्यार ( Resham ki dori behna ka pyar )     रेशम की डोरी राखी, भाई बहन का प्यार। त्यौहार सद्भावों भरा, राखी बंधवाइये।   कच्चे धागों में लिपटा, प्रेम सुधारस सार। रक्षासूत्र बांधकर, संबंध निभाइये।   अक्षत चंदन रोली, बहना लै बांधे राखी। रिश्तो की डोर को, पावन बनाइए।…

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  • मानव अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता और क्रियान्वयन के उपाय
    निबंध

    निबंध: मानव अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता और क्रियान्वयन के उपाय

    ByAdmin August 21, 2021

    निबंध: मानव अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता और क्रियान्वयन के उपाय (Essay in Hindi on : The need for protection of human rights and measures to be implemented ) भूमिका ( Preface ) :- मानवाधिकार शब्द भले ही नया लगता है लेकिन इसकी अवधारणा मानव जाति के इतनी ही पुरानी है। मानव शुरू से ही…

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  • लो आया राखी का त्यौहार
    कविताएँ

    लो आया राखी का त्यौहार | Geet

    ByAdmin August 21, 2021

    लो आया राखी का त्यौहार ( lo aaya rakhi ka tyohar )   लो आया राखी का त्यौहार, बरसे भाई बहन का प्यार, कच्चे धागों में बसता है, सुहाने रिश्तो का संसार, लो आया राखी का त्यौहार-2   माथे चंदन अक्षत रोली, बहना नेह भरी रंगोली, कलाई पर बांध रही है, बहना अपना प्यार, लो…

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  • ईश प्रार्थना बल देती है
    कविताएँ

    ईश प्रार्थना बल देती है

    ByAdmin August 20, 2021

    ईश प्रार्थना बल देती है ( Eesh prarthana bal deti hai )   ईश प्रार्थना बल देती, हिम्मत और संबल देती है। आस्था विश्वास प्रेम से, उर में शक्ति भर देती है।   मनोकामना पूरी करके, खाली झोली भर देती है। आशाओं के दीप जला,ईश प्रार्थना बल देती है।   हर लेते प्रभु संकट सारे,…

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  • चेहरा गुलाब जैसा है
    शेरो-शायरी

    चेहरा गुलाब जैसा है | Ghazal

    ByAdmin August 19, 2021

    चेहरा गुलाब जैसा है ( Chehra gulab jaisa hai )   मुस्कुराते हुए लब और चेहरा गुलाब जैसा है अब तो वो मेरे लिए बस इक ख्वाब जैसा है   काबीलियत नहीं मेरी शायद जिसे पाने की जिंदगी में मेरे लिए वह उस खिताब जैसा है   मेरा वजूद मुनव्वर है आज भी उसके दम…

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  • चमन में अब निखार है शायद
    शेरो-शायरी

    चमन में अब निखार है शायद | Ghazal

    ByAdmin August 19, 2021

    चमन में अब निखार है शायद ( Chaman me ab nikhar hai shayad )   चमन में अब निखार है शायद। आने वाली बहार है शायद ।।   वो मर गया मगर हैं आंखें खुली, किसी का इंतजार है शायद।।   गर्ज पूरी हुई मुंह मोड़ लिया, बहुत मतलबी यार है  शायद।।   पांव में…

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  • प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए
    शेरो-शायरी

    प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए | Ghazal

    ByAdmin August 19, 2021August 19, 2021

    प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! ( Pyar ka e khuda ab gulab chahie )     प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! इक हंसी जिंदगी में  ज़नाब  चाहिए   नफ़रतों के पन्ने पड़ लिये ख़ूब है प्यार की उम्रभर अब क़िताब चाहिए   जो ख़ुशी से भर दें दामन मेरा सदा  ऐसा…

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