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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • भारत में खाद्य सुरक्षा पर निबंध
    निबंध

    भारत में खाद्य सुरक्षा पर निबंध | Essay In Hindi on Food Security in India

    ByAdmin August 18, 2021December 3, 2022

    भारत में खाद्य सुरक्षा पर निबंध ( Essay in Hindi on Food Security in India )   खाद्य सुरक्षा का अर्थ घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त खाद्यान्न की उपलब्धता के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर उपलब्धता के साथ-साथ सस्ती कीमतों पर पर्याप्त मात्रा में भोजन की उपलब्धता है। हाल के वर्षों में तीव्र…

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  • आज मुद्दतों बाद 
    शेरो-शायरी

    आज मुद्दतों बाद | Romantic Ghazal

    ByAdmin August 18, 2021

    आज मुद्दतों बाद  ( Aaj muddaton baad )     आज मुद्दतों बाद वो चुपके से पास आकर मेरा  हाथ सहलाकर  पूछती है   कहाँ गुम हो क्यों खामोश हो मुझे क्यों भूल गये   स्याही क्या सूख गई हर्फ क्या नहीं मिल रहे अलफाज़ नहीं जुड़ रहे   क्यों इतने गमगीन हो जो मुझको…

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  • भाग कर प्रेम और विवाह
    विवेचना

    भाग कर प्रेम और विवाह | डॉ.कौशल किशोर श्रीवास्तव की कलम से

    ByAdmin August 17, 2021August 17, 2021

    भाग कर प्रेम और विवाह ( Bhag kar prem aur vivah )   पत्नि ने मुझसे चिरोरी करते हुए कहा “चलो हम भाग कर शादी कर ले। ” हरेक पत्नि की तरह मेरी पत्नी भी एक ऐसा बिजली का तार है जो दूर से भी झटके मारती है। इस बार चिरोरी कर रही थी। लगता…

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  • प्यार भरा दिल  मेरा तोड़ कर वो गया
    शेरो-शायरी

    प्यार भरा दिल मेरा तोड़ कर वो गया | Sad Shayari

    ByAdmin August 17, 2021August 17, 2021

    प्यार भरा दिल  मेरा तोड़ कर वो गया ( Pyar bhara dil mera tod kar wo gaya )     प्यार भरा दिल  मेरा तोड़कर वो गया  उम्रभर  के  लिये  छोड़कर  वो  गया   देखता  रह  गया  बेबसी  से  उसे मुझसे ही मुंह अभी मोड़कर वो गया   लें  गया  वो  निशानी  सगाई  की  ही…

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  • hirdayagan online kavi sammelan
    विवेचना

    डा0 अलका अरोड़ा के संचालन में हृदयांगन संस्था मुंबई का हुआ आनलाइन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

    ByAdmin August 17, 2021

    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था मुंबई ने एक शाम देश के नाम कार्यक्रम 14 अगस्त 2021 को आयोजित किया जिसमे देश प्रेम तथा विविध गीतो की जमकर बरसात हुई।। कार्यक्रम की शुरूआत श्री सदाशिव चतुर्वेदी मधुर जी ने सरस्वती वंदना से की ।। चार घंटे चले इस कवि सम्मेलन…

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  • सियासत बहुत है
    कविताएँ

    सियासत बहुत है | Siyasat Par Kavita

    ByAdmin August 16, 2021

    सियासत बहुत है ( Siyasat bahot hai )   मेरी तालीम मुझसे कहती सियासत बहुत है… हंसती दुनिया को रुलाती सियासत बहुत हैl   कोई हमें बताए जरा हम महफूज कैसे रहे ….. भाई को भाई से लड़ाती सियासत बहुत है।   फूलों की खुशबू सा महकता जीवन अपना …. हवाओं में  जहर घोलती  सियासत…

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  • नहीं कोई  शहर में आशना यहां  मेरा
    शेरो-शायरी

    नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा | Ghazal

    ByAdmin August 16, 2021

    नहीं कोई  शहर में आशना यहां  मेरा ( Nahin koi shahar mein aashna yahan mera )     नहीं कोई  शहर में आशना यहां  मेरा ! हाले दिल ये कौन जो पूछता यहां मेरा   कि सोचता हूँ नगर छोड़ दूँ इसलिए मैं नहीं कोई तन्हाई के सिवा यहां मेरा   उदास पन इसलिए  भर…

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  • देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा
    कविताएँ

    देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा | Paryavaran Par Kavita

    ByAdmin August 16, 2021

    देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा ( Dekho hawaon mein zehar ghol ja raha )   देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा ….. जंगलों को जड़ो से है काटा जा रहा  ….. देखो यहां ऑक्सीजन है नहीं फिर भी…. शहरों में आलीशां महल बनाया जा रहा ।   लगा कर  पेड़ हम  जमीं…

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  • एक अच्छे नागरिक की जिम्मेदारियां
    निबंध

    एक अच्छे नागरिक की जिम्मेदारियां | Essay In Hindi

    ByAdmin August 15, 2021

    निबंध – एक अच्छे नागरिक की जिम्मेदारियां ( Responsibilities of a Good Citizen : Essay In Hindi  ) प्रस्तवना :- एक अच्छे नागरिक को कई गुण आत्मसात करने होते हैं। यह तथ्य कि उसके पास कुछ कर्तव्य और उत्तरदायित्व हैं। यह बिल्कुल सत्य है। लेकिन साथ ही उन्हें एक स्वतंत्र राज्य के नागरिक के रूप में कुछ…

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  • कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी
    कविताएँ

    “कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी”

    ByAdmin August 15, 2021

    “कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी” क्रांतिकारियों के हृदय में भड़की आजादी की चिंगारी थी। गुलामी के प्रांगण में, रची आजादी की कहानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। लाल कुर्ती में बजाया आजादी का था बिगुल। छेड़ कर महासंग्राम चटाई अंग्रेजों को…

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