Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • बधाई बजे यशोदा द्वार
    कविताएँ

    बधाई बजे यशोदा द्वार | Poetry On Krishna Janmashtami

    ByAdmin August 30, 2021

    बधाई बजे यशोदा द्वार ( Badhai baje yashoda dwar )   -कृष्ण ने लिया मनुज अवतार             लयबद्ध—–   बधाई बजे यशोदा द्वार, कृष्ण ने लिया मनुज अवतार।।   उस कंस ने जुल्म उचारा,  बहना को जेल में डारा। रात में हो गए यमुना पार।। कृष्ण ने लिया ——  …

    Read More बधाई बजे यशोदा द्वार | Poetry On Krishna JanmashtamiContinue

  • कृष्ण ने लिया मनुज अवतार
    कविताएँ

    कृष्ण ने लिया मनुज अवतार | Geet

    ByAdmin August 30, 2021

    कृष्ण ने लिया मनुज अवतार ( Krishna ne liya manuj avtaar )   कारावास दिया बहना को, बढा कंस का अत्याचार। आठवां पुत्र मौत बनेगा, हो गया अब जीना दुश्वार। खुल गए सारे द्वार जेल के, सो गए सारे पहरेदार। दुष्ट कंस वध करने, कृष्ण ने लिया मनुज अवतार।   कृष्ण कंहैया नटवर नागर, तेरी…

    Read More कृष्ण ने लिया मनुज अवतार | GeetContinue

  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी)
    कविताएँ

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी) | Shri Krishna Janmashtami vishesh

    ByAdmin August 30, 2021

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी) ( Shri Krishna Janmashtami vishesh – Kajri )   जनमे देवकी के जब लाला खुलिगा जेल का ताला ना …2 ll   हाथों से हथकड़ियां छूटी मात पिता की बेड़ी टूटी खुल गए पाप के बंधन सारे आए जब नंदलाला ना…. जनमे देवकी ०…   सो गए सारे पहरेदार खुल…

    Read More श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी) | Shri Krishna Janmashtami visheshContinue

  • कितना आसाँ है कहना - भूल जाओ
    शेरो-शायरी

    कितना आसाँ है कहना – भूल जाओ | Ghazal

    ByAdmin August 29, 2021

    कितना आसाँ है कहना – भूल जाओ ( Kitna aasan hai kehna – bhool jao )   इस दिल पे इतनी सी इनायत करना सुर्ख लबो में अलफ़ाज दबाये रखना खामोश रही आँखो पे सवालात न करना चंद रौशनदानो को भी घर में खुला रखना   हवा का रुख बदलेगा जमाना जब भी घर की…

    Read More कितना आसाँ है कहना – भूल जाओ | GhazalContinue

  • Krishna Janmashtami Par Kavita
    कविताएँ

    घर घर बजे बधाई | Krishna Janmashtami Par Kavita

    ByAdmin August 29, 2021November 3, 2022

    घर घर बजे बधाई ( Ghar ghar baje badhai )   घर घर बजे बधाई लयबद्ध——ले के पहला पहला प्यार   जन्मे जग के पालनहार ,मैया करे लाल से प्यार , नाचे गाए सब नर नार, बधाई बज रही घर-घर में।।   भादो कृष्ण अष्टमी आई ,नंद बाबा घर खुशियां छाई। सखियां गावे मंगलाचार, घर-घर…

    Read More घर घर बजे बधाई | Krishna Janmashtami Par KavitaContinue

  • नंदलाल आयो रे बधाई
    कविताएँ

    नंदलाल आयो रे बधाई | Geet

    ByAdmin August 28, 2021

    नंदलाल आयो रे बधाई ( Nandlal aayo re badhai )   आई आई शुभ घड़ी आई, वृंदावन धाम रे। यशोदा घर बजे शहनाई, कन्हैया नाम रे।   लीलाधारी नटखट कान्हो, नंद घर आयो। राधा संग गोपिया नाची, कान्हो मुरली मधुर बजायो।   गोकुल में बंटे मिठाई, दे रहे सब जन खूब बधाई। आयो माधव मुरली…

    Read More नंदलाल आयो रे बधाई | GeetContinue

  • सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ!
    शेरो-शायरी

    सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ | Romantic Poetry

    ByAdmin August 28, 2021September 4, 2021

    सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ! ( Silsila jab se muhabbat ka hua )   सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ! और  भी  रिश्ता  उससे गहरा हुआ   आशना तो वो रहा बनकर मुझसे वो नहीं  दिल से मगर  मेरा हुआ   देखता था जो कभी उल्फ़त नजर आज मेरा  दुश्मन वो  चेहरा हुआ  …

    Read More सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ | Romantic PoetryContinue

  • मत करना अभिमान
    कविताएँ

    मत करना अभिमान | Kavita

    ByAdmin August 27, 2021August 27, 2021

    मत करना अभिमान ( Mat karna abhiman )   माटी  का  ये  पुतला  तेरा,दो दिन का मेहमान। न जाने कब क्या हो जाए,मत करना अभिमान।।   सुंदर काया देख लुभाया , मोह माया में जकड़ गया।। अन्न धन के भंडार भरे जब, देख ठाठ को अकड़ गया। बिना  काम  ही  झगड़  गया,  सोच  समझ  नादान।।…

    Read More मत करना अभिमान | KavitaContinue

  • मनमंदिर
    कविताएँ

    मनमंदिर | Manmandir par Kavita

    ByAdmin August 27, 2021February 6, 2023

    मनमंदिर ( Manmandir )   आस्था विश्वास रहते, प्रेम सद्भाव बहते। मनमंदिर में जोत,  जगाते चले जाइए।   महकते  पुष्प  खिले,  खुशबू जग में फैले। शब्द मोती चुन चुन, रिश्तों को महकाइये।   चंदन अक्षत रोली, धूप दीप नैवेद्य से। जगत करतार की, सब आरती गाइए।   मोदक माखन मेवा, मिश्री अरु नारियल। छप्पन भोग…

    Read More मनमंदिर | Manmandir par KavitaContinue

  • साथ तुम आ जाओ
    कविताएँ

    साथ तुम आ जाओ | Romantic Poetry In Hindi

    ByAdmin August 26, 2021August 26, 2021

    साथ तुम आ जाओ   ( Saath tum aa jao ) साथ आज तुम आ जाओ तो, संबल मुझको मिल जाए। जीवन  नैया डगमग डोले, उजड़ी बगिया खिल जाए।।   कंटक पथ है राह कठिन है, कैसे मंजिल पाऊंगा। हाय अकेला चला जा रहा, साथी किसे बनाऊंगा। फिर भी बढ़ता जाऊंगा, शायद किनारा मिल जाए।…

    Read More साथ तुम आ जाओ | Romantic Poetry In HindiContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 680 681 682 683 684 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search