अब किसी से गुलाब मिल जाये | Sad Shayari
अब किसी से गुलाब मिल जाये ( Ab kisi se gulab mil jaaye ) अब किसी से गुलाब मिल जाये ! इक हंसी से ज़नाब मिल जाये तरसे है पढ़ने को जिसे ये दिल प्यार की अब क़िताब मिल जाये तरसू गुल की ख़ुशबू से मैं कब तक हुस्न का अब…
अब किसी से गुलाब मिल जाये ( Ab kisi se gulab mil jaaye ) अब किसी से गुलाब मिल जाये ! इक हंसी से ज़नाब मिल जाये तरसे है पढ़ने को जिसे ये दिल प्यार की अब क़िताब मिल जाये तरसू गुल की ख़ुशबू से मैं कब तक हुस्न का अब…
सौतन ( Sautan ) कर में सौतन देके गये ब्रजनाथ राधिका रानी के। खेलते रही अधर पर प्रिय के राज किये मनमानी के।।१ गये श्याम जबसे मथुरा हैं भूल गये गोकुल नगरी, घटा कालिंदी का जल इतना लगती है उतरी उतरी। चले गये चितचोर नैन जलधार बहे राधारानी के।। २ छायी खुशी…
महक तेरी मुहब्बत की ( Mehak teri muhabbat ki ) इत्र क्या, गुलाब क्या , खुशबु कैसी, कहां महक है इस जहान मे , तेरी जैसी खुदा की खोज मे शीश झुकाया दर दर, कहां है पूजा कोई, तेरे आचमन जैसी होंगे कई तेरे चाहने वाले, समझ है मुझको, ना कही होगी, …
जगाने कौन आया है ( Jagane kaun aaya hai ) भरी बरसात में मुझको जगाने कौन आया है, अंधेरी रात में दीपक जलाने कौन आया है। ये कैसा कहर कुदरत का ये कैसा शहर मुर्दों का, खुशियों से कहीं ज्यादा लगे प्रभाव दर्दों का। जगाओ चेतना अब तो बढ़ चलो आमरण सब…
मोहब्बत का जैसे असर लग रहा ( Mohabbat ka jaise asar lag raha ) खूबसूरत सुहाना सफर लग रहा। मोहब्बत का जैसे असर लग रहा।। राह -ए -हयात जिस पर मैं थक जा रही थी। उस पर चलती रहूं उम्र भर लग रहा।। ख्वाबों में अब तक जो मेरे आता रहा। रूबरू…
दीवारों के कान ( Geet : deewaron ke kaan ) कितने घर उजाड़े होंगे, सारे भेद ले जान। सारी दुनिया ढोल पीटते, दीवारों के कान। मन की बातें मन में रखना, सोच समझ ले इंसान। राम को वन में भिजवा दें, दीवारों के कान। कहीं मंथरा आ ना जाए, घर में कृपा…
श्याम सलोने ( Shyam Salone ) राधा को मिल गए श्याम राधा प्यारी गाती फिरे राधा जाने लगी संग गईया चली श्याम माखन में डुबकी लगाने लगे संग राधा के झूम झूम गाने लगे राधा बैठन लगी संग पायल बजी श्याम पांव में मेहंदी लगाने लगे संग राधा की झूम-झूम गाने लगे राधा खेलन…
अब पहली सी बात नहीं है ( Ab pehli si baat nahi hai ) कह देते थे खरी खरी पर, पीठ के पीछे घात नहीं है। बदल गया है आज जमाना, अब पहली सी बात नहीं है।। ऋषि मुनि और संत महात्मा, मन फकीरी धरते थे। मोह माया से दूर रहे वो, कठिन…
निबंध: इंटरनेट द्वारा प्रभावित समाज, समृद्ध भारतीय संस्कृति के लिए किस तरह खतरनाक है ( Essay in Hindi on : How Internet-influenced Society, Dangerous for rich Indian Culture ) इंटरनेट को सूचना प्रौद्योगिकी की जीवन रेखा भी कह सकते हैं। इंटरनेट की वजह से एक नई क्रांति पैदा हो गई है। इसकी वजह से…
बस गयी दिल में बेबसी इतनी ( Bas gayi dil mein bebasi itni ) बस गयी दिल में बेबसी इतनी! हो गयी दूर जब ख़ुशी इतनी वरना रोना पड़ेगा जीवन भर मत कर यूं ही आशिक़ी इतनी देख वरना दग़ा मिलेगा यूं मत कर तू गहरी दोस्ती इतनी फ़ूल लें लें…