Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • प्रीति के गीत
    कविताएँ

    प्रीति के गीत | Hindi Poetry

    ByAdmin August 12, 2021September 23, 2023

    प्रीति के गीत ( Preeti ke geet )   प्रीत के गीत गाकर सयानी हुई, मै हूं मीरा जो मोहन दीवानी हुई।   राग  और  रागिनी में समाई हूं मैं, ताल और छंद संग लेकेआई हूं मैं। सुर सरिता की मैं एक कहानी हुई। मै हूं मीरा जो मोहन दीवानी हुई।   हिन्द कीशान और…

    Read More प्रीति के गीत | Hindi PoetryContinue

  • देख लूँ जी भर के आपको एक पल
    शेरो-शायरी

    देख लूँ जी भर के आपको एक पल| Romantic Ghazal

    ByAdmin August 12, 2021

    देख लूँ जी भर के आपको एक पल ( Dekh loon jee bhar ke aapko ek pal )     देख लूँ जी भरके आपको एक पल! ए सनम पास बैठे रहो एक पल   चैन दिल को मिलेगा चले जाने फ़िर  प्यार की आओ बातें करो एक पल   गीत उल्फ़त के ही गायेगे…

    Read More देख लूँ जी भर के आपको एक पल| Romantic GhazalContinue

  • Yah mera hindustan hai
    कविताएँ

    यह मेरा हिंदुस्तान है | Hindi Poetry

    ByAdmin August 12, 2021

    यह मेरा हिंदुस्तान है ( Yah mera hindustan hai )   यह मेरा हिंदुस्तान है, यह मेरा हिंदुस्तान है। ध्वज तिरंगा हाथों में, ले राष्ट्रगीत गाते हैं।   सरहद के सिपाही, सीमा के सभी जवान। आंधी तूफानों से भिड़, आगे बढ़ते जाते हैं।   कूद पड़े मैदानों में, धरती मां के लाडले। बलिदानी राहों पर,…

    Read More यह मेरा हिंदुस्तान है | Hindi PoetryContinue

  • तब होगी मन में हरियाली
    गीत

    तब होगी मन में हरियाली | Geet Man mein Hariyali

    ByAdmin August 11, 2021February 6, 2023

    तब होगी मन में हरियाली ( Tab hogi man mein hariyali )   बरसे सावन खूब घनेरा, झड़ी लगी फुहारों वाली। प्रेम उमड़े घट के भीतर, तब होगी मन में हरियाली।   मीठे-मीठे मोती झरे, शब्द सुधारस जाते घोल। ओज वाणी सुनकर के, शत्रु तक भी जाते डोल।   उर आनंद तन मन होता, जन…

    Read More तब होगी मन में हरियाली | Geet Man mein HariyaliContinue

  • "भूजल प्रदूषण" पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | “भूजल प्रदूषण” पर निबंध

    ByAdmin August 11, 2021

    “भूजल प्रदूषण” पर निबंध ( Essay in Hindi on ground water pollution ) प्रस्तवना :- आज मानवीय गतिविधियाँ लगातार औद्योगिक, घरेलू और कृषि अपशिष्टों को भूजल जलाशयों में खतरनाक दर से जोड़ रही हैं। भूजल प्रदूषण आमतौर पर अपरिवर्तनीय है यानी एक बार दूषित हो जाने पर एक्वीफर की मूल जल गुणवत्ता को बहाल करना…

    Read More Essay In Hindi | “भूजल प्रदूषण” पर निबंधContinue

  • प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी
    शेरो-शायरी

    प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी | Love Shayari

    ByAdmin August 10, 2021

    प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी ( Pyar ki meri adhuri si kahani rah gai )     प्यार  की  मेरे  अधूरी  सी  कहानी  रह  गयी! आँखों में आंसू दिल में ग़म की रवानी रह गयी   आज दिल से लुट गयी है वो मुहब्बत की ख़ुशी ग़म भरी ही रोज़ अपनी जिंदगानी…

    Read More प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी | Love ShayariContinue

  • हृदय मेरा पढ़ पाए
    कविताएँ

    हृदय मेरा पढ़ पाए | kavita

    ByAdmin August 10, 2021

    हृदय मेरा पढ़ पाए ( Hriday mera padh paye )   अन्तर्मन में द्वंद बहुत है, जाकर किसे दिखाए। ढूंढ रहा हूँ ऐसा मन जो, हृदय मेरा पढ़ पाए।   मन की व्याकुलता को समझे,और मुझे समझाए। राह दिखे ना प्रतिद्वंदों से, तब मुझे राह दिखाए।   बोझिल मन पर मन रख करके,हल्के से मुस्काए।…

    Read More हृदय मेरा पढ़ पाए | kavitaContinue

  • सावन आया उमड़ घुमड़
    कविताएँ

    सावन आया उमड़ घुमड़ | Geet

    ByAdmin August 10, 2021

    सावन आया उमड़ घुमड़ ( Sawan aya umad ghumad )   बरस रही है राष्ट्रधारा, सावन उमड़ा आता। रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे, उर आनंद समाता   काली बदरिया उमड़ घुमड़, घूम घूम घिर आये। हरियाली से भरी धरा, सबको सावन भाये।   झूम झूम मस्ती में गाते, सब मिलकर नया तराना। मंद मंद बहारें बहती,…

    Read More सावन आया उमड़ घुमड़ | GeetContinue

  • "घरेलू हिंसा" पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | “घरेलू हिंसा” पर निबंध

    ByAdmin August 9, 2021August 9, 2021

    “घरेलू हिंसा” पर निबंध ( Essay in Hindi on domestic violence ) प्रस्तवना :- घरेलू हिंसा से तात्पर्य उस हिंसा और दुर्व्यवहार से है जो घरेलू हिंसा जैसे विवाह के बाद में होती है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि किसी भी प्रकार का व्यवहार है जो पीड़ित…

    Read More Essay In Hindi | “घरेलू हिंसा” पर निबंधContinue

  • शिव महिमा
    कविताएँ

    शिव महिमा | Shiv Mahima Par Kavita

    ByAdmin August 9, 2021

    शिव महिमा  ( Shiv Mahima Par Kavita )   हिम शिखरों से भोले के, जयकारे आते है, शंख और डमरू मिलकर, शिव कीर्तन गाते हैं।   शिव ही गगन धरा भी शिव ही, हमें बताते है, गान संग है गीत भी शिव, हम महिमा गाते हैं।   पंचतत्व निर्मित शिव से, शिव रूप दिखाते है,…

    Read More शिव महिमा | Shiv Mahima Par KavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 685 686 687 688 689 … 838 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search