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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जीना इसी का नाम है
    गीत

    जीना इसी का नाम है | Geet Jeena Isi ka Naam hai

    ByAdmin August 7, 2021February 6, 2023

    जीना इसी का नाम है ( Jeena isi ka naam hai )   मुस्कान लबों पर आए, सब मिल गीत गाए। खुशियों  की  बारिश  में, हमको  नहाना  है।   उर प्रेम भाव पले, आशाओं के दीप जगे। प्यार भरे दीप हमें, दिलों में जगाना है।   भाव उर में खिल उठे, सपने सुनहरे सजाना है।…

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  • भुलाया चाहकर दिल से
    शेरो-शायरी

    भुलाया चाहकर दिल से | Sad Shayari

    ByAdmin August 7, 2021February 6, 2023

      भुलाया चाहकर दिल से ( Bhulaya chahkar dil se )   भुलाया चाहकर दिल से वो ही चेहरा नहीं जाता! बसा दिल में वो ऐसा जहन उसका नहीं जाता   मुहब्बत कह रही है रात दिन आवाजें देकर किसी से प्यार का वादा दीगर तोड़ा नहीं जाता   सनम तोड़ने से पहले तू ये…

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  • अब सावन के झूले
    गीत

    अब सावन के झूले | Geet Sawan ke Jhoole

    ByAdmin August 5, 2021February 6, 2023

    अब सावन के झूले ( Ab sawan ke jhoole )   अब सावन के झूले होंगे, मस्त चलेगी पुरवाई। रिमझिम रिमझिम वर्षा होगी, नभ घटाएं घिर आई।   धानी चुनर ओढ़ धरा, मंद मंद मन मुस्काई। बाग बगीचे पुष्प खिले, महक रही है अमराई ।   धरती अंबर पर्वत नदियां, उमंगों से हो भरपूर। सरितायें…

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  • श्याम रंग में
    कविताएँ

    श्याम रंग में | Hindi Poetry

    ByAdmin August 5, 2021

    श्याम रंग में ( Shyaam rang me )   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया श्याम रंग में। मेरी वाणी को अविराम सुनो मोहन के रंग में। जिसके रंग में राधा रंग गई, लोक लाज को भी जो तंज गई। ऐसा ही रंग डाल चुनरिया श्याम रंग में…   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया…

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  • सावन
    कविताएँ

    सावन | Sawn par Kavita

    ByAdmin August 5, 2021February 6, 2023

    सावन ( Sawan ) सावन सरस सुखमय सुधा बरसा रहा, कलियन के संग मधुकर बहुत हर्षा रहा।।   नभ मेघ गर्जत दामिनी द्युतिया रही, प्रिय कंत केहि अपराध बस न आ रहा।।   ज्येष्ठ की सूखी धरा तरुणित हुयी, मोरनी संग मोर बहु सुख पा रहा।।   बारिश की शीतल बूंदें तन जला रही, हे…

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  • रिश्तों का सच
    कविताएँ

    रिश्तों का सच | Kavita

    ByAdmin August 5, 2021

    रिश्तों का सच ( Rishton ka sach )   स्वार्थ से परिपूर्ण रिश्ते,इस जहां में हो गए है, पुष्प थे जो नेह के वो, शूल विष के बो गए है।   प्रेम से अपनी कहानी, जो सुनाते हैं हमें, हमने जब अपनी कही तो, कोह हमसे हो गए है।   फूल मेरे बाग से चुन,आशियां…

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  • बलिदान
    कविताएँ

    बलिदान | Kavita

    ByAdmin August 4, 2021August 4, 2021

    बलिदान ( Balidan )   क्या है आजादी का मतलब देश प्रेम वो मतवाले लहू बहाया जिन वीरों ने बलिदानी वो दीवाने   मातृभूमि पर मिटने वाले डटकर लोहा लेते थे देश भक्ति में ऐसे झूले फांसी तक चढ़ लेते थे   जलियांवाला बाग साक्षी अमर कथा उन वीरों की वंदे मातरम कह गए जो…

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  • श्याम रंग नीला है या काला
    कविताएँ

    श्याम रंग नीला है या काला | Kavita

    ByAdmin August 4, 2021

    श्याम रंग नीला है या काला ( Shyam rang neela hai ya kala ) श्याम रंग नीला है या काला,बताओ कैसा है नन्दलाला। पीताम्बर तन मोर मुकुँट सर, लकुटी कमरिया बाँधा।   कमल नयन कर मुरली शोभित, गले बैजन्ती माला। सूरदास बालक सम देखे, जग में श्याम निराला।   श्याम रंग नीला है या काला……..

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  • लो आया राखी का त्यौहार
    कविताएँ

    लो आया राखी का त्यौहार | Geet

    ByAdmin August 4, 2021

    लो आया राखी का त्यौहार ( Lo aaya rakhi ka tyohar )   लो आया राखी का त्यौहार, बरसे भाई बहन का प्यार, कच्चे धागों में बसता है, सुहाने रिश्तो का संसार, लो आया राखी का त्यौहार-2   माथे चंदन अक्षत रोली, बहना नेह भरी रंगोली, कलाई पर बांध रही है, बहना अपना प्यार, लो…

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  • रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है
    शेरो-शायरी

    रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है | Ghazal

    ByAdmin August 4, 2021August 4, 2021

    रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ( Rakhee jisse yahan dosti khoob hai )     रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ! कर गया आज वो दुश्मनी ख़ूब है   जिंदगी की बुझे प्यास अब ए ख़ुदा प्यार की उठ रही बेकली ख़ूब है   रात दिन आँखों में ही नमी ख़ूब है यादों…

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