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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • हम कठपुतली है ईश्वर की
    कविताएँ

    हम कठपुतली है ईश्वर की | Geet Hum Kathputli

    ByAdmin June 15, 2021April 13, 2023

    हम कठपुतली है ईश्वर की ( Hum kathputli hai Ishwar ki )   सारी दुनिया रंगमंच है खेल वही दिखलाएगा हम कठपुतली है ईश्वर की चाहे जिसे नचायेगा नीली छतरी वाला बैठा डोर वही हिलाएगा न्यारे न्यारे दे किरदार अभिनय खूब कराएगा हमको रोल निभाना प्यारे बाजीगर खेल दिखाएगा हम कठपुतली है ईश्वर की मर्जी…

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  • जामुन
    कविताएँ

    जामुन | Jaamun Par Kavita

    ByAdmin June 15, 2021

    जामुन  ( Jaamun )   देखो काली-काली जामुन  भाए डाली डाली जामुन l  कुछ पक्की कुछ कच्ची जामुन  कुछ मीठी कुछ खट्टी जामुन l  गुच्छे में खूब लटक रही है बच्चों को खूब खटक रही है l कुछ काली कुछ लाल हरी लेकिन जामुन खूब फरी  l बच्चे चढ़कर तोड़ रहे हैं कुछ बीन रहे…

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  • ईश वन्दना
    कविताएँ

    ईश वन्दना | Ish Vandana

    ByAdmin June 15, 2021March 1, 2022

    ईश वन्दना ( Ish Vandana )   कमल पुष्प अर्पित करना, शिव शम्भू तेरे साथ रहे। इस त्रिभुवन के अरिहंता का,सम्मान हृदय में बना रहे। आँखों के मध्य पुतलियों में, भगवान हमेशा बने रहे, हो दशों दिशा मे नाम सदा, जयकार हमेशा बना रहे।   विघ्नहरण गणपति की स्तुति, जो है तारणहार। सदा भवानी दाहिने…

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  • जब भी चाहेगा तू रूलायेगा
    शेरो-शायरी

    जब भी चाहेगा तू रूलायेगा | Ghazal

    ByAdmin June 15, 2021

    जब भी चाहेगा तू रूलायेगा ( Jab bhi chahega tu rulayega )   इससे ज्यादा भी क्या सतायेगा, जब  भी  चाहेगा  तू रुलायेगा।। शुकून हवा का इक झोंका है, अभी  आया  है चला जायेगा।। नज़र  मिलाके जरा बात करो, मामला तब समझ में आयेगा।। एक मुद्दत से मैं सोया ही नहीं अपनी बाहों में कब…

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  • आदत
    कविताएँ

    आदत | Aadat Kavita

    ByAdmin June 12, 2021

    आदत ( Aadat )   मीठा मीठा बोल कर घट तुला तोलकर वाणी  मधुरता  घोल  फिर मुख खोलिए   प्रतिभा छिपाना मत पर घर जाना मत सत्कार मेहमानों का हो आदत डालिए   प्रातः काल वंदन हो शुभ अभिनंदन हो सेवा  कर्म  जीवन  में  आदत  बनाइए   रूठे को मना लो आज करना है शुभ…

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  • Janm leti hai ghazal
    शेरो-शायरी

    जन्म लेती है ग़ज़ल तो शायरी की कोख से | Ghazal

    ByAdmin June 12, 2021

    जन्म लेती है ग़ज़ल तो शायरी की कोख से ( Janm leti hai ghazal to shayari ki kokh se )     जन्म लेती है ग़ज़ल तो शाइरी की कोख से जिंदगी मिलती है जैसे जिंदगी की  कोख से   देखिए वरना अमीरी कब पड़फती है भूखी भूख की आहें उठती है मुफ़लिसी की कोख…

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  • जंगल
    कविताएँ

    जंगल | Jungle par kavita

    ByAdmin June 11, 2021

    जंगल ( Jungle )   कुदरत का उपहार वन जन जीवन आधार वन जंगल धरा का श्रृंगार हरियाली बहार वन   बेजुबानों का ठौर ठिकाना संपदा का खूब खजाना प्रकृति मुस्कुराती मिलती नदी पर्वत अंबर को जाना   फल फूल मेंवे मिल जाते नाना औषधि हम पाते वन लकड़ी चंदन देते हैं जीव आश्रय पा…

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  • सौंदर्य | Saundarya Kavita
    कविताएँ

    सौंदर्य | Saundarya Kavita

    ByAdmin June 10, 2021January 19, 2022

    सौंदर्य ( Saundarya )   सौन्दर्य समाहित ना होता, तेरा मेरे अब छंदों में। छलके गागर के जल जैसा, ये रूप तेरा छंदों से। कितना भी बांध लूं गजलों मे,कुछ अंश छूट जाता है, मैं लिखू कहानी यौवन पे, तू पूर्ण नही छंदों में।   रस रंग मालती पुष्प लता,जिसका सुगंध मनमोहिनी सा। कचनार कली…

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  • काव्य कलश
    कविताएँ

    काव्य कलश | Kavya Kalash Kavita

    ByAdmin June 10, 2021

    काव्य कलश ( Kavya Kalash )   अनकहे अल्फाज मेरे कुछ बात कुछ जज्बात काव्य धारा बहे अविरल काव्य सरिता दिन रात काव्यांकुर नित नूतन सृजन कलमकार सब करते साहित्य रचना रचकर कवि काव्य कलश भरते कविता दर्पण में काव्य मधुरम साहित्य झलकता साहित्य सौरभ से कविता का शब्द शब्द महकता आखर आखर मोती बनकर…

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  • उसकी न जाने क्यूँ दिल से याद नहीं जाती
    शेरो-शायरी

    उसकी न जाने क्यूँ दिल से याद नहीं जाती | Ghazal

    ByAdmin June 10, 2021

    उसकी न जाने क्यूँ दिल से याद नहीं जाती ( Uski na jane kyon dil se yad nahi jati )   उसकी न जाने क्यूँ दिल से याद नहीं जाती ग़म की जिंदगी से ही बरसात नहीं जाती   दिल से भुला दें उसको रब जो न बना मेरा यादों भरी अब तो काटी रात…

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