• सड़क सुरक्षा | Kavita

    सड़क सुरक्षा  (Sadak  Suraksha )   अपने और अपने परिवार पर कुछ तो तरस खाइए सड़क पर यूँ लापरवाही से गाड़ी मत चलाइएँ । जिंदगी है अनमोल रत्न इसे व्यर्थ ना गवाइएँ सड़क सुरक्षा नियमों को अपने जीवन में अपनाइए ।।     कुछ नौजवान बिना हेलमेट के गाड़ी चलाते हैं कहते हैं हेल्मेट से…

  • दोहा दशक | Doha Dashak

    दोहा दशक ( Doha Dashak )   फिर  चुनावी  मौसम  में, बारूदी  है  गंध। खबरों का फिर हो गया,मजहब से अनुबंध।   अपनों  से  है  दूरियां,उलझे हैं संबंध। भावों से आने लगी,कड़वाहट की गंध।   ढूंढ़ रहे हैं आप जो,सुख का इक आधार। समझौता  हालात  से, करिए  बारंबार।   उसका ही संसार में,है जीवन अति…

  • माँ | Maa par ek kavita

    माँ  ( Maa par ek kavita )   माँ तेरी ममता की छाया, पली बढ़ी और युवा हुई, निखर कर बनी सुहागन, माँ बनकर,पाया तेरी काया।।   अब जानी माँ क्या होती? सुख-दुःख की छाया होती । माँ के बिना जहाँ अधूरा, माँ है तो सारा जहाँ हमारा ।।   माँ हीं शक्ति, माँ हीं…

  • आषाढ़ के बादल | Kavita

    आषाढ़ के बादल ( Ashadh ke baadal ) उमड़ घुमड़ कर आ गए आषाढ़ के बादल अंबर  में  घिर  छा गए  आषाढ़  के  बादल रिमझिम मूसलाधार बरसता घनघोर घटा छाए कड़ कड़ करती दामिनी काले बदरा बरसाए गड़ गड़ कर गर्जन करते आषाढ़ के बादल झील ताल तलैया भरते आषाढ़ के बादल हरियाली खेतों में…

  • जिंदगी रोज़ ग़म ने ही सतायी ख़ूब है | Ghazal

    जिंदगी रोज़ ग़म ने ही सतायी ख़ूब है ( Zindagi roz gham ne hi satayi khoob hai )   जिंदगी  रोज़  ग़म  ने  ही  सतायी ख़ूब है! हाँ ख़ुशी के ही लिये बस आँखें रोयी ख़ूब है   प्यार के पत्थर मारे है नफ़रत वालों पे मैंनें नफ़रतों  की आज दीवारें गिरायी ख़ूब है  …

  • मैं फिर आऊँगा | Kavita Main Phir Aunga

    मैं फिर आऊँगा ( Main phir aunga )   सुनो..तुम याद रखना मैं फिर आऊँगा टूटा हुआ विश्वास लौटाने टूटी हुई उम्मीद पाने को अपने बीच पड़ चुकी अविश्वास और नाउम्मीदी की गाँठ को खोलने के लिए…. मैं फिर आऊँगा एक न एक दिन ये तुम्हें यकीन दिलाता हूँ कि लौटना कठिन क्रिया नहीं है…

  • उजाले मिट नहीं सकते | Kavita

    उजाले मिट नहीं सकते ( Ujale mit nahin sakte )   हटा लो दीप द्वारे से, उजाले ये नही करते। जला लो मन में दीपों को,उजाले मिट नही सकते। जो जगमग मन का मन्दिर है,कन्हैया भी वही पे है, अगर श्रद्धा भरा मन है, तो फिर वो जा नही सकते। हटा लो दीप द्वारे से,…

  • पहचान | Kavita

    पहचान ( Pehchan )   प्रेम के मोती लुटाओ प्रतिभा कोई दिखाओ पहचान  जग  में  कोई  नई  बनाईए सफलता मिल सके पर्वत भी हिंल सके जंग  भरी  दुनिया  में  हौसला  बनाइए लगन से मेहनत रंग जरूर लाएगी पहचान जग में आप ऐसी बनाईए पूर्वजों की साख में चार चांद लग जाए कर्म  पथ  पर  अपनी …

  • पहली बारिश | Kavita

    पहली बारिश   ( Pehli Baarish )   बचपन की यादों को समेट रही हूं पहली बारिश की यादे सहेज रही हूं बारिश का पानी सखी सहेली कागज की नाव छपाक सी मस्ती बेफिक्र ज़माना वक्त सुहाना हौले हौले से सपने भीग जाना पिता की मुस्कान मां को चिंता पहली बारिश का अहसास अनोखा ना…

  • कुछ अनकही बातें | Kuch Ankahee  Baatein

    कुछ अनकही बातें (Kuch Ankahee  Baatein )   कुछ अनकही बातें, कुछ पुरानी यादें कहां से आती हैं कहां चली जाती हैं कुछ नही समझ आता क्या होता हैं कभी कभी। कुछ अनजान रास्ते और अनजान राहे जाना कहां हैं समझ नही आता बीच राह मैं खड़े खड़े मन बड़ा घबराता रास्ते पर खड़े खड़े…