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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया
    शेरो-शायरी

    Udashi Bhari Shayari | प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया

    ByAdmin April 24, 2021

    प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया ( Pyar Me Azam Kab Wo Wafa De Gaya )   प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया इस क़दर प्यार में वो दग़ा दें गया   प्यार के ही बढ़ाएं क़दम थें जिसनें हर क़दम पे वो अब फ़ासिला दें गया   तोड़कर वो सगाई…

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  • जीवन में अनुशासन का महत्व
    निबंध

    जीवन में अनुशासन का महत्व | Essay In Hindi

    ByAdmin April 24, 2021

    निबंध : जीवन में अनुशासन का महत्व ( Importance of discipline in life :  Essay In Hindi )   प्रस्तावना (Introduction) :- अनुशासन मानव जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है। अगर कोई व्यक्ति सुखी जीवन जीना चाहता है तो उसका अनुशासित होना अनिवार्य है। अनुशासन के द्वारा ही हम सही समय पर सही तरीके से…

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  • कोरोना का कहर
    कविताएँ

    Kavita Corona ka Kahar | कोरोना का कहर

    ByAdmin April 23, 2021February 8, 2023

    कोरोना का कहर ( Corona ka kahar )     हर सिम्त चल रही है,बस मौत की हवा। थम  जाये  कोरोना, अब  कीजिए  दुआ।   संकट में नौकरी है,दहशत में ज़िन्दगी, आई है कहर बनके,यह बला सी वबा।   भयभीत हैं सब लोग,दुबके हैं घरों में, खता किसी की है,हमको मिली सजा।   उपचार  के…

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  • शौर्य
    कविताएँ

    शौर्य | Kavita

    ByAdmin April 23, 2021

    शौर्य ( Shaurya )   बढ़ चले मतवाले रण में पराक्रम दिखलाने को अरि दल से लोहा लेने को वंदे मातरम गाने को   वीर वसुंधरा जननी वीरों की शौर्य साहस से भरपूर बारूद की भाषा में करते मंसूबे दुश्मन के चूर   डटकर रहते सीमा पर समर के वो सेनानी तलवारों की पूजा होती…

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  • तू तल्ख़ करनी मुझसे बात छोड़ दें
    शेरो-शायरी

    Ghazal | तू तल्ख़ करनी मुझसे बात छोड़ दें

    ByAdmin April 23, 2021

    तू तल्ख़ करनी मुझसे बात छोड़ दें ( Tu talkh karni mujhshe baat chhod den )     तू तल्ख़ करनी मुझसे बात छोड़ दें! करनी ग़मों की ये बरसात छोड़ दें   देकर मुझे वफ़ा का नाम तू मगर मेरा  कहीं  न  तू  ये हाथ छोड़ दें   तू प्यार की ख़िज़ां कर रोज़…

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  • मजबूरी/ लाचारी
    कविताएँ

    मजबूरी/ लाचारी | Kavita

    ByAdmin April 23, 2021

    मजबूरी/ लाचारी ( Majboori )   सबको रखना दूरी है यह कैसी मजबूरी है कालचक्र का कैसा खेल कोई शक्ति आसुरी है   मजदूर आज मजबूर हुआ थककर चकनाचूर हुआ लहर कोरोना कैसी आई अपनों से भी दूर हुआ   मजबूर आज सारी दुनिया मुंह पर मास्क लगाने को सावधान रहकर जग में डटकर कदम…

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  • Positive Kavita
    कविताएँ

    पाज़िटिव कविता! | Vyang

    ByAdmin April 23, 2021

    पाज़िटिव कविता! ( Positive Kavita : Vyang )   कोरोना नहीं है कोरोना नहीं है रोना नहीं है रोना नहीं है आॅक्सीजन की कमी नहीं है फैक्ट्रियों में पड़ी हुई हैं बहुत सारी भरी हुई हैं टैंकरों से आ रही है हवाई जहाज भी ला रही है बेड की कमी नहीं है दवाएं भी हैं…

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  • आजमाया करें
    कविताएँ

    आजमाया करें | Kavita

    ByAdmin April 23, 2021

    आजमाया करें ( Aajmaya Karen )   बेवजह बात को ना बढाया करे, मुझसे जब भी मिले मुस्कुराया करे। सारी दुनिया के रंजो व गम भूल कर, दो घडी आँख मुझसे मिलाया करे।   आरजू जो दबी सी सनम दिल में है, आप मुझसे कभी ना छुपाया करे। आइने सा ये चेहरा मेरा है सनम,…

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  • रहनुमा
    कविताएँ

    रहनुमा | मार्गदर्शक | Kavita

    ByAdmin April 23, 2021

    रहनुमा ( मार्गदर्शक ) ( Rahnuma )   रहनुमा कोई मिल जाए राह मेरी आसां हो जाए मेरी मंजिल का ठिकाना मुझको भी नसीब हो जाए   मार्गदर्शक बता दे रस्ता कोई खता न मुझसे हो जाए भटक  रहा  हूं  बियावान में हाथ पकड़ कोई राह दिखाये   अंधकार का अंत नहीं है रहनुमा का…

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  • देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में
    शेरो-शायरी

    देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में | Ghazal

    ByAdmin April 22, 2021

    देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में ( Dekh raha hun main hansi nazare gaon mein )     देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में आ रही देखो गुलों की वो बहारें गांव में   चाहता हूँ एक कोई तो बने साथी मेरा जो हंसी मुखड़े की देखी है कतारें…

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