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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • यादें
    कविताएँ

    यादें | Kavita

    ByAdmin April 27, 2021April 27, 2021

    यादें ( Yaaden ) जाती है तो जाने दों,यह कह नही पाया। नयनों के बाँध तोड़ के, मैं रो नही पाया। वर्षो गुजर गए मगर, तू याद है मुझको, मै भूल गया तुमको, ये कह नही पाया।   दिल का गुबार निकला तो,शब्दों में जड दिया। तुम जैसी थी इस दिल में तुझे,वैसा गढ़ दिया।…

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  • उम्मीदों का साथ ना छोड़ो
    कविताएँ

    Ummeed Shayari in Hindi | उम्मीदों का साथ ना छोड़ो

    ByAdmin April 26, 2021April 26, 2021

    उम्मीदों का साथ ना छोड़ो ( Umeedon ka sath na chhodo )   कैसी  लहर  दुबारा  आई काली रात अमावस छाई महामारी ये कहर कोरोना संघर्ष में ना धीरज खोना   दिल खोलो दिलदार बनो सब फौलादी हथियार बनो अब आज लड़ना महामारी से एक भयानक बीमारी से   अभाग्य  का  भांडा  फोड़ो उम्मीदों का…

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  • महामारी
    कविताएँ

    महामारी | Kavita

    ByAdmin April 26, 2021

    महामारी ( Mahamari )   विकट समय में आज परीक्षा मानवता के नाम की चंद  सांसों  का  खेल  सारा संपदा किस काम की भूखे को भोजन मिल जाए क्या करना भंडार का अच्छे कर्मों की चर्चा चलती कहना है संसार का रोगी को दवा और सेवा मिल जाए अच्छी बात मानवता  अब गर्त में सोई…

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  • जलवायु परिवर्तन के कारण और संभावित परिणाम
    निबंध

    जलवायु परिवर्तन के कारण और संभावित परिणाम | Essay In Hindi

    ByAdmin April 26, 2021

    निबंध : जलवायु परिवर्तन के कारण और संभावित परिणाम ( Causes and possible consequences of climate change : Essay In Hindi )   प्रस्तावना (Introduction) :- किसी भी स्थान का दीर्घकालीन मौसम वहां की जलवायु कहलाता है। इसमें वायुमंडल का दबाव, तापमान आदि होता है। इसमे हवाओं की गतिविधि तथा बादलों की गतिविधि आदि का सम्मिलित…

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  • हल्ला बोल
    कविताएँ

    हल्ला बोल | Kavita

    ByAdmin April 26, 2021

    हल्ला बोल ( Halla Bol )   बोल मजूरे, हल्ला बोल ! खोल के रख दे सबकी पोल सारी दुनिया हो रही डाँवाडोल सोई जनता की आँखें खोल बोल मजूरे, हल्ला बोल । पहले तोल, फिर कुछ बोल दिमाग़ों के बंद दरवाज़ें खोल अब ना होने देंगे कोई झोल अंदर-बाहर के सच को टटोल ।…

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  • ऐसा कौन करता है
    कविताएँ

    ऐसा कौन करता है | Kavita

    ByAdmin April 25, 2021

    ऐसा कौन करता है? ( Aisa kon karta hai )   तीव्र ज्वर में, भीषण दर्द में। घर में घर पर ही- जो कोई अपना पुकारे, क्या छोड़ देंगे उसे ईश्वर के सहारे? पीड़ा से भरा वह चीख रहा था, नजरों से अपनों को ढ़ूंढ़ रहा था। सभी थे पास, फर्क ना पड़ रहा था…

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  • उम्र भर के लिए अजनबी हो गये
    शेरो-शायरी

    Judai Shayari | उम्र भर के लिए अजनबी हो गये

    ByAdmin April 25, 2021April 25, 2021

      उम्र भर के लिए अजनबी हो गये ( Umar bhar ke liye ajnabi ho gaye )     उम्रभर  के  लिए अजनबी हो गये! हम जुदा जीवन भर ऐसे की हो गये   मैं देखूँ चैन उसको नहीं मिलता है वो मेरे दिल के ही दिलकशी हो गये   बजते है साज उल्फ़त के…

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  • कर्म ही धर्म है
    कविताएँ

    कर्म ही धर्म है | Karm hi Dharam

    ByAdmin April 25, 2021April 15, 2023

    कर्म ही धर्म है ( Karam hi dharam hai  )   मैं धार्मिक आदमी हूं मुझे पसंद है मिट्टी की मूर्तियां मंदिर मस्जिद- गिरिजा गुरूद्वारा बनाना स्तुतियां करना धार्मिक परंपराओं को निभाना टीवी मीडिया में दिखाना बढ़ा चढ़ाकर बताना किसी अन्य चीज पर कभी ध्यान न देना बस अपने अल्लाह गाॅड भगवान में व्यस्त रहना…

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  • Maraasim ab haan
    शेरो-शायरी

    Nice Ghazal | कुछ भी नहीं

    ByAdmin April 24, 2021September 14, 2023

    मरासिम अब हाँ! कुछ भी नहीं ( Maraasim ab haan! kuchh bhi nahin )     मरासिम अब हाँ! कुछ भी नहीं पर कहने से होता कुछ भी नहीं   ज़ेहन और दिलका आबाई जंग है इस के बरख्श तेरा कुछ भी नहीं   ज़िन्दगी है सोज़-ए-शाम-ओ-सेहर और  इस  के  सिवा  कुछ भी नहीं  …

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  • जानेमन
    कहानियां

    जानेमन | Hindi Kahani

    ByAdmin April 24, 2021

    उर्मि के कदमों में आज तेजी थी। हर दिन से आज 10 मिनट देर से थी वह। सुबह वह भूल ही गयी थी कि आज शुक्रवार है और स्टेशन पर कोई उसका इंतजार कर रहा होगा। कैंट स्टेशन जाने वाली सड़क हर रोज की तरह गुलजार थी। स्टेशन और शहर को जोड़ने वाली यह इकलौती…

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