• तुम्हें मनाने आया हूं | Prarthana

    तुम्हें मनाने आया हूं ( Tumhe manane aaya hun )   दीन दयाल दया के सागर तुम्हें   मनाने   आया  हूं शब्दों के मोती चुनकर फूल  चढ़ाने  लाया  हूं   हे  जग  के करतार सुनो केशव माधव दातार सुनो करुणा के सागर आप प्रभु अब दीनों की पुकार सुनो   कुछ चमत्कार हरि कर दो दूर …

  • माँ | Maa

    माँ ( Maa )   जिसके होने से मैं खुद को मुकमल मानती हूं, मेरी मां के हर लफ्जों में दुआ है जानती हूँ । ?? मां शब्द जितना खूबसूरत है उससे भी अधिक खूबसूरत इसका एहसास है । संसार मे किसी भी जीव को जन्म देने का आशीर्वाद मां को ही प्राप्त है ।…

  • मेरी माँ | Meri Maa Par Kavita Hindi Mein

    मेरी माँ ( Meri Maa ) ( 3 )  दर्द भी दवा बन जाती है, तेरे पास आकर, रोती आँखें भी मुस्काती है, तेरे पास आकर, मंज़र-ए-क़यामत है,आँचल में तेरी ठंडी हवा, क्योंकि जन्नत भी रुकती है, तेरे पास आकर, कैसे बताऊँ किस कदर मोहब्बत है तुमसे माँ, ज़िंदगी भी ज़िंदगी लगती है, तेरे पास…

  • आंचल की छांव | Kavita Aanchal ki Chhaon

    आंचल की छांव ( Aanchal Ki Chhaon )   वात्सल्य का उमड़ता सिंधु मां के आंचल की छांव सुख का सागर बरसता जो मां के छू लेता पांव   तेरे आशीष में जीवन है चरणों में चारो धाम मां सारी दुनिया फिरूं भटकता गोद में तेरे आराम मां   मेरे हर सुख दुख का पहले…

  • प्यारी माँ | Pyari Maa Kavita

    प्यारी माँ ( Pyari Maa )   ये जो संचरित ब्यवहरित सृष्टि सारी है। हे !मां सब तेरे चरणों की पुजारी है।।   कहां भटकता है ब्रत धाम नाम तीर्थों में, मां की ममता ही तो हर तीर्थों पे भारी है।।   दो रोटी और खा ले लाल मेरे खातिर, भूखी रहकर भी कईबार मां…

  • मां | Maa Par Kavita

    मां ( Maa )   मां सहेली भी है, मां पहेली भी है, इस जहां में वो, बिल्कुल अकेली भी है। दुःख में हंसती भी है, सुख में पिसती भी है, नेह की प्यास में , ममता रिसती भी है, मां सुहानी भी है, मां कहानी भी है, मन को शीतल करे, मीठी वाणी भी…

  • बचपन के दिन | Kavita

    बचपन के दिन  ( Bachpan ke din )   कितने अच्छे थे – वे बचपन में बीते पल, ना भविष्य की चिंता, ना सताता बीता कल; खेल-खेल  में  ही  बीत  जाता  पूरा  दिन, कोई तो लौटा दे मुझे-मेरे बचपन के दिन !   नन्हीं आंखों में बसती थी- सच्ची प्रेम करुणा हमारे हिय के मद…

  • हे गगन के चन्द्रमा | Kavita

    हे गगन के चन्द्रमा ( He gagan ke chandrama )   तुम हो गगन के चन्द्रमा, मै हूँ जँमी की धूल। मुझको तुमसे प्रीत है, जो बन गयी है शूल। तेरे बिन ना कटती राते, दिल से मैं मजबूर, हे गगन के चन्द्रमा, तू आ जा बनके फूल।   रात अरू दिन के मिलन सा,क्षणिक…

  • जय महाराणा प्रताप | Kavita on Maharana Pratap

    जय महाराणा प्रताप ( Jai Maharana Pratap )   हल्दीघाटी युद्ध चरम पर था स्वयं अरि काल बने राणा नर मुंडो से सटी रणभूमि जिधर निकलते महाराणा   महाराणा के बिन बोले ही अरि दल में जा घुसता चेतक पराक्रमी सवार प्रतापी राणा ओजस्वी दमकता मस्तक   ना भूख लगे ना पांव थके मेवाड़ी वीरों…

  • मां | Mother’s Day Poem In Hindi

    मां ( Maa ) मेरे  गम  में  देखा  है आँख  तेरी  नम  होते  हुये , माँ मेरे हँसने पर तबस्सुम देखे तेरे लब पर खिले हुये, माँ   मेरी उम्र के साथ तेरी हर शिकन और गहराती दिखी, माँ तेरी  कमज़ोर,  पतली  काया  मुझमें दम भरती देखी, माँ   मेरी  सांस  के  साथ  हर  सांस …