Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • मजबूरी/ लाचारी
    कविताएँ

    मजबूरी/ लाचारी | Kavita

    ByAdmin April 23, 2021

    मजबूरी/ लाचारी ( Majboori )   सबको रखना दूरी है यह कैसी मजबूरी है कालचक्र का कैसा खेल कोई शक्ति आसुरी है   मजदूर आज मजबूर हुआ थककर चकनाचूर हुआ लहर कोरोना कैसी आई अपनों से भी दूर हुआ   मजबूर आज सारी दुनिया मुंह पर मास्क लगाने को सावधान रहकर जग में डटकर कदम…

    Read More मजबूरी/ लाचारी | KavitaContinue

  • Positive Kavita
    कविताएँ

    पाज़िटिव कविता! | Vyang

    ByAdmin April 23, 2021

    पाज़िटिव कविता! ( Positive Kavita : Vyang )   कोरोना नहीं है कोरोना नहीं है रोना नहीं है रोना नहीं है आॅक्सीजन की कमी नहीं है फैक्ट्रियों में पड़ी हुई हैं बहुत सारी भरी हुई हैं टैंकरों से आ रही है हवाई जहाज भी ला रही है बेड की कमी नहीं है दवाएं भी हैं…

    Read More पाज़िटिव कविता! | VyangContinue

  • आजमाया करें
    कविताएँ

    आजमाया करें | Kavita

    ByAdmin April 23, 2021

    आजमाया करें ( Aajmaya Karen )   बेवजह बात को ना बढाया करे, मुझसे जब भी मिले मुस्कुराया करे। सारी दुनिया के रंजो व गम भूल कर, दो घडी आँख मुझसे मिलाया करे।   आरजू जो दबी सी सनम दिल में है, आप मुझसे कभी ना छुपाया करे। आइने सा ये चेहरा मेरा है सनम,…

    Read More आजमाया करें | KavitaContinue

  • रहनुमा
    कविताएँ

    रहनुमा | मार्गदर्शक | Kavita

    ByAdmin April 23, 2021

    रहनुमा ( मार्गदर्शक ) ( Rahnuma )   रहनुमा कोई मिल जाए राह मेरी आसां हो जाए मेरी मंजिल का ठिकाना मुझको भी नसीब हो जाए   मार्गदर्शक बता दे रस्ता कोई खता न मुझसे हो जाए भटक  रहा  हूं  बियावान में हाथ पकड़ कोई राह दिखाये   अंधकार का अंत नहीं है रहनुमा का…

    Read More रहनुमा | मार्गदर्शक | KavitaContinue

  • देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में
    शेरो-शायरी

    देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में | Ghazal

    ByAdmin April 22, 2021

    देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में ( Dekh raha hun main hansi nazare gaon mein )     देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में आ रही देखो गुलों की वो बहारें गांव में   चाहता हूँ एक कोई तो बने साथी मेरा जो हंसी मुखड़े की देखी है कतारें…

    Read More देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में | GhazalContinue

  • भटकता मन
    कविताएँ

    भटकता मन | Kavita

    ByAdmin April 22, 2021

    भटकता मन ( Bhatakta man )   भटकते मन में मेरे आज भी, कुछ आस जिन्दा है। भरा  है  चाहतों  से  शेर मन पर, प्यास जिन्दा है।   उसी  को  टूट  कर चाहा, खुदी को ही भुला करके, अधुरी चाहतों का अब भी कुछ,एहसास जिन्दा है।   किसी को चाहना और वो मिले, ये सच…

    Read More भटकता मन | KavitaContinue

  • हारना हमको नहीं गवारा
    कविताएँ

    हारना हमको नहीं गवारा | Kavita Harna Humko Nahi

    ByAdmin April 22, 2021February 8, 2023

    हारना हमको नहीं गवारा ( Harna Humko Nahi Gavara )   जोश जज्बा रखकर चलते हैं तूफानों   में   हम   पलते  हैं हिम्मत बदले विपरीत धारा हारना  नहीं  हमको  गवारा   संस्कार कुछ ऐसे पाये हैं लक्ष्य  साधने  हम आए हैं अटल इरादे मानस हमारा हारना नहीं हमको गवारा   तूफानों से भीड़ सकते हैं आंधियों …

    Read More हारना हमको नहीं गवारा | Kavita Harna Humko NahiContinue

  • नज़रों का सच
    कविताएँ

    नज़रों का सच | Kavita

    ByAdmin April 22, 2021

    नज़रों का सच ( Nazron Ka Sach )   देखती  है  जो  नज़रे वो होता नहीं, चाहती है जो नज़रे वो दिखता नहीं। मन को छू जाए जज़्बात होंठो पे हो, आसूं बनके बहे मानता मन नहीं ।।   भीड़  को  देखा  राहों  पे बढ़ते हुए, दे  के  धक्का  बगल  में संभलते हुए। आंख  में …

    Read More नज़रों का सच | KavitaContinue

  • जय श्रीराम
    कविताएँ

    जय श्रीराम | Jai Shri Ram par Kavita

    ByAdmin April 21, 2021January 13, 2024

    जय श्रीराम ( Jai Shri Ram )  ( 1 )    सदियों से श्रापित भूमि का, आज हुआ उद्धार। मन्दिर का निर्माण हुआ जहाँ,राम ने लिया अवतार। धन धन भाग्य हमारे नयना, तृप्त हो गये आज, अवधपुरी मे सज रहा फिर से,भव्य राम दरबार। पुलकित है हर हिन्दू का मन, छलकत नयन हमार। बाँधन चाहत…

    Read More जय श्रीराम | Jai Shri Ram par KavitaContinue

  • अनुत्तरित प्रश्न
    कविताएँ

    अनुत्तरित प्रश्न | Kavita

    ByAdmin April 21, 2021April 21, 2021

    अनुत्तरित प्रश्न ( Anuttarit Prashna )   रास्ते से गुजरते हुए एक प्राकृतिक आॅक्सीजन टैंकर ने देख मुझे रोका हाल मुझसे मेरा पूछा। दोस्त क्या हाल है? कुछ देख रहे हो? समझ रहे हो इन दो टके के कृत्रिम आक्सीजन सिलिंडरों की कीमत जरा सा कोरोना प्रेशर क्या पड़ा अपनी औकात दिखा रहे हैं? बनाने…

    Read More अनुत्तरित प्रश्न | KavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 706 707 708 709 710 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search