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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • नई पीढ़ी न कतराए अखबार से
    कविताएँ

    नई पीढ़ी न कतराए अखबार से || kavita on news

    ByAdmin April 5, 2021April 12, 2021

    नई पीढ़ी न कतराए अखबार से ( Nai Pidhi Na Katraye Akhbar Se )   नई पीढ़ी को अखबार नहीं भाते पढ़ने से हैं कतराते जाने क्या हो गया है इन्हें? पढ़ना ही नहीं चाहते! एक हम थे पैसे भी नहीं थे फिर भी थी एक दीवानगी अखबार के प्रति जो अहले सुबह चाय की…

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  • वो याद आ रहा ए यार ख़ूब है
    शेरो-शायरी

    वो याद आ रहा ए यार ख़ूब है | Ghazal wo Yaad aa Raha

    ByAdmin April 5, 2021February 11, 2023

    वो याद आ रहा ए यार ख़ूब है ( Wo Yaad Aa Raha E Yar Khoob Hai )     वो  याद  आ रहा ए यार  ख़ूब है जो दूर हो गया आज़म महबूब है   वो आज ग़ैर मुझको ही बना गया दी प्यार में वफ़ायें जिसको ख़ूब है   गुल रोज़ भेजता था…

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  • सँजोना हमेशा खुशी के पलों को
    शेरो-शायरी

    सँजोना हमेशा खुशी के पलों को | Ghazal Sanjona Hamesha

    ByAdmin April 5, 2021February 11, 2023

    सँजोना हमेशा खुशी के पलों को ( Sanjona Hamesha Khushi Ke Palon Ko )     मिटा के दिलों से सभी नफ़रतों को।। सँजोना  हमेशा  खुशी के पलों को।।   बहुत हसरतों का है जिस दिल में डेरा।। कभी  ढूंढ  पाया  नहीं  मंजिलों  को।।   पड़े  फीके  जब  भी कभी ग़र इरादे। बिखरते है देखा…

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  • चैती
    कविताएँ

    Lokgeet | चैती

    ByAdmin April 5, 2021April 12, 2021

     चैती ( Chaiti Lokgeet )   काहे  गए  परदेश  सजनवा,  काहे  गए  परदेश। प्रीत मोरी बिसरा के सजनवा,छोड़ गए निज देश।   फागुन बीता तुम बिन सजनवा,चैत चढा झकझोर। भरी दोहपरी अल्लड उडे है, गेहूंआ काटे मलहोर।   पुरवा पछुआ कभी उडे तो, कभी उडे चकचोर। सांझ  ढलत  ही चैती गाए तब, नैन बरसाए नीर।…

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  • जीवन इक कचहरी है,सबको मिलता न्याय
    कविताएँ

    दोहा सप्तक | जीवन इक कचहरी है,सबको मिलता न्याय

    ByAdmin April 4, 2021April 4, 2021

     जीवन इक कचहरी है,सबको मिलता न्याय ( Jeevan Ik Kachahari  Hai,Sabko Milata Nyaay )   जीवन इक कचहरी है,सबको मिलता न्याय। बिना मुकदमा केस का,समय सुनाये राय।   रखें मुखौटा बॉंधकर,घूमें मत बाजार। साफ सफाई से करें,कोरोना संहार।   नहीं सियासत में कभी,होता कोई मित्र। किन्तु शुभ संकेत नहीं,इसका रक्त चरित्र।   जीवन के कैनवास…

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  • सर उठाना तो सदा बेबसी से बेहतर है
    शेरो-शायरी

    Ghazal | सर उठाना तो सदा बेबसी से बेहतर है

    ByAdmin April 4, 2021April 4, 2021

    सर उठाना तो सदा बेबसी से बेहतर है ( Sar Uthana To Sada Bebasi Se Behtar Hai )   सर  उठाना  तो  सदा  बेबसी से बेहतर  है सर-कशी कैसी भी हो ख़ुद-कुशी से बेहतर है   हुस्न सजने से , संवरने से दबा जाता है क्या कोई रंग तेरी  सादगी  से बेहतर है   उसकी…

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  • मुश्किल था दौर और सहारे भी चंद थे
    शेरो-शायरी

    Ghazal Mushkil tha Daur | मुश्किल था दौर और सहारे भी चंद थे

    ByAdmin April 4, 2021June 28, 2023

    मुश्किल था दौर और सहारे भी चंद थे ( Mushkil Tha Daur Aur Sahare Bhi Chand The )   मुश्किल था दौर और सहारे भी चंद थे मैं फिर भी जीता क्यूं कि इरादे बुलंद थे   राहें  निकाली मैंने वहां से कई नयीं देखा जहां पहुंच के सब रस्ते बंद थे   समझा तमाम…

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  • ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का
    शेरो-शायरी

    ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का | Khayal Shayari

    ByAdmin April 4, 2021February 11, 2023

    ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का ( Khayal Hun Main Tere Khawb Ka )   ख्याल हूँ मैं, तेरे ख्वाब का तसव्वुर से निकली तो हकीकत में उलझ न जाऊँ कहीं   अशआ’र तेरे, गज़ल हूँ मैं ज़हन से निकली तो पन्नों पर बिखर न जाउँ कहीं   नज़र तेरी, मंजर सुहाना हूँ मैं बसारत…

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  • पास मेरे आ हमजोली
    शेरो-शायरी

    Romantic Shayari | पास मेरे आ हमजोली

    ByAdmin April 4, 2021February 11, 2023

    पास मेरे आ हमजोली ( Paas Mere Aa Hamjoli )   पास मेरे आ हमजोली खेलें उल्फ़त की होली !   उल्फ़त को दिल में रख लो मारो  नफ़रत  को गोली     इस जग में सबसे बढ़कर सूरत  लगती  वो  भोली   ज़हर न घोलो होली में बोलो मीठी अब बोली   प्यार  भरी …

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  • जनता की जागरूकता आई काम
    कविताएँ

    जनता की जागरूकता आई काम | Kavita Janta ki Jagrookta

    ByAdmin April 3, 2021February 11, 2023

    जनता की जागरूकता आई काम ( Janta ki Jagrookta Aaee Kaam )   जाग गए हैं जाग रहे हैं वोटों को लेकर सजग हुए हैं मतदान बाद मशीन की निगरानी भी कर रहे हैं बंगाल असम चुनावों में नया ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। करीमगंज की घटना साबित करती है, जनता अब अपने वोटों…

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