सँजोना हमेशा खुशी के पलों को
सँजोना हमेशा खुशी के पलों को

सँजोना हमेशा खुशी के पलों को

( Sanjona Hamesha Khushi Ke Palon Ko )

 

 

मिटा के दिलों से सभी नफ़रतों को।।
सँजोना  हमेशा  खुशी के पलों को।।

 

बहुत हसरतों का है जिस दिल में डेरा।।
कभी  ढूंढ  पाया  नहीं  मंजिलों  को।।

 

पड़े  फीके  जब  भी कभी ग़र इरादे।
बिखरते है देखा बङे- काफ़िलों को ।।

 

बिना सोचे-समझे चला जो जहां में।
कहां  ढूंढ  पाया  सही  रास्तों  को।।

 

वफादार रह कर के रिश्ता निभाना।
द़गा तुम न देना कभी दोस्तों को।।

 

भरोसा न करना कभी दिल का यारो।
दबा दिल में रखना बुरी आदतों को।।

 

चुकाया न जाएगा अहसान उनका।
नहीं  भूल जाना कभी रहबरों को।।

 

मिलेगा नहीं दिल सदा याद रखना।
मिटाके मिले ग़र नहीं फ़ासलों को।।

 

मिली जब से तेरी नशीली-निगाहें।
भुलाना पड़ा है सभी मयकदों को।।

🍁
कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

यह भी पढ़ें : 

Ghazal | जब हुआ तीरे-नज़र का वार दिल पर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here