Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • आज के हालात
    कविताएँ

    Hindi Poetry On Life | Hindi Kavita -आज के हालात

    ByAdmin January 29, 2021February 25, 2021

    आज के हालात ( Aaj Ke Halat )   ****** मिलावट का धंधा देखो यार कितना फल-फूल रहा है? अपराधी भी सहज ढ़ंग से अब समाज में घुल रहा है थर-थर थर थर कांपे पड़ोसी डर के मारे नहीं कोई कुछ बोल रहा है। मिलावट का धंधा देखो यार कितना फल-फूल रहा है? नेता अफसर…

    Read More Hindi Poetry On Life | Hindi Kavita -आज के हालातContinue

  • मिलेंगे दर्द दुनिया से बचोगे तुम भला कब तक
    कविताएँ | शेरो-शायरी

    Hindi Poetry On Life -मिलेंगे दर्द दुनिया से बचोगे तुम भला कब तक

    ByAdmin January 28, 2021February 25, 2021

    मिलेंगे दर्द दुनिया से बचोगे तुम भला कब तक ( Milenge Dard Duniya Se Bachoge Tum Bhala Kab Tak )     मिलेंगे दर्द  दुनिया से  बचोगे   तुम भला कब तक। यहां अपने-पराये सब  चुनोगे तुम भला कब तक।।   गए तन्हा तुझे जो छोङ  कर मत आस कर उनकी। ग़मों से वास्ता  रखना  डरोगे …

    Read More Hindi Poetry On Life -मिलेंगे दर्द दुनिया से बचोगे तुम भला कब तकContinue

  • आस्था
    कविताएँ

    Hindi Poetry On Life | Hindi Kavita -आस्था

    ByAdmin January 28, 2021February 25, 2021

    आस्था (Aastha )   था  जो  विश्वास मेरा वो टूटा नही, आज भी आस्था मेरी तुम पे ही है।   राह  मुश्किल भरें मेरे है तो मगर, जीत की आरजू मेरी तुम से ही है।   क्या कहूँ क्या लिखू तुमसे न है छुपा, शेर  की  भावना  तुमसे  ही  है बँधा।   ठोकरों  से  उठेगा…

    Read More Hindi Poetry On Life | Hindi Kavita -आस्थाContinue

  • Doha Dashak
    कविताएँ

    doha dashak | -दोहा दशक | Hindi Poetry On Life | Hindi Poetry

    ByAdmin January 28, 2021April 5, 2021

    दोहा दशक ( Doha Dashak )     किया वतन की शान से, जिसने भी खिलवाड़। मिले दंड कठोर उसे, जाये जेल तिहाड़।   कृषक जनों की भीड़ में, शामिल कुछ शैतान। कभी नहीं वो चाहते, बढ़े वतन की शान।   डायन प्रथा के विरुद्ध, लड़कर हुई महान। छुटनी देवी को मिला, पद्मश्री ससम्मान।।  …

    Read More doha dashak | -दोहा दशक | Hindi Poetry On Life | Hindi PoetryContinue

  • कुछ बातें दर्पण से भी कर लूं
    कविताएँ

    Hindi Ghazal | Hindi Poem -कुछ बातें दर्पण से भी कर लूं

    ByAdmin January 28, 2021February 25, 2021

    कुछ बातें दर्पण से भी कर लूं ( kuch Baten Darpan Se Bhi Kar Loon )     कुछ बातें दर्पण से भी कर लूं शायद ख़ुद के होने का एहसास हो जाए।     समेटकर केश को जरा बांध लूं स्त्री के मर्यादाओं का आभास हो जाए।     मुद्दत हो गए निहारे ख़ुद…

    Read More Hindi Ghazal | Hindi Poem -कुछ बातें दर्पण से भी कर लूंContinue

  • जिसके हुई उल्फ़त में जख़्मी रुह है
    शेरो-शायरी

    Sad Ghazal | Sad Poetry In Hindi -जिसके हुई उल्फ़त में जख़्मी रुह है

    ByAdmin January 28, 2021February 25, 2021

    जिसके हुई उल्फ़त में जख़्मी रुह है ( Jiske Hui Ulfat mein Zakhmi Ruh Hai )     जिसके हुई उल्फ़त में जख़्मी रुह है यादों में हर पल उसकी डूबी रुह है   जख़्मी जख़्मी हुई है इतनी प्यार में कब चैन से ही मेरी रहती रुह है   उस चाँद सी सूरत के…

    Read More Sad Ghazal | Sad Poetry In Hindi -जिसके हुई उल्फ़त में जख़्मी रुह हैContinue

  • सबसे ऊँची शान ख़ुदा की
    शेरो-शायरी

    Amazing Urdu Poetry -सबसे ऊँची शान ख़ुदा की

    ByAdmin January 27, 2021February 25, 2021

    सबसे ऊँची शान ख़ुदा की ( Sabse Unchi Shaan Khuda Ki )     सबसे ऊँची शान ख़ुदा की हर बन्दे में जान ख़ुदा की   मंदिर मस्जिद सब हैं उसके आरती और अज़ान ख़ुदा की   सूरज चंदा रुप हैं उसके फूलों में मुस्कान ख़ुदा की   हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई ये सब हैं…

    Read More Amazing Urdu Poetry -सबसे ऊँची शान ख़ुदा कीContinue

  • काम किया हर पल पेचीदा
    ग़ज़ल

    Hindi Ghazal Poetry | काम किया हर पल पेचीदा

    ByAdmin January 27, 2021July 8, 2023

    काम किया हर पल पेचीदा ( Kaam Kiya Har Pal Pechida )     काम किया हर पल पेचीदा खुशियाँ देकर दर्द ख़रीदा   दूर गये हो जिस दिन से तुम रहता हूँ तब से संजीदा   जब देखा मज़हब वालों को टूट गया हर एक अक़ीदा   कैसे ख़ुश रह पाऊँ बोलो ? कोई…

    Read More Hindi Ghazal Poetry | काम किया हर पल पेचीदाContinue

  • माना तुम अपने हो पर गिरवी कैसे ईमान रख दूं
    कविताएँ

    Hindi Poetry -माना तुम अपने हो पर गिरवी कैसे ईमान रख दूं

    ByAdmin January 27, 2021February 25, 2021

    माना तुम अपने हो पर गिरवी कैसे ईमान रख दूं ( Mana Tum Apne Ho Par Girvi Kaise Iman Rakh Doon )   माना तुम अपने हो पर गिरवी कैसे ईमान रख दूं , बेहाया  तुम्हारे  हाथो  में कैसे हिंदुस्तान रख दूं । जलते हो तपते हो गलते हो पर मुल्क से बड़े नहीं हो,…

    Read More Hindi Poetry -माना तुम अपने हो पर गिरवी कैसे ईमान रख दूंContinue

  • प्रेम दीवानी!
    कविताएँ

    Hindi Ghazal | Hindi Romantic Poetry -प्रेम दीवानी!

    ByAdmin January 27, 2021February 25, 2021

    प्रेम दीवानी! ( Prem Deewani ) ***** छलकती आंखों से वो ख्वाब दिखता है, महबूब मेरा बस लाजवाब दिखता है। पहन लिया है चूड़ी बिंदी पायल झुमका, आ जाए बस तो लगाऊं ठुमका! बैठी हूं इंतजार में, दूजा दिखता नहीं संसार में। लम्हा लम्हा वक्त बीत रहा है, जाने कहां अब तक फंसा हुआ है?…

    Read More Hindi Ghazal | Hindi Romantic Poetry -प्रेम दीवानी!Continue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 735 736 737 738 739 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search