Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • प्रेम ( दोहा )
    दोहे

    प्रेम | Prem Ke Dohe

    ByAdmin September 29, 2020January 18, 2023

    प्रेम  ( Prem )   १) प्रेम की बंसी सुमधुर,मंत्रमुग्ध करी जाए। सुध-बुध का न पता चले,एकांत समय बिताए।।   २) जीवन में प्रेम महान, कुछ न इसके समान। मान सम्मान जहां मिले,वही है स्वर्ग स्थान।।   ३) नमन से नयन मिलाओ, आंखें कर लो चार। प्रेमरोग में जो पड़े,छुट जावे संसार ।।   ४)…

    Read More प्रेम | Prem Ke DoheContinue

  • ग़र ना होती मातृभाषा
    कविताएँ

    ग़र ना होती मातृभाषा | Matribhasha Diwas Par Kavita

    ByAdmin September 29, 2020January 18, 2023

    ग़र ना होती मातृभाषा ( Gar na hoti matribhasha )      सोचो    सब-कुछ    कैसा  होता, ग़र     ना     होती   मातृभाषा ।।   सब     अज्ञानी    होकर    जीते जग-जीवन     का   बौझा  ढोते, किसी  विषय  को   पढ पाने की कैसे   पूरी    होती  अभिलाषा।।   कैसे    अपना     ग़म    बतलाते कैसे    गीत     खुशी    के   गाते, दिल  की  दिल  में ही …

    Read More ग़र ना होती मातृभाषा | Matribhasha Diwas Par KavitaContinue

  • ढूंढ़ता हूँ रोज़ ऐसी दोस्ती मैं
    शेरो-शायरी

    ढूंढ़ता हूँ रोज़ ऐसी दोस्ती मैं | Dosti Heart Touching Shayari

    ByAdmin September 29, 2020January 18, 2023

    ढूंढ़ता हूँ रोज़ ऐसी दोस्ती मैं ( Dhoondhta hoon aisi dosti mein )    थक गया हूँ ढूंढ़ता ही ख़ुशी मैं! जी रहा हूँ ग़म भरी सी जिंदगी मैं   दें हमेशा जो वफ़ा की मुझको ख़ुशबू ढूंढ़ता हूँ रोज़ ऐसी दोस्ती मैं   नफ़रतों के दर्द ग़म इतनें मिले है हाँ भुला अपनें लबों…

    Read More ढूंढ़ता हूँ रोज़ ऐसी दोस्ती मैं | Dosti Heart Touching ShayariContinue

  • भिखारी
    कविताएँ

    भिखारी | Hindi Poem on Bhikhari

    ByAdmin September 29, 2020January 18, 2023

    भिखारी ( Bhikhari )    फटे पुराने कपड़ों में मारे मारे फिरते हैं भिखारी, इस गांव से उस गांव तक इस शहर से उस शहर तक न जाने कहां कहां ? फिरते हैं भिखारी । अपनी भूख मिटाने/गृहस्थी चलाने को न जाने क्या क्या करते हैं भिखारी? हम दो चार पैसे दे- अनमने ढंग से…

    Read More भिखारी | Hindi Poem on BhikhariContinue

  • हिन्दी मे कुछ बात है | Short Poem on Hindi Diwas
    कविताएँ

    हिन्दी मे कुछ बात है | Short Poem on Hindi Diwas

    ByAdmin September 29, 2020January 17, 2023

    हिन्दी मे कुछ बात है ( Hindi me kuch baat hai )    हिन्दी दिवस पर विशेष  (कविता)  हिन्दी अपनी मातृभाषा, हिन्दी में कुछ बात है! हिन्दी बनी राष्ट्र भाषा, भारत देश महान में। ‘नेताजी’ ” के हिन्दी नारे, गूंजे हिंदुस्तान में। ‘गुप्त’ सरीखे राष्ट्र-कवि, ‘तुलसी’ जैसे महाकवि। जाने कितने अमर हो गए, लिखकर इसी…

    Read More हिन्दी मे कुछ बात है | Short Poem on Hindi DiwasContinue

  • आ जलाये दिल में रोशनी इल्म की
    शेरो-शायरी

    आ जलाये दिल में रोशनी इल्म की | Ilm Par Shayari in Hindi

    ByAdmin September 29, 2020January 17, 2023

    आ जलाये दिल में रोशनी इल्म की ( Aa jalaaye dil mein roshani ilm ki )    आ जलाये दिल में रोशनी इल्म की रोशनी हर दिल में हो सभी इल्म की   रोशनी ये बुझेगी न दिल से कभी होगी रोशन सदा जिंदगी इल्म की   फैलायेगी जहां में रोशनी बनके होगी हर चेहरे…

    Read More आ जलाये दिल में रोशनी इल्म की | Ilm Par Shayari in HindiContinue

  • पीर हमरे करेजवा में आवल करी
    कविताएँ

    पीर हमरे करेजवा में आवल करी | Bhojpuri Kavita in Hindi

    ByAdmin September 29, 2020January 17, 2023

    पीर हमरे करेजवा में आवल करी (भोजपुरी-इलाहाबादी) गीत जब केउ सनेहिया क गावल करी। पीर हमरे करेजवा में आवल करी।। माया क जहान प्रेम सत्य क निशनवां, प्रेम की दीप जलै निशि दिनवा दिल में रहिके दिल काहे दुखावल करी।। पीर हमरे करेजवा…. राधाकृष्ण हीर रांझा प्रेम की मुरतिया, मीरा क प्रेम प्याला सुनि फटइ…

    Read More पीर हमरे करेजवा में आवल करी | Bhojpuri Kavita in HindiContinue

  • भूख
    कविताएँ

    भूख | Bhookh Par Kavita

    ByAdmin September 29, 2020January 17, 2023

    भूख ( Bhookh )   मैं भूख हूं, मैं मिलती हूं हर गरीब में अमीर में साधू संत फकीर में फर्क बस इतना किसी की पूरी हो जाती हूं कोई मुझे पूरा करने में पूरा हो जाता है मैं आदर्शवाद के महल के पड़ोस में पड़ी यथार्थवाद की बंजर जमीन हूं में मिलती हूं मजदूरों…

    Read More भूख | Bhookh Par KavitaContinue

  • जिंदगी में जब ख़ुशी रहती नहीं
    शेरो-शायरी

    जिंदगी में जब ख़ुशी रहती नहीं | Heart Touching Emotional Sad Shayari

    ByAdmin September 29, 2020January 17, 2023

    जिंदगी में जब ख़ुशी रहती नहीं ( Zindagi mein jab khushi rahti nahin )   जिंदगी में जब ख़ुशी रहती नहीं ख़ुश भरी फ़िर जिंदगी रहती नहीं एक दिन जज्बात मिट जाते सभी जिंदगी भर दिल्लगी रहती नहीं भूल जाते है गिले शिकवे करने उम्रभर नाराज़गी रहती नहीं साथ इक दिन छोड़ जाते है सभी…

    Read More जिंदगी में जब ख़ुशी रहती नहीं | Heart Touching Emotional Sad ShayariContinue

  • उसका मुकद्दर यू रूठ गया
    कविताएँ

    उसका मुकद्दर यू रूठ गया

    ByAdmin September 29, 2020December 31, 2020

    उसका मुकद्दर यू रूठ गया 1. उसका मुकद्दर यू रूठ गया , बकरा कसाई हाथ लग गया। 2. वो दिल में आ बत्तियां बुझा नभाक कर गया, कोई जुगनू पकड़ दामन फिर उजाला कर गया। 3. तुम अच्छे हो अच्छे रहो, हम बुरे हैं बुरे ही सही, देख लेते जो अच्छी नजर से बुरे हम…

    Read More उसका मुकद्दर यू रूठ गयाContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 788 789 790 791 792 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search