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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • प्यार भरा तेरा लहज़ा
    शेरो-शायरी

    प्यार भरा तेरा लहज़ा | Ghazal tera lehja

    ByAdmin September 19, 2020November 9, 2022

    प्यार भरा तेरा लहज़ा ( Pyar bhara  tera lehja )    लगता है बस प्यार भरा तेरा लहज़ा था ऐसा इजहार भरा तेरा लहज़ा   इजहार भरा हो होठों पे उल्फ़त का न कभी हो इंकार भरा तेरा लहज़ा   दिल में यार उदासी छायी है मेरे तल्ख़े था वो यार भरा तेरा लहज़ा  …

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  • फैशन का भूत
    कविताएँ

    फैशन का भूत | Fashion par kavita

    ByAdmin September 19, 2020November 19, 2022

    फैशन का भूत ( Fashion ka bhoot )  फैशन का भूत बड़ा मजबूत, साड़ी पर भारी पड़ गया सूट; इसके नाम पर मची है लूट। ठगे जा रहे युवक युवतियां, फंस पछता रहे युवा पीढ़ियां। टाइट जींस , फटे अंगवस्त्र पहनते, अर्द्धनग्न सी रहते,जिस्म आधी ही ढ़कते ! ऐसे कपड़े पहन करते चुहलबाज़ीयां, गुंडे मवाली…

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  • लिख रहूं हूँ गीत तेरी याद में
    शेरो-शायरी

    लिख रहा हूँ गीत तेरी याद में | Geet teri yaad mein

    ByAdmin September 19, 2020November 7, 2022

    लिख रहा हूँ गीत तेरी याद में ( Likh raha hoon geet teri yaad mein )      लिख रहूं हूँ गीत तेरी याद में हो गया हूँ जख्मी तेरी याद में   गांव जब से तू गया है छोड़कर रो रहा हूँ दोस्त तेरी याद में   अब आयेगा लौटकर तू गांव में जी…

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  • जिन्दगी ही मेरी मुझसे दूर है
    शेरो-शायरी

    जिन्दगी ही मेरी मुझसे दूर है | Urdu shayari on Zindagi in Hindi

    ByAdmin September 19, 2020November 14, 2023

    जिन्दगी ही मेरी मुझसे दूर है ( Zindagi hi meri mujhse dur hai )      जिन्दगी  ही  मेरी  मुझसे  दूर है कुछ तो बोलो मेरा क्या कुसूर है   तुम बनाइ हो  जो दूरियां  मुझसे बात कुछ ना  कुछ  तो  ज़रूर है   मैं कैसे चलूं  जिन्दगी  का  सफर तेरे बगैर दो कदम भी…

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  • न जाने कौन हूं मैं
    कविताएँ

    न जाने कौन हूं मैं | Kaun hoon main kavita

    ByAdmin September 19, 2020November 6, 2022

    न जाने कौन हूं मैं (  Na jane kaun hoon main )   न जाने कौन हूं मैं… गहन तिमिरान्ध में प्रकाश हूं मैं, छलकते आंसुओं की आस हूं मैं गृहस्थ योगी यती संन्यास हूं मैं, विरह कातर अधर की प्यास हूं मैं। किसकी ललचाई दृगन की भौंन हूं मैं।। न जाने कौन हूं मैं…….

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  • ख़्वाबों से है खाली नींद
    शेरो-शायरी

    ख़्वाबों से है खाली नींद | Neend shayari

    ByAdmin September 19, 2020November 6, 2022

    ख़्वाबों से है खाली नींद ( Khwabon se hai khali neend )      ख़्वाबों से है खाली नींद आँखों  पर है भारी नींद   शोर बहुत है सड़कों पर देखी  हमने  शहरी नींद   वो जग में किस्मत वाला जिसको आये अच्छी नींद   मुश्किल गुज़रेगा ये दिन जाग गया हूँ कच्ची नींद  …

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  • मानो मेरी बात देखो दिल सुधर जा !
    शेरो-शायरी

    मानो मेरी बात देखो दिल सुधर जा | Dil ki baat shayari

    ByAdmin September 18, 2020November 6, 2022

    मानो मेरी बात देखो दिल सुधर जा ! ( Maano meri baat dekho dil sudhar ja )    मानों मेरी बात देखो दिल सुधर जा ! यूं किसी के प्यार में ही मत बिखर जा   ग़ैर जैसे हो गया उसके लिए ही पास से ऐसे वहीं मेरे गुज़र जा   सिर्फ़ तन्हाई नज़र आती…

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  • चक्षुजल
    कविताएँ

    चक्षुजल | Chakshujal par kavita

    ByAdmin September 18, 2020November 6, 2022

    चक्षुजल ( Chakshujal )    बुभुक्षित कम्पित अधर का सार है यह। चक्षुजल है प्रलय है अंगार है यह।। तुंग सिंधु तरंग अमृत छीर है यह, प्रस्तरों को को पिघला दे वो नीर है यह, लक्ष्य विशिख कमान तूणीर है यह, मीरा तुलसी सूर संत कबीर है यह, प्रकृति है यह पुरुष है संसार है…

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  • अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं
    शेरो-शायरी

    अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं | Apni duniya shayari

    ByAdmin September 18, 2020November 6, 2022

    अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं ( Apni duniya ujad baitha main )    अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं सबसे रिश्ते बिगाड़ बैठा मैं   क़ब्र खोदी थी ग़ैर की ख़ातिर लाश अपनी ही गाड़ बैठा मैं   बेखुदी के शदीद आलम में हाय ख़त उसका फाड़ बैठा मैं   मुझसे नाराज़ हो गयी खुशियाँ आज…

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  • इंसान स्वयं को तू पहचान!
    कविताएँ

    इंसान स्वयं को तू पहचान | Insan par kavita

    ByAdmin September 18, 2020November 6, 2022

    इंसान स्वयं को तू पहचान! ( Insan swayam ko to pehchaan )  ऐ इंसान स्वयं को तू पहचान! जन्म हुआ किस हेतु तुम्हारा ? इस दुनिया जहान में, मानव खुद को तू पहचान रे। पेश करो तू मानवता की मिशाल, टिकते वही धरा पर जिनके होते हृदय विशाल। ऐ इंसान स्वयं को तू पहचान, विनम्रता…

    Read More इंसान स्वयं को तू पहचान | Insan par kavitaContinue

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