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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • सच का आइना | Sach ka aaina
    कविताएँ

    सच का आइना | Sach ka aaina

    ByAdmin September 12, 2020October 27, 2022

    सच का आइना ( Sach ka aaina )   हिंदू, मुस्लिम तुम आपस में बैर कर महात्मा गांधी ,अब्दुल कलाम भूल गए, जाति -जाति हर धर्म ,मजहब के फूल खिले, तभी तो दुनिया महका गुलशन हिंदुस्तान है, सब फूलों को पिरो बनाए जो माला संविधान अंबेडकर भूल गए, अपनी सत्ता की गलियारों में संस्कार गरिमा…

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  • उसके दिल में भर जाने को जी चाहता है
    शेरो-शायरी

    उसके दिल में भर जाने को जी चाहता है | Jee chahta hai

    ByAdmin September 12, 2020October 27, 2022

    उसके दिल में भर जाने को जी चाहता है ( Uske dil mein bhar jane ko jee chahta hai )     उसके दिल में भर जाने को जी चाहता है कभी दरिया से उभर जाने को जी चाहता है   जिस दिल पर हम मसरूफ रहा करते थे उसी दिल में उतर जाने को…

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  • तेरी मेरी कहानी हो गयी
    शेरो-शायरी

    तेरी मेरी कहानी हो गयी | Hindi shayari muhabbat

    ByAdmin September 11, 2020October 26, 2022

    तेरी मेरी कहानी हो गयी ( Teri meri kahani ho gayi )   गुम कहीं उसकी मुहब्बत की निशानी हो गयी हर लबों पे ही तेरी मेरी कहानी हो गयी   याद आयी आज इतनी उस फ़रेबी की मुझे आंसुओं से आंखें मेरी यार पानी हो गयी   कल तलक थी दोस्ती दिल में वफ़ा…

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  • जमीर
    कविताएँ

    जमीर | Jameer kavita

    ByAdmin September 11, 2020October 26, 2022

    जमीर ( Jameer )   गिरा जो अपना 1रुपया तो पश्चाताप बार-बार करते हो, दूसरों का ले हजारों किए हो जो गमन, जरा सोचो उस पर क्या बीती होगी? स्वार्थ का पर्दा लगाए हो जो जमीर में मेरा सच का आइना लो देखो तो जरा, ईमान खुद बोल देगा जमीर बचाओ यारों, किसी का तुम…

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  • शाबाश कतर !
    कविताएँ

    शाबाश कतर | Qatar par kavita

    ByAdmin September 11, 2020October 26, 2022

    शाबाश कतर ! ( Shabaash Qatar ) बड़े प्रभावी ढंग से कतर ने- कोविड-19 का मुकाबला किया है, एक जबरदस्त कामयाबी हासिल किया है। त्वरित पहचान व रोकथाम शुरू किया, प्रभावित समूहों को शीघ्र अलग किया; इसी ने उसे बेहतर रिजल्ट दिया । वहां 29 फरवरी को पहला मामला आया, लगभग 667936 लोगों को जांचा…

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  • आज कोई याद चेहरा आ गया!
    शेरो-शायरी

    आज कोई याद चेहरा आ गया | Shayri on yaad in Hindi

    ByAdmin September 11, 2020October 26, 2022

    आज कोई याद चेहरा आ गया! ( Aaj koi yaad chehra aa gaya )     आज कोई याद चेहरा आ गया! दिल रुलाने आज मेरा आ गया   खो गया रस्ता ख़ुशी का जीवन से दुख भरा जीवन में रस्ता आ गया   जो नहीं था वो वफ़ाओ से भरा दिल दुखाने एक रिश्ता…

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  • अनकही बातें!
    कविताएँ

    अनकही बातें | Ankahi baatein poetry

    ByAdmin September 11, 2020October 26, 2022

    अनकही बातें ( Ankahi baatein ) ***** कुछ न कहते हुए भी बहुत कुछ कह जातीं हैं अनकही बातें! सोच सोचकर हम लेते हैं गहरी गहरी सांसें! कुछ तो बात होगी? क्या बात होगी? इस संवादहीनता की! जरूर खास होगी? जो उसने नहीं बताई, हमसे नहीं जताई! बिन कहे छोड़ गई? मुझे रूला गई। इस…

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  • मां भारती की पुकार
    कविताएँ

    मां भारती की पुकार | Man bharati ki pukar

    ByAdmin September 11, 2020October 26, 2022

    मां भारती की पुकार ( Man bharati ki pukar ) मां भारती के अब लाल उठो, तुम पर ही हैं सारा भार उठो, मांग मेरी अब सुनी होने को है, मां भारती है अब बोल उठी, मां भारती की हर सपूत उठो, अपने -अपने हिस्से का ले सहयोग उठो चीनी सामग्री का, कर बहिष्कार उठो,…

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  • वो चाँद के जैसा मुखड़ा पसंद है !
    शेरो-शायरी

    वो चाँद के जैसा मुखड़ा पसंद है | Chand ke jaisa mukhda

    ByAdmin September 11, 2020October 26, 2022

    वो चाँद के जैसा मुखड़ा पसंद है ! ( Wo chand ke jaisa mukhda pasand hai )     वो चाँद के जैसा  मुखड़ा पसंद है! उसको  बना लूं मैं अपना  पसंद है   मैं चाहता हूं बातें बस  रहूं सुनता की यारों बोलना उसका पसंद है   कैसे देखूं किसी मैं और को ही…

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  • अन्नदाता का धरा पर मान होना चाहिए
    कविताएँ

    अन्नदाता का धरा पर मान होना चाहिए | Annadata par kavita

    ByAdmin September 11, 2020October 11, 2022

    अन्नदाता का धरा पर मान होना चाहिए ( Annadata ka dhara par maan hona chahiye ) ******** अन्नदाता का धरा पर मान होना चाहिए, उनके हित में भी कभी कुछ काम होना चाहिए। विषम परिस्थितियों में कठिन श्रम कर अन्न उगाते हैं, स्वयं भूखे रहकर भी देश को खिलाते हैं। खाद पानी बीज के लिए…

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