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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • दुस्साहस !
    कविताएँ

    दुस्साहस | Kavita dussahas

    ByAdmin September 9, 2020October 11, 2022

    दुस्साहस ! ( Dussahas ) *** भय से भी भयभीत नहीं हो रहे हैं हम, लाख चेतावनियों के बाद भी- कान में तेल डाल, सो रहे हैं हम। दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा आंकड़ा- दानव रूपी कोरोना का, हम ताली थाली पीट रहे- सहारा ले रहे जादू टोना का ! सरकार जुटी है सरकार बनाने…

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  • लड़की
    कविताएँ

    लड़की | Ladki par kavita

    ByAdmin September 9, 2020October 11, 2022

    लड़की ( Ladki )   जन्म के समय लड़के और लड़की में फ़र्क नही होता, पर जन्म लेते ही ये समाज बाँट देता है उन्हें , बांट दिए जाते हैं उनके खिलौने, बाँट दी जाती हैं उनकी फरमाइशें, बाँट दिए जाते है उनके सपने , और यहीं से जन्म लेती है लड़की और जन्म लेती…

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  • पत्नी और प्रेमिका
    कविताएँ

    पत्नी और प्रेमिका | Patni aur premika par kavita

    ByAdmin September 9, 2020September 22, 2022

    पत्नी और प्रेमिका ( Patni aur premika )   पत्नी और प्रेमिका दोनों भिन्न प्राणी है एक को समाज,घर और कानून मान्यता देता है दूसरे को सिर्फ़ प्रेमी मान्यता देता है   पत्नी का बीच राह पर हाथ पकड़ कर चल सकते हो लेकिन प्रेमिका के साथ नहीं किसी के पूछने पर बेझिझक यह तो…

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  • साथ क़िस्मत मेरा नहीं दें रही
    शेरो-शायरी

    साथ क़िस्मत मेरा नहीं दें रही | Kismat par Ghazal

    ByAdmin September 9, 2020September 22, 2022

    साथ क़िस्मत मेरा नहीं दें रही ( Sath kismat mera nahi de rahi )     साथ क़िस्मत मेरा नहीं दें रही जीस्त को खुशियां रस्ता नहीं दें रही   देखता हूं राहें मैं जिसके प्यार की वो निगाहें इशारा नहीं दें रही   कर रही है वो इंकार आंखें मुझे मिलनें को कोई वादा…

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  • रागिनी
    कविताएँ

    रागिनी | Kavita Ragini

    ByAdmin September 8, 2020September 22, 2022

    ” रागिनी “ ( Ragini ) सुमधुर गुंजार कोकिल चमक चपला सी चलन का।   रुचिर सरसिज सुमनोहर अधर रति सम भान तन का।   गगन घन घहरात जात लजात लखि लट लटकपन का।   मधुप कलियन संग लेत तरंगता खंजन नयन का।   पनग सूर्य अशेष पावत मात दुति मणि दंतनन का।   धरत…

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  • मंजूर के दोहे
    कविताएँ

    मंजूर के दोहे | Manzoor ke dohe

    ByAdmin September 8, 2020September 22, 2022

    मंजूर के दोहे **** 1. शूल समान तू तेज हो, भेदो हरेक बाधा पहुंचोगे तुम शीर्ष पर, लक्ष्य कठिन नहिं ज्यादा 2. पथिक तू चलते चला जा, लक्ष्य दूर न ज्यादा आशा भाव मन मा लिए, हर लोगे तुम बाधा 3. धरा हमारी उर्वरा, फसलन की नहिं सोच लाओ बीज कंद मूल के, उगालो मिट्टी…

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  • निशानी प्यार की 
    शेरो-शायरी

    निशानी प्यार की | Ghazal nishani pyar ki

    ByAdmin September 8, 2020September 22, 2022

    निशानी प्यार की  ( Nishani pyar ki )   दें आया हूं मैं जिसे कल निशानी प्यार की जिंदगी भर बन गयी दिल में रवानी प्यार की   दें गया है हिज्र आंखों में वो मुझे ऐसा यहाँ रह गयी दिल में अधुरी वो कहानी प्यार की   जो नहीं लिक्खी मुहब्बत मेरी है   तक़दीर…

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  • हिंदी राष्ट्र धरोहर है
    कविताएँ

    हिंदी राष्ट्र धरोहर है | Kavita Hindi rashtra dharohar hai

    ByAdmin September 8, 2020September 19, 2022

    हिंदी राष्ट्र धरोहर है ( Hindi rashtra dharohar hai ) *****   सबकी प्यारी सबकी दुलारी- मनभावन व मनोहर है, हिंदी राष्ट्र धरोहर है। देश को आपस में जोड़ने वाली, हृदय से हृदय को पहुंचने वाली । कानों में मिसिरी घोलने वाली, मीठी सुरीली, है अद्भुत अलबेली ; छात्र/छात्राओं की है सहेली । संपूर्ण धरा…

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  • फ़र्क नहीं पड़ेगा
    कविताएँ

    फ़र्क नहीं पड़ेगा | Poem fark nahi padega

    ByAdmin September 8, 2020September 19, 2022

    फ़र्क नहीं पड़ेगा ( Fark nahi padega )   बहुत सारी खामियां है मुझमें तो क्या हुआ……? तुमने कभी उन ख़ामियों को क्या मिटाना चाहा कभी….? नहीं ना…….!   तुम चाहते ही नहीं थे कभी कि हम भी उभर पाएं और तुम्हारे साथ खड़े हो सकें तुमने चाहा ही नहीं ऐसा कभी हम तुम्हारे साथ…

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  • खूबसूरत हैं नज़ारे गांव में 
    शेरो-शायरी

    खूबसूरत हैं नज़ारे गांव में | Poem on gaon

    ByAdmin September 8, 2020October 11, 2022

    खूबसूरत हैं नज़ारे गांव में  ( Khoobsurat hai nazare gaon mein )     खूबसूरत हैं नज़ारे गांव में प्यार के हैं बस इशारे गांव में   शहर में तो हर तरफ़ हैं नफ़रतें सिर्फ़ उल्फ़त है हमारे गांव में   जो किसी भी शहर होते नहीं वो हसीं देखें नजारे गांव में   देखने…

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