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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • यूं न झटकों नक़ाब से पानी
    शेरो-शायरी

    यूं न झटकों नक़ाब से पानी | Romantic ghazal in Hindi

    ByAdmin September 5, 2020September 3, 2022

    यूं न झटकों नक़ाब से पानी ( Yoon na jhatko naqab se pani )     यूं न झटकों नक़ाब से पानी हुस्ने जानम शबाब से पानी   जीस्त बेकार कर देगी तेरी है ये अच्छा शराब से पानी   प्यार की महकी है  यहाँ खुशबू टप रहा वो गुलाब से पानी   ले आया…

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  • तुम्हें कब मना किया है
    कविताएँ

    तुम्हें कब मना किया है | Sandeep poetry

    ByAdmin September 5, 2020September 3, 2022

    तुम्हें कब मना किया है   किसी से प्रेम करने को तुम्हें कब मना किया है लेकिन! प्यार करना तुम ….. किसी से प्यार करना कहाँ गलत है….? बस….! इतना ध्यान रहे कि प्यार में अंधे हो कर अपनों को नहीं भूलें…… उन्हें भी उतना ही प्यार दें……… जितना अपनी प्रेमिका को प्यार देते हो……..!!…

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  • ऐ चीन ! तुझे न छोड़ेंगे
    कविताएँ

    ऐ चीन ! तुझे न छोड़ेंगे | China par kavita

    ByAdmin September 5, 2020September 3, 2022

    ऐ चीन ! तुझे न छोड़ेंगे ***** बदला लेंगे हम, छोड़ेंगे न हम। भूले हैं न हम, भूलेंगे न हम। खायी है कसम, तोड़ेंगे गर्दन। करेंगे मानमर्दन , प्रतिशोध लेंगे हम। याद है ! बात उस रात की, छिपकर किए घात की। गलवान घाटी की ! आदत ही है तुम्हारी जाति की। गीदड़ सा करते…

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  • और जीवन
    कविताएँ

    और जीवन | Jeevan par kavita

    ByAdmin September 5, 2020August 17, 2022

    “और जीवन“ ( Aur jeevan )   ऐषणाओं के सघन घन और जीवन। आनुषांगिक भी न हो पाया अकिंचन और जीवन। शांत पानी इतने कंकड़। अंधड़ो की पकड़ में जड़, आत्मा ह्रासित हुई बस रह गया तन और जीवन।। ऐषणाओं.. कहते हैं सबकुछ यहां है, यहां है तो फिर कहां है इतनी हरियाली में बसते…

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  • चौखट
    कविताएँ

    चौखट | Chaukhat Kavita

    ByAdmin September 5, 2020August 17, 2022

    चौखट ( Chaukhat ) *** घर के बीचों-बीच खड़ा, मजबूती से अड़ा। आते जाते लोग रौंदते, चप्पल जूते भी हैं घिसते; ‘चौखट’ उसे हैं कहते । घरवालों की मान का रक्षक ‘चौखट’ लोक लाज की रखवाली और – है मर्यादा का सूचक! ‘चौखट’ सुनकर कितने गाली, ताने, रक्षा करे, न बनाए बहाने ! धूप ,…

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  • सीएसए प्रमुख बनीं लीजा कैंपबेल
    कविताएँ

    सीएसए प्रमुख बनीं लीजा कैंपबेल | Political kavita

    ByAdmin September 5, 2020August 17, 2022

    सीएसए प्रमुख बनीं लीजा कैंपबेल ******* कैंपबेल को मिली है- कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी की कमान, विज्ञान मंत्री नवदीप बैंस ने जारी किया है फरमान। सीएसए की कमान संभालने वाली पहली महिला होंगी, यह उनके लिए गर्व की बात होगी। लंबे समय तक लोकसेवा से जुड़ी रहीं है अब सिल्वेन लापोर्टे का स्थान ले रही हैं।…

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  • कैसे उसको हम भुलाये
    शेरो-शायरी

    कैसे उसको हम भुलाये | Yaad par shayari

    ByAdmin September 5, 2020August 17, 2022

    कैसे उसको हम भुलाये ( Kaise usko hum bhulaye )     रोज़ इतना याद आये कैसे उसको हम भुलाये!   वो बहुत बैठा खफ़ा है दोस्त को कैसे मनाये   वो लगा है तोड़ने में दिल से हम रिश्ता निभाये   बेवफ़ाई की कर बातें दिल वफ़ा में जलाये   वो हक़ीक़त में न…

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  • ए सनम कर ले मुहब्बत की बातें !
    शेरो-शायरी

    ए सनम कर ले मुहब्बत की बातें | Mohabbat ki baatein

    ByAdmin September 5, 2020August 17, 2022

    ए सनम कर ले मुहब्बत की बातें ! ( E sanam kar le mohabbat ki baatein )     ए सनम कर ले  मुहब्बत की बातें! तू नहीं कर ऐसी  नफ़रत की बातें   दोस्ती की छोड़ी रवानी कल उसने हो रही अब तो अदावत की बातें   क्या हुआ ऐसा उसे अब देखिए अब …

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  • जन करीं लापरवाही ! ( भोजपुरी भाषा में )
    कविताएँ

    जन करीं लापरवाही ! ( भोजपुरी भाषा में ) | Bhojpuri mein kavita

    ByAdmin September 5, 2020August 17, 2022

    जन करीं लापरवाही ! ( भोजपुरी भाषा में ) ***** ए भाई ! कोरोना बावे कि गईल? बाजार में भीड़ देख के लागता- कुछु नइखे भईल । सभे लोग बा ढीठ हो गईल , लागता छोड़ावे पड़ी सभन के मईल; कह#ता की बचे के का# बा#? अब कुछुओ नइखे धईल । ना मास्क पहिरता लोग,…

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  • हिंदी दिवस
    कविताएँ

    हिंदी दिवस | Hindi diwas kavita

    ByAdmin September 4, 2020October 12, 2022

    हिंदी दिवस ( Hindi diwas )   मै हाल-ए-दिल अपना किसको सुनाऊँ, अपनी घुटन को कहाँ ले के जाऊँ। बुलंदी पे अपना कभी मर्तबा था , मै चाहू उसे फिर भी वापस ना पाऊँ । मै हिन्दी हूँ ,मुझको किया गैर सबने, मै अपनो की जिल्लत को कैसे भुलाऊँ । एक शाम मै बहुत खुश…

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