Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • नाम मुहब्बत रखा गया
    ग़ज़ल

    नाम मुहब्बत रखा गया

    ByAdmin November 23, 2024November 23, 2024

    नाम मुहब्बत रखा गया दुनिया को इस तरह से सलामत रखा गयादो दिल मिले तो नाम मुहब्बत रखा गया गर वक़्त साथ दे तो बुलंदी पे हैं सभीरूठा अगर तो नाम कयामत रखा गया फैलाया हाथ हमने किसी के न सामनेख़ुद्दारियों को सारी अलामत रखा गया सब कुछ लुटाया उसने हमारे ही वास्तेमाँ का भी…

    Read More नाम मुहब्बत रखा गयाContinue

  • आँसू
    कविताएँ

    आँसू | Aansoo

    ByAdmin November 23, 2024November 23, 2024

    आँसू ह्रदय के हरेक भाव का द्रव भी,बह कर बन जाता है आँसू ।प्यार घृणा करुणा के विरोध का,द्रवित रूप होता है आँसू ।। सभी भावों की अभिव्यक्तियों पर,टपक आँख से जाता आँसू ।मन हँसता तो हँसे है वक्त भी,गिर जाता है आँख से आँसू ।। उसका स्थान नियत है कर डाला,मनुज आँख में बसता…

    Read More आँसू | AansooContinue

  • घर का बड़ा बेटा
    कविताएँ

    घर का बड़ा बेटा | Ghar ka Bada Beta

    ByAdmin November 23, 2024November 23, 2024

    घर का बड़ा बेटा आज टांग कर बैग,वह निकल गया कुछ दूर।घर की देख परेशानी,वह कमाने के लिए हुआ मजबूर। कभी था घर का राजा बेटा,आज हुआ वह नालायक।कमा के पैसा जो देता है,कहलाता है वह बेटा लायक। बहन की शादी करनी है,छोटा है अभी भाई।उसका भी अभी पढ़ना है,अब तो कमाना पड़ेगा भाई। बीमारी…

    Read More घर का बड़ा बेटा | Ghar ka Bada BetaContinue

  • सपनों की तलाश | Sapno ki Talash
    कविताएँ

    सपनों की तलाश | Sapno ki Talash

    ByAdmin November 22, 2024November 22, 2024

    सपनों की तलाश ( Sapno Ki Talash ) हर गली, हर मोड़ पर तेरा नाम पुकारा,तेरे बिना ये जीवन, है अधूरा, है बेसहारा।सपनों की तलाश में हर दिन भटक जाता,तेरे बिना मेरा हर सपना टूटकर रह जाता। तेरी बातों की मिठास, हर लम्हा महकाए,तेरी यादों की गहराई, मेरे दिल को सहलाए।तेरी राहों की ओर हररोज़…

    Read More सपनों की तलाश | Sapno ki TalashContinue

  • आज बीमार दिल की दवा ही नहीं
    ग़ज़ल

    आज बीमार दिल की दवा ही नहीं

    ByAdmin November 22, 2024November 23, 2024

    आज बीमार दिल की दवा ही नहीं आज बीमार दिल की दवा ही नहीं ।क्या लबों पे किसी के दुआ ही नहीं ।। बन गये आज हैं वहसी इंसान सब ।क्या कहूँ आज उनमें खुदा ही नहीं ।। खत लिखे प्रेम के लाख जिसके लिए ।बाद उसमें सुना फिर वफ़ा ही नहीं ।। बात मेरी…

    Read More आज बीमार दिल की दवा ही नहींContinue

  • मिला था निराली मधुर जिंदगी से
    ग़ज़ल

    मिला था निराली मधुर जिंदगी से

    ByAdmin November 22, 2024November 22, 2024

    मिला था निराली मधुर जिंदगी से भ्रमर बाग में जब मिला था कली सेमिला था निराली मधुर जिंदगी से सही और प्यारी सलाह दे रहा हूंहुनर सीख चलने का चलती घडी से कभी मैं कभी तू कभी ये कभी वोमिलेंगे कसम से नयी रोशनी से जरा गौर कर तू वहां देख प्यारेखड़ा है सफल आदमी…

    Read More मिला था निराली मधुर जिंदगी सेContinue

  • हम तो टेंट वाले हैं | Hum to Tent Wale Hain
    आलेख

    हम तो टेंट वाले हैं | Hum to Tent Wale Hain

    ByAdmin November 21, 2024November 21, 2024

    लाल किले में आजादी जश्न के मौके पर हर साल मुशायरा होता है। ऐसे ही कम से कम 40 या थोड़ा उससे आगे या पीछे वक्त की बात है। एक मुशायरा चल रहा था। जनवरी की ठंड थी, लेकिन श्रोताओं की वाहवाही और शायरों के एक से बढ़कर ग़ज़ल और शायरी से ठंड का नामोनिशान…

    Read More हम तो टेंट वाले हैं | Hum to Tent Wale HainContinue

  • माँ से बना बचपन मेरा
    कविताएँ

    माँ से बना बचपन मेरा

    ByAdmin November 21, 2024November 21, 2024

    माँ से बना बचपन मेरा अजब निराला खेल बचपन का lदुनिया ने लिया पक्ष सक्षम का llबचपन ने लिया पक्ष माँ का lआज भी धुन माँ की लोरी की llसुनाओ , फिर से कहानी माँ की lमाँ से बना बचपन मेरा ll किसी ने पूँछा ” मुकद्दर ” क्या है ?मैं ने कहा मेरे पास…

    Read More माँ से बना बचपन मेराContinue

  • कभी तुम
    ग़ज़ल

    कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो

    ByAdmin November 21, 2024November 21, 2024

    कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखोफ़क़त मुझ को भी अपना मान कर देखो विरासत में नहीं मिलते ख़ुशी के पलये काँटों से भरा मेरा सफ़र देखो लक़ब मुझ को मिले जो अब तलक सारेमिरी माँ की दुआ का है असर देखो अगर जो प्यार में…

    Read More कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखोContinue

  • मानसिक अवसाद और पुस्तकें
    साहित्यिक गतिविधि

    वर्तमान पीढ़ी में बढ़ता मानसिक अवसाद और पुस्तकें

    ByAdmin November 20, 2024November 20, 2024

    परिचर्चा की समीक्षा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी संगठन नीदरलँड द्वारा दिनांक 17 , नवंबर को “ वर्तमान पीढ़ी में बढ़ता मानसिक अवसाद और पुस्तकें “ जैसे सामयिक व गंभीर विषय पर रोचक व ज्ञानवर्धक परिचर्चा आयोजित की गई। प्रसिद्ध साहित्यकारों और शिक्षकों ने ज्ञानवर्धक जानकारी के साथ -साथ इस भयावह स्थिति से उबरने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव…

    Read More वर्तमान पीढ़ी में बढ़ता मानसिक अवसाद और पुस्तकेंContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 87 88 89 90 91 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search