Parinda

परिंदा | Parinda

परिंदा

( Parinda ) 

 

हवा न दो उन विचारों को
जो लगा दे आग पानी मे
जमीन पर खड़े रहना ही
आकाश को छू लेना है…

सीढियां ही पहुचाती हैं हमे
उछलकर गगन नही मिलता
भुला दो कुछ पन्नों को तुम
हर पन्नों मे जीवन नही मिलता..

अंगुलियों को देख लिया करो
जान लोगे तुम अपनी सच्चाई
गिरती हुई बूंदों को देखकर
सागर भी देख लिया करो…

बदलता हुआ मौसम है
जमी से फलक दूर नही
दबा हुआ बीज भी कभी
खिल उठता है फूल बनकर..

उड़ता हुआ परिंदा हूं
रास्ता तो देख ही लूंगा
दरख़्त ही है आशियाना मेरा
हवाएं भी गिराने से डरती हैं

 

मोहन तिवारी

 ( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

उड़ान की ख्वाहिशों मे | Udaan ki Khwahishon me

Similar Posts

  • हे महामना शत शत प्रणाम

    हे महामना शत शत प्रणाम नैतिकता काशोध शुद्धमर्म सुगंधपुष्प प्रावाह सामालवा महिमा कीपरिभाषाक्रांति शान्ति कादेवदूत ।। युग कालचेतना का प्रहरीईश ईश्वरअविनासी का सत्यसाक्ष्य सरस्वती साधकब्रह्मसत्य का पर्याय।। भारत भूमि काशौर्य पराक्रमनिराश जन मनकि हुंकारयुवा ओजसंरक्षक वचन कर्मधर्म का सनातन ।। कानून विदपत्रकार कर्मजन्म मर्मभारत माता काआँचल काशी और प्रयागगौरव गरिमा कामहामना प्रेरक पुरुषार्थ।। जन मन…

  • घर घर बजे बधाई | Krishna Janmashtami Par Kavita

    घर घर बजे बधाई ( Ghar ghar baje badhai )   घर घर बजे बधाई लयबद्ध——ले के पहला पहला प्यार   जन्मे जग के पालनहार ,मैया करे लाल से प्यार , नाचे गाए सब नर नार, बधाई बज रही घर-घर में।।   भादो कृष्ण अष्टमी आई ,नंद बाबा घर खुशियां छाई। सखियां गावे मंगलाचार, घर-घर…

  • Hindi poem on Bazaar | Hindi Kavita -बाजार

    बाजार ( Bazaar ) गहन तम में उजाले कि,क्यो मुझसे बात करते हो। अन्धेरों मे ही जब मुझसे वफा की, बात करते हो।   नही पहचान पाते हो जब मुझे, दिन के उजालों में, मोहब्बत वासना है फिर भी क्यो जज्बात कहते हो।   ये महफिल है मोहब्बत की,शंमा हर रात जलती है। सुलगते  जिस्म …

  • बिटिया मांगे अपना हक | Bitiya Mange Apna Hak

    बिटिया मांगे अपना हक ( Bitiya mange apna hak )   अब अब्बू मुझको भी पढ़ने दो, हमें क्यो कहते हो आप नो नो नो। दिलादो पाटी बरता और पेंसिल दो फिर हमको कहो विद्यालय गो गो गो। दिलादो प्यारी सी यूनिफॉर्म दो, सुहानी जुराबे और जूता जोड़ी वो‌। पहनकर जाऊॅं साथ खाना ले जाऊॅं,…

  • तुलसी पूजन दिवस | Tulsi Pujan Diwas

    तुलसी पूजन दिवस ( Tulsi pujan diwas )   तुलसी जी की महिमा न्यारी है पूजा पाठ व्रत उपासना, सदा शोभित शीर्ष स्थान । पुनीत पावन मंगल आभा, दुःख दर्द मूल अवसान । घर परिवार अनूप दर्शन कर, खिलती जीवन फुलवारी है । तुलसी जी की महिमा न्यारी है ।। भगवान विष्णु प्रिया बन, संपूर्ण…

  • अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा | Kavita Abhinandan Nav Varsh Tumhara

    अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा  ( Abhinandan Nav Varsh Tumhara )    आओ नये वर्ष में यह संकल्प करें, बीती बातों को नजर अन्दाज करें। दिये जो जख़्म हमें पुराने साल ने, मिलकर खुशियों से उन्हें नष्ट करें।। आपसी मतभेद सबसे हम मिटाऍं, घर परिवार में फिर से प्यार बढा़ऍं। समाज देश में अपनी प्रतिष्ठा लाऍं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *