Piya Tohe

पिया तोहे जी भर देख लूं | Piya Tohe

पिया तोहे जी भर देख लूं

( Piya tohe jee bhar dekh loon )

 

खुशियों के पल जीकर देख लूं,
आ पिया तोहे जी भर देख लूं।

श्रृंगार मेरा सब पिया है तुमसे,
प्यार तेरा सनम पाकर देख लूं।

चांद उतरा है आज जमीन पर,
करवा चौथ मना कर देख लूं।

प्रीतम सज रही आज दुल्हन,
तुमसे प्रीत लगा कर देख लूं।

आओ सनम मेरे दिलबर प्यारे,
चांद को छत पे जाकर देख लूं।

सात जन्मों का साथ हमारा,
गीत सुहाना गाकर देख लूं।

लाज से गोरी यूं शर्माने लगी,
चांद घूंघट में छुपाकर देख लूं।

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

श्रृंगार मेरा सब पिया से | Shringar Mera

Similar Posts

  • जिजीविषा सदा विजयंत | Jijeevisha

    जिजीविषा सदा विजयंत   मानव जन्म सृष्टि पटल, अलौकिक अनुपम छवि । देवत्व प्रभा मुखमंडल, ओज पुंज सदृश रवि । स्नेह दया सहयोग मूल, सदा गमन नैतिकता पंत । जिजीविषा सदा विजयंत ।। दुःख कष्ट सम धूप छांव , प्रति पल परिवर्तन कारी । सुख आनंद नेह संविदा, धर्म आस्था अंतर धारी । जीव जंतु…

  • गुनगुनाती धूप | Gunagunati Dhoop

    गुनगुनाती धूप ( Gunagunati dhoop )    गुनगुनी धूप में बैठो तुम जरा, जिंदगी सुहानी है मजा लीजिए। सर्दी सताए जब भी कभी, खुद को धूप से सजा लीजिए। धूप लगती प्यारी ठंडक में हमें, सर्दी सारी अब भाग दीजिए। राहत देती हमें ताजगी से भरी, थोड़ा धुप में भी सुस्ता लीजिए। रोगों से रक्षा…

  • सीख लिया है | Kavita

    सीख लिया है ( Seekh liya hai )   जिसने जितने दुःख दिये हैं मुझे आकर वे अपने अपने ले जाएं अब कोई ठिकाना नहीं है मेरे पास तुम्हारे दिए हुए दुःखों के लिए…   जो मेरे हिस्से आए हैं वे रख लिए हैं अपने पास उन्हीं को लगा कर सीने से जीवन गुजार दूँगा…

  • करवा चौथ | Hindi poem On karwa chauth

    करवा चौथ ( Hindi poem On karwa chauth )   चाँद का कर लूं सनम दीदार मैं प्यार से जो बंधा करवा चौथ है   उसकी चूड़ी उसकी देखो बिंदिया  मुस्कुराती  सूरत करवा चौथ है   हो गया दीदार अपनें चाँद का प्यार का आया वो करवा चौथ है   सज गयी है चाँद की …

  • प्यार चाहिए | Kavita Pyar Chahiye

    प्यार चाहिए ( Pyar Chahiye ) प्यार को प्यार से देखो तो प्यार बढ़ता है। दिल को दिल से मिलाओं तो दिल पिघलता है। है बहुत से लोग यहां जिनको प्यार मिलता नही। तो क्या उनका जीवन बिन प्यार के नीरस है।। जो प्यार मोहब्बत को यारों सिर्फ खेल समझते है। वो हसीन सपनों से…

  • मेरी अयोध्या | Meri Ayodhya

    मेरी अयोध्या ( Meri Ayodhya ) धर्म की नगरी सोई हुई थी, आज जगी है मेरी अयोध्या। पुलकित हो गया रोम रोम,आज खिली है मेरी अयोध्या। नैना निहारत चौखट पर इक, मन्दिर ऐसा भव्य बना है, भारत का संताप मिटा अब,दमके ऐसी है मेरी आयोध्या। दीप जलावत मंगल गावत, जन मन को रिझावे अयोध्या। सोने…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *