Prem ki poem

एक प्रेम कविता | Prem ki poem

एक प्रेम कविता

( Ek prem kavita ) 

 

जब जब साथ तुम्हारा मिले
यह ह्रदय मेरा प्रेम से खिले,

फूलों से महक जाए हर खुशी
भावनाओं में जैसे ये मन वहे ।।

मैं एक प्रेम कविता बन जाऊं
तू लिखे मुझे अपनी चाहत से ,

खाली समय में बस सोचे मुझे,
तेरी ही एक प्रेम कविता कहलाऊं।।

 

प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका)
ग्वालियर – मध्य प्रदेश

यह भी पढ़ें :- 

Kavita | वृक्ष कहे तुमसे

Similar Posts

  • गाँव अराॅंई | Gaon Arai par Kavita

    गाँव अराॅंई ( Gaon Arai )   एक कहावत बहुत ही पुरानी, बावन फोर्ट छप्पन दरवाजा। आभा नगरी चन्दवा था राजा, जो था गाँव अराँई का राजा।। वीर बहादूर और बलशाली, सेना जिसकी करें रखवाली। धन- धान्य से गाँव था सम्पन्न, हीरे और मोती नही थें कम।। कहते है यहाँ धन था अपार, सुख सम्पन्न…

  • वो आखरी सलाम था | Kavita aakhri salaam

    वो आखरी सलाम था ( Wo aakhri salaam tha )   सीमा से तिरंगे में लिपटा वो अमर सपूत घर आया नैनों से अश्रुधारा बहती सबका कलेजा भर आया जिसके जोश जज्बे का कायल हर दिलवाला था वो देशभक्त मतवाला था वो देशभक्त मतवाला था भारत मां का लाड दुलारा वो राष्ट्रप्रेम पुजारी था बहना…

  • चंद्रघंटा मां | Chandraghanta Maa

    चंद्रघंटा मां ( Chandraghanta Maa )    स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक शारदीय नवरात्र तृतीय बेला, शीर्षस्थ भक्ति शक्ति भाव । सर्वत्र दर्शित आध्यात्म ओज, जीवन आरूढ़ धर्म निष्ठा नाव । चंद्रघंटा रूप धर मां भवानी, शांति समग्र कल्याण प्रदायक । स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक ।। साधक पुनीत अंतर्मन आज, मणिपूर चक्र…

  • सौभाग्य का व्रत | Kavita

    सौभाग्य का व्रत ( Saubhagya ka vrat )   धन्य है हमारी आदिशक्ति भारत की नारी तन मन प्राण से व्रत का पालन करती सारी   कभी नही कहती वो अपने मन की अभिलाषा सुख,वैभव,यश,शांति,आरोग्य की करती आशा   हे अर्धांगिनी अमरत्व मिले जगती तल में तुमको साक्षात श्री सौभाग्यशाली हो बनाती तुम सबको  …

  • कान्हा प्यारी छवि तेरी | Kanha kavita

    कान्हा प्यारी छवि तेरी ( Kanha pyari chhavi teri )   खुशियों से दामन भर जाए दीप जलाने लाया हूं। मुरली मोहन माधव प्यारे झोली फैलाये आया हूं।   मन मंदिर में बंसी केशव मधुर सुहानी तान लगे। कान्हा की प्यारी छवि मोहिनी मूरत श्याम लगे।   लेखनी की ज्योत ले माधव तुझे रिझाने आया…

  • आ जा कि दिल उदास है | Udas poetry

    आ जा कि दिल उदास है ( Aaja ki dil udas hai )   ☘️☘️   तुझसे बिछड़ के बहुत दूर हुऐ जा रहें हैं हम तेरे नजदीक आने का कोई रास्ता हो तो बता ☘️☘️ तेरी आंखों की बेसबब तल्खीयों से आहत हूं मेरी रुह को आगोश में लेने का ख्वाब तो सजा ☘️☘️…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *