शाबाश अनन्या

शाबाश अनन्या | Anannya par kavita

शाबाश अनन्या

( Shabash Anannya )

*****

तुने हिम्मत दिखाई,
खुद के लिए ‘राजधानी’ चलवाई।
रेल प्रशासन को झुकाई,
गया गोमो होते हुए ट्रेन रांची ले आई।
तुम बहादुर हो,
प्रेरणा हो;
शेरनी हो ।
अकेली हो इतनी हिम्मत दिखाई!
वरना 930 यात्रियों ने तो डाल्टेनगंज में ही ट्रेन ही छोड़ दी,
आवाज उठाने की हिम्मत न की!
अन्याय के खिलाफ न उठ खड़ा होना बुजदिली है,
साहस दिखाने पर ही किसी को मिलती मंजिल है।
पर सब चुपचाप चले गए बसों में बैठकर,
आवाज उठाने की जहमत भी नहीं की, अन्याय देखकर।
लेकिन तू नहीं मानी,
ट्रेन से जाने की ही ठानी।
अधिकारी कभी धमकाएं तो कभी किए मिन्नत,
यहां तक कि कोशिश की देने की लालच,
कार से भेजने की , की वकालत।
लेकिन ना हुई तू टस से मस,
अधिकारियों को कह दिया बस!
रांची तक का टिकट लिया है,
पूरा पैसा दिया है ।
बीच में क्यूं उतरूं?
बस पर या कार पर क्यूं चढ़ूं?
जाऊंगी तो ट्रेन से ही,
दो चार घंटे लेट से ही सही।
थक-हार कर रेल प्रशासन ने अकेली लड़की की खातिर-
राजधानी ट्रेन को रांची रवाना किया,
गया-गोमो के रास्ते उसे रांची पहुंचाया;
अनन्या तेरे साहस ने दिल जीत लिया।
लड़ गई तू अकेली सरकार से,
ठुकरा दी आॅफर जाने की कार से।
जीत गई तू,
अकेली ट्रेन रांची ले गई तू।
इस साहस को हम सलाम करते हैं,
तेरे उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
ऐसे ही हिम्मती युवा पीढ़ी देश को चाहिए-
जो हक के लिए अपनी आवाज बुलंद करें,
सच्चाई के लिए जीए मरे;
देश के लिए अंतिम सांस तक लड़े।

 

?

नवाब मंजूर

 

लेखक– मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

 

यह भी पढ़ें :

वजन घटाना जरूरी है | Motapa par kavita

Similar Posts

  • रामनवमी | Kavita

    रामनवमी ( Ram Navami )   ( 2 ) हाथी घोड़े ऊंट सज रहे रामनाम की जय जयकार रामनवमी पर्व सनातन खुशियों भरा आया त्योहार केशरिया ध्वज लहराये गूंज रहा है नारा श्रीराम हर हर महादेव स्वर गूंजे रामनाम बस राम ही राम झूम रहे हैं राम राम में राम सिवा नहीं कोई काम नगर…

  • शतरंज | Shatranj par Kavita

    शतरंज ( Shatranj )    भारत देश के पुरानें खेलों में से एक यह शतरंज, जिसकी उत्पत्ति यही हुई जिसे कहते थें चतुरंग। लेख व आलेख मिलेंगे जिसके भारतीय ग्रंथों में, आगे चलकर ये चतुरंग खेल कहलाया शतरंज।। पहले जिसको खेला करते थें वो राजा महाराजा, जिसमें भरपूर-बुद्धि का यह प्रयोग किया जाता। उब चुके…

  • नमो नमो मोदी हरे | Narendra Modi par kavita

    नमो नमो मोदी हरे ( Namo Namo Modi Hare )     नमो नमो स्वर लहरी से, जनमानस झूम रहा। राम मय हुआ राष्ट्र, जन जन भक्ति में घूम रहा।   दिल्ली दिल जनता का, अब मोदी दरबार बना। अखिल भारती भूमंडल में, सब खुशियां रहे मना।   सिंहासन पे शेर देश का, लाल किले…

  • नारी!कौन हो तुम | Nari Kaun ho Tum

    नारी!कौन हो तुम? ( Nari Kaun ho Tum )   नारी! कौन हो तुम? नारी! शिव की पार्वती है हम, विष्णु की लक्ष्मी है हम, ब्रह्मा की गायत्री है हम, कान्हा की राधा है हम, पांडवों की द्रौपदी है हम, राम की सीता है हम। नारी! कौन हो तुम? नारी!वाणी में सरस्वती है हम, विद्या…

  • ढेरा | Dhera

    ढेरा ( Dhera )    सवालों का ढेरा है बस दुआओं का सहारा है।। मंजिल की राहों में बसेरा है बस वक्त का चेहरा है।। सवालों ने घेरा है जिम्मेदारियों का पहरा है।। ख़्वाब में तो आसमान की उड़ान है खुदकी बनानी पहचान है।। सवाल है दिल में फैला, क्यू चल रहा तू दलदल में…

  • हिंदुस्तान | Hindustan par kavita

    हिंदुस्तान! ( Hindustan )   मोहब्बत की जमीं का नाम है हिंदुस्तान, अनेकता में एकता का नाम है हिंदुस्तान। अखिल विश्व को जो मानता अपना कुटुंब, उस वसुधैव कुटुंबकम का नाम है हिंदुस्तान। जिस पावन धरती पर राम वन गमन किये, उस त्याग – तपस्या का नाम है हिंदुस्तान। देश की आजादी में चूमें फांसी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *