कविताएँ

स्वच्छता | Swachchhata Kavita

स्वच्छता 

( Swachchhata : Kavita )

 

१.स्वच्छ भारत अभियान का समर्थन करो |

गंदगी को साफ करो,स्वच्छ भारत का निर्माण करो ||

 

२.किसी एक के बस की बात नहीं,सबको मिलकर चलना होगा |

इतनी अटी गंदगी को साफ हमें ही करना होगा ||

 

३.अवैतनिक काम है ये,अद्रस्य रुप से करना है |

स्वच्छ रहेगा वाताबरण ,तो फिर काहे का डरना है ||

 

४.अशोभनीय है गंदगी ,जो फैली चारो ओर है |

साफ करो इसे फर्ज मान ,तो बीमारी का क्या जोर है ||

 

५.स्वच्छ रहेगा घर आंगन ,तो ख़ुशी मिलेगी आपर |

हट जाएगी गंदगी तो,स्वस्थ रहेंगे परिवार ||

 

६.ना होगी गंदगी कहीं,ना कहीं कचरा जमा होगा |

न आएंगे मच्छर-मक्खी ,स्वस्थ्य शरीर जंवा होगा ||

 

७.स्वच्छता के साथ-साथ ,पेय जल का भी ध्यान करो |

स्वच्छ,निर्मल जल सेवन कर,अपने पर कल्याण करो ||

 

८.आस-पडोस के लोगों भी,दो शुद्ध जल की समझाइस |

वो भी स्वस्थ रहेंगे भईया,ना होगी रोगों की गुंजाइस ||

 

९.साफ -सुथरे होंगे कस्बे ,और नगर -महानगर दमकेंगे |

तब सफल होगा अभियान हमारा,भारत के संग हम चमकेंगे ||

लेखक —–> सुदीश कुमार सोनी

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