Sweater par kavita

ठंड में आई याद स्वेटर की | Sweater par kavita

ठंड में आई याद स्वेटर की

( Thand mein aayi yaad sweater ki )

 

ठंड में आई है मुझको याद स्वेटर की,
जिसके बिना हमारी ठंड नही रुकती।
इसमें हमारी मां का प्यार, आशीर्वाद,
जिसके बिन हमारी सर्दी नही कटती।।

इस मौसम ने बदल लिया है मिजाज,
हमनें निकाली अपनी स्वेटर ये आज।
इस ठंडी से हमें यह स्वेटर ही बचाती,
यह जान से प्यारी अनेंक इसके राज।।

मुलायम ऊन की यह स्वेटर है हमारी,
बहुत ही निराली और है प्यारी प्यारी।
पिरोकर सलाइयों से बनाया जिसको,
वो मम्मी थी हमारी ऐसी प्यारी प्यारी।।

यह है निशानी मेरी माताजी की ऐसी,
इस ठंडी में जिसकी कद्र बहुत होती।
अकेलेपन का एहसास हमें है कराती,
सर्दी में मुझको यह बहुत रास आती।।

इसके रोम-रोम में हमको मां दिखती,
डिज़ाइन सोचती एवं बुनती ही रहती।
गर्म ऊन से ऐसे सजाकर उसे बनाया,
अपनेपन का यह अहसास है कराती।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • लम्हे | Lamhe

    लम्हे ( Lamhe )    एक लम्हे में ही कहानी बन जाती है एक लम्हे में ही जीवन बदल जाता है लम्हे के पल को समझना न कम कभी कभी लम्हे में ही जीती बाजी पलट जाती है लम्हे लम्हे ही सांसों का दौर चलता है लम्हे लम्हे ही गगन से बूंद बरसती है लम्हे…

  • मैं हंसती आंखों का गहना | Kavita hansti aankhon ka

    मैं हंसती आंखों का गहना ( Main hansti aankhon ka gahana )    मैं हंसती आंखों का गहना तुम नयनों में रहती हो। धड़कनें बढ़ जाती है जब भी तुम कुछ कहती हो।   खिला खिला सा चेहरा ये तुमको पाकर महक उठा। मन का पंछी मनमौजी बन चमन पाकर चहक उठा।   बहती धारा…

  • धर्म कर्म में हो बदलाव

    धर्म कर्म में हो बदलाव धर्म , संस्कृति की सरल धारा में ,कर्म की क्षमता को भूल गए हैं । कुरीतियां , जहरीली हवा बहाकर ,कैसे सबको मानव धर्म में वापस लाएं । आंखों को बंद कर मन की ग्रंथि चोक हुई,आलोचक भी हथियार डाल चुके हैं । शुद्ध विचारों की गंभीरता पर हास्य आया…

  • जाने दो | Jaane do kavita

    जाने दो ( Jaane do )   हे प्रिय प्रकाश को बन्द करो, अन्धियारे को तुम आने दो। कोई देख ना ले हम दोनो को, जरा चाँद को तुम छुप जाने दो।   तब तक नयनों से बात करो, कोई हास नही परिहास करो। मन के भावों को रोक प्रिये, घनघोर अन्धेरा छाने दो।  …

  • पीला रंग | Peela Rang par Kavita

    पीला रंग ( Peela rang )    पीली पीली सरसों महकी महका मधुमास सारा। फागुन का महीना होली रंगों का त्योहार हमारा। पीत वर्ण गजानन सोहे भर दे रिद्ध सिद्ध के भंडार। मोदक भोग चढ़े गजानन बरसे वैभव कीर्ति अपार। शक्ति समृद्धि सुचिता प्रसन्नता उमंग का आधार। शक्ति दाता समरसता की घर घर बहती रसधार।…

  • जीवन के रंग | Jeevan ke Rang

    जीवन के रंग ( Jeevan ke Rang ) जिंदगी ने जिंदगी से कुछ सवाल किये है। जिंदगी ने जिंदगी को उनके जबाव दिये है। कभी खुशी के लिए कभी गम के लिए। फिर भी जिंदगी को संतुष्ट नही कर पाये।। जिंदगी को जग में सब खुशी से जीना चाहता है। फूलों की चाहत को दिलमें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *