Hindi Poem

  • बुरा दौर आने वाला है | Kavita

    बुरा दौर आने वाला है ( Bura daur aane wala hai )   झोंपड़ियों में सुलगती इस आग से, नेताओं का महल रोशन होने वाला है; लाशों  के  ढेर  पर सियासत है चालू लगता है कहीं चुनाव होने वाला है ! अगर तुम आज भी ना बोले तो यह ज़ुल्म यूँ ही बढ़ता जाएगा; ज़ुल्म …

  • दीप जलाना होगा | Kavita

    दीप जलाना होगा ( Deep jalana hoga )   बुलंद हौसला बनाना होगा तूफान  से  टकराना  होगा मास्क जरूरी मुंह पर रखना जन-जन को समझाना होगा   वक्त के मारे लोग जगत में मदद को हाथ बढ़ाना होगा दुख की गाज गिरी जिन पर ढांढस  उन्हें  बंधाना  होगा   मन का भेद मिटाना होगा सेवा…

  • पथिक प्रेमी | Kavita

    पथिक प्रेमी ( Pathik Premi )   हे पथिक मंजिल से भटके, ढूंढता है क्या बता। क्यों दिखे व्याकुलता तुझमें, पूछ मंजिल का पता। यू ही भटकेगा तो फिर सें, रस्ता ना मिल पाएगा, त्याग संसय की घटा अरू, पूछ मंजिल का पता।   जितना ही घबराएगा तू, उतना ही पछताएगा। वक्त पे ना पहुचा…

  • आओ मिलकर प्यार लिखें | Geet

    आओ मिलकर प्यार लिखें ( Aao milkar pyar likhen )   प्रेम और सद्भावों की मधुर मधुर बयार लिखे खुशियों भरा महकता सुंदर सा संसार लिखे मधुर गीतों की लड़ियां गा गुल गुलशन गुलजार लिखें अपनापन अनमोल जग में आओ मिलकर प्यार लिखें   जहां नेह की बहती धारा पावन गंगा की धार लिखें जहां…

  • भोर की किरण | Kavita

    भोर की किरण ( Bhor ki kiran )   भोर की पहली किरण उर चेतना का भाव है उषा का उजाला जग में रवि तेज का प्रभाव है   आशाओं की जोत जगाती अंधकार हरती जग का जीने की राह दिखाकर उजियारा करती मन का   कर्मवीरों की प्रेरणा हौसलों की उड़ान है योद्धाओं की…

  • कोरोना का सीजन | Kavita

    कोरोना का सीजन ( Corona ka season )   कोरोना का सीजन कोरोना का सीजन बढ़े रोग दिन दिन घटे ऑक्सीजन कोरोना का सीजन…….2 मार्च में आए अप्रैल में छाए पूरी मई यह तबाही मचाए जून में जाने की करे डिसीजन करोना का सीजन……. जुलाई में जोर भयो कमजोर अगस्त में गश्त बची अब थोर…

  • मैं नहीं हम की बात | Kavita

    मैं नहीं हम की बात ( Main Nahi Hum Ki Baat )     करें बंद अब,धरम की बातें। गंगा और जमजम की बातें।   चोटिल हैं ज़ज्बात अभी बस, करें  फकत  मरहम की बातें।   भूख प्यास विश्वास की बातें, बोझिल हर इक,साँस की बातें।   मिलजुलके सुलाझायें मसले, करें  ताल  कदम की बातें।…

  • कोरोना काल का पक्ष एक और | Kavita

    कोरोना काल का पक्ष एक और! ( Corona Kal Ka Pach Ek Or )   जरा सोचें समझें कैसा है यह दौर? भविष्य हमारा किधर जा रहा है? देखो कोई चांद पर मंगल पर बस्तियां- बसा रहा है! उधर हम देख सोच भी नहीं पा रहे हैं हम अनजाने डर से डरे जा रहे हैं…

  • हे नाथ बचा लो | Kavita

    हे नाथ बचा लो ( He nath bacha lo )   जग के सारे नर नारी रट रहे माधव मुरलीधारी यशोदा नंदन आ जाओ मोहन प्यारे बनवारी   चक्र सुदर्शन लेकर प्रभु नियति चक्र संभालो कहर कोरोना बरस रहा आकर नाथ बचा लो   उठा अंगुली पर गोवर्धन बचा लिया गोकुल को हर लो पीर…

  • मुक्तक | Muktak

    मुक्तक ( Muktak )   1 सच जो लिख न सके वो कलम तोड़ दो, ये सियासत का  अपने  भरम  तोड़ दो, इन गुनाहों   के  तुम  भी  गुनहगार  हो, यार सत्ता  न  संभले  तो  दम  तोड दो।। 2 भटक रहा हूँ मैं अपनी तिश्नगी के लिए.. ज़रूरी हो गया तू मेरी जिन्दगी के लिए.. फक़त…