hindi poetry

  • हमें आप से दिल लगाना पड़ेगा

    हमें आप से दिल लगाना पड़ेगा ( Hame Aap Se Dil Lagana Padega )     हमें आप से दिल लगाना पड़ेगा। ज़माने से तुम को चुराना पड़ेगा।।   बहे जैसे खूं मेरी नस-नस में हरदम। तेरा प्यार ऐसे बसाना पड़ेगा।।   सदा मेरे दिल की रहो बन के धङकन। मेरी साँस बनके समाना पड़ेगा…

  • नव वर्ष 2021

    नव वर्ष 2021     –> नये साल 2021 की सब अपनों को, पहुँचे ढ़ेरों बधाई     1.जैसा गुजरा अच्छा गुजरा, अब देना है विदाई | हम सब मिलकर करते हैं, 2020 से आज जुदाई |     याद रहेगा अनंत काल तक, कोरोना ने फैलाई चटाई | विदा करो बड़ी धूम-धाम से, मत…

  • 2020 पर एक एक नजर

    2020 पर एक एक नजर   2020 था विष का थैला, कोरोना  का था बोलबाला, दुनिया में मचाया हाहाकार, घर-घर मचा दिया कोहराम, सब पर हो गया है भारी, बना दिया है सबको भिखारी, रोजी बची न रोटी,  गरीब मरे, बिन रोटी, कोरोना भैया आए, दूर-दूर सबको भगाए, पति ,पत्नी से, पिता ,पुत्र से, प्रेमी,…

  • इजाजत् मिले तो

    इजाजत् मिले तो   –>इजाजत मिले जो मुझे, मेहबूब की नजर से || 1.मैं चाँद तोड़ लाऊँ, जुगनू को साथ ले कर | तारों को भी ले आऊँ, मुस्कान तेरी कह कर | रुख मोड दूँ हवा का, जब-जब तू मुस्कुराये | बादल हो जाएं घनेरे, तेरी जुल्फ जो लहराये | –>इजाजत मिल जोे मुझे,…

  • नया साल : नयी आशाएं

    नया साल : नयी आशाएं ******* बीता यह वर्ष रे आया नववर्ष रे! झूमो ओ काका झूमो रे काकी रात अंतिम यह बाकी? नाचो ए बबलू नाचो ए बबली गाओ ना भैया गाओ ना भाभी बजाओ सब ताली सजाओ जी थाली? छोड़ो पटाखा करो धूम धड़ाका थिरकना जरा सा डिस्को जरा सा! है रात मतवाली…

  • मैं चाहता हूं

    मैं चाहता हूं   मैं चाहता हूं तुम्हारे हृदय में दो इंच ज़मीन जहाँ तुम रख सको मुझे विरासत की तरह सम्भाल कर पीढ़ियों तक बिना गवाएँ एक इंच भी……. बस तुम इतना कर लेना ज़मीन की तरह मुझ में बोते रहना अपने प्रेम का अंकुर और देखते रहना अपलक बढ़ते हुए……!!   ? कवि : सन्दीप…

  • साल गया है

    साल गया है     बातें हमारी फिर से वो टाल गया है। बस इसी कशमकश में ये भी साल गया है।।   जिसने भरे हैं पेट सबके बहाकर करके स्वेद, उसको ही लोग कह रहे कंगाल गया है।।   बीमारियां भी एक हों तो गिनाऊं हुजूर,। शायद ही कोई यहां से कोई खुशहाल गया…

  • रब की अदालत

    रब की अदालत   1. वो मजलूमों को बेघर कर बनाया था अलीशां मकां यहां, गरीब,लचारों की बद्दुवा कबूल हो गई रब की अदालत में वहां अब बरस रहा बद्दुवाओं का कहर देखो , जमींदोज हो रहा अलीशां मकां यहां। 2.     हुआ घमंड जब-जब वो गिराते रहे बार-बार, हुआ तालीम, परोपकार जब-जब उन्हीं दुवाओं…

  • नैना बावरे जुल्फो में उलझाने लगे

    नैना बावरे जुल्फो में उलझाने लगे     दिल मचलने लगे अश्क बहने लगे हमे तुम्हे याद करके बहकने लगे   नजरे जब भी मिली मुस्कुराने लगे फूल गुलशन मे देखो गुनगुनाने लगे खिलकर भवरों के मन बहकाने लगे दिल को अपने यूॅ भी समझाने लगे दिल मचलने लगे अश्क बहने लगे हमे तुम्हे याद…

  • किताबें

    किताबें *** खाली अलमारियों को किताबों से भर दो, बैठो कभी तन्हा तो निकाल कर पढ़ लो। हो मन उदास तो- उठा लो कोई गीत गजल या चुटकुले कहानियों की किताब, पढ़कर भगा लो अवसाद। ये जीवनसाथी हैं, दोस्त हैं। दवा हैं, मार्गदर्शक हैं। समय समय पर उन्हें निहारो, समझो परखो विचारो। गूढ़ बात अपना…