टूटे दिल को ख़ुदा अब मेरे करार आये !
टूटे दिल को ख़ुदा अब मेरे करार आये !

टूटे दिल को ख़ुदा अब मेरे करार आये ! 

 

 

टूटे दिल को ख़ुदा अब मेरे करार आये!

अब जीस्त में ख़ुशी की ऐसी बहार आये

 

हट जाये अब गमों के ही अब्र ए ख़ुदा ये

बरसात फूलों की मुझपे ही बेशुमार आये

 

साये बहुत देख लिये है मैंनें  नफ़रतों के

हां प्यार की इधर अब कोई दयार आये

 

जो साथ दें हमेशा मेरा वफ़ा से हर पल

की जीस्त में कोई ऐसा ए रब  यार आये

 

खुशबू ने ही जिसकी दीवाना बना दिया है

उस फूल का हर पल मुझपे ही ख़ुमार आये

 

तू लौट आ मुहब्बत की फ़िर बहार बनके

करना न और मुझसे अब इंतजार आये

 

मैं चाहता उसको अपना इसलिये बनाना

उस सूरत पे बहुत ही आज़म को प्यार आये

 

 

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शायर: आज़म नैय्यर

( सहारनपुर )

 

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