उबारो गणपति | Ubaro Ganpati

उबारो गणपति

( Ubaro Ganpati )

हे गणपति बप्पा!गणनायक।
विघ्नहर्ता सिद्धि विनायक।।
हम तो हैं भक्त प्रभु नादान।
आए हैं शरण दयालु जान।।
रखिए प्रभु हमारा भी मान।
दीजिए हमारी ओर ध्यान।।
हमको निहारिए सुखदायक।
हे गणपति बप्पा!गणनायक ।।

भटक रहे जग की माया में ।
मैल चढ़ रहा इस काया में ।।
अंधकारमय है जीवन पथ।
आप ही हांकिए जीवन रथ।।
शिव जी के हैं सुत वरदायक।
हे गणपति बप्पा!गणनायक।।

विपदाओं की लगी है झड़ी।
चहुं ओर खाई बड़ी-बड़ी।।
सूझता नहीं प्रभु मुझको कुछ।
उम्मीद ज्योति जाए न बूझ।।
गौरी लाला बनो सहायक।
हे गणपति बप्पा!गणनायक।।

शरण गहे की लज्जा रखते।
दुष्ट दुष्टता का मजा चखते।।
प्रथम पूजा के हैं अधिकारी।
जाए हम तो प्रभु पर वारी।।
प्रकाशित कीजै प्रकाश दायक।
हे गणपति बप्पा!गणनायक।।

Suma Mandal

रचयिता – श्रीमती सुमा मण्डल
वार्ड क्रमांक 14 पी व्ही 116
नगर पंचायत पखांजूर
जिला कांकेर छत्तीसगढ़

यह भी पढ़ें :-

सीता कहे दर्द | Kavita Sita Kahe Dard

Similar Posts

  • हम भारत और नेपाल हैं | Kavita Nepal Bharat Sambandh Par

    हम भारत और नेपाल हैं ( Hum Bharat Aur Nepal Hain )  हम भारत और नेपाल हैं एक सुदामा तो एक गोपाल हैं सदियों से हम एक हैं भिन्नताएं न अनेक है एक पहाड़ के छांव है एक ही शहर गांव है हम दोनों ठहरते हैं जहां मानो एक ही चौपाल है एक सुदामा एक…

  • गणतंत्र दिवस पर कविता | Republic Day Poem in Hindi 2024

    गणतंत्र दिवस पर कविता   रामराज्य की झलक, भारतीय संविधान में विश्व पटल वृहत्तर छवि, हर नागरिक हित प्रहरी। शब्द आभा मानवता वंदन, समग्र विकास नींव गहरी । संघात्मक भव्य रूप श्रृंगार, संप्रभुता स्वतंत्रता आह्वान में। रामराज्य की झलक, भारतीय संविधान में ।। जाति धर्म लिंग रंग सह, नस्ल भाषा विभेद दूर । समता समानता…

  • महफिल | Mehfil

    महफिल ( Mehfil )   महफिले आम न कर चाहत मे अपनी लुटेरों की बस्ती मे न बसा घर अपना बच के रह जरा ,बेरुखी जहां की नजर से इस महफिल का उजाला भी शराबी है घरौंदे से महल के ख्वाब ,ठीक नही होते दीए का उजाला भी ,भोर से कम नहीं होता ये महफिल…

  • सड़क सुरक्षा | Kavita

    सड़क सुरक्षा  (Sadak  Suraksha )   अपने और अपने परिवार पर कुछ तो तरस खाइए सड़क पर यूँ लापरवाही से गाड़ी मत चलाइएँ । जिंदगी है अनमोल रत्न इसे व्यर्थ ना गवाइएँ सड़क सुरक्षा नियमों को अपने जीवन में अपनाइए ।।     कुछ नौजवान बिना हेलमेट के गाड़ी चलाते हैं कहते हैं हेल्मेट से…

  • संत संगति | Kavita Sant Sangati

    संत संगति ( Sant sangati )    सज्जन साधु संगत कर लो बेड़ा पार हो जाएगा। बिनु सत्संग विवेक नहीं उजियारा कैसे आएगा। संत सुझाए राह प्रेम की हरि मिलन विधि सारी। मंझधार में अटकी नैया हो पतवार पार संसारी। दीप जलाए घट घट में करें ज्ञान ज्योति आलोक। दिव्य प्रभा सुखसागर सी जीवन को…

  • जल ही है जीवन का संबल

    जल ही है जीवन का संबल   जल ही है जीवन का संबल, जल ही जीवन का संचार! वन्य जीव फसलें जीवित सब, जल ही है सुख का आधार!! जल विहीन हो जीना चाहें, ऐसा संभव नहीं धरा पर! जल संचय करना हम सीखें, बर्बादी को रोकें परस्पर!! पर्यावरण प्रदूषित ना हो, वृक्ष से करें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *