Zindagi Dard bhari Shayari

मेरे हिस्से आया दर्द | Zindagi Dard bhari Shayari

मेरे हिस्से आया दर्द

( Mere hisse aaya dard ) 

 

जीवन में जब पाया दर्द
तब औरों का समझा दर्द

याद मुझे आये कुछ दोस्त
दिल में फिर से जागा दर्द

साथ इसे भाये दिल का
कब रहता है तन्हा दर्द

उसके हिस्से में खुशियाँ
मेरे हिस्से आया दर्द

हिज्र लगा ऐसा दिल पर
धड़कन धड़कन फैला दर्द

सबको ज़ियादा लगता है
इस दुनिया में अपना दर्द

लाख छुपाओ अपने ज़ख़्म
कह देता है चेहरा दर्द

मतलब की इस दुनिया में
किसने समझा किसका दर्द ?

सबसे छुपाया था लेकिन
गीत ग़ज़ल में उमड़ा दर्द

ख़त्म हुई तो पाया चैन
इच्छा से तो जन्मा दर्द

आज ‘अहद’ की आँखों से

आँसू बनकर टपका दर्द !

 

शायर: :– अमित ‘अहद’
गाँव+पोस्ट-मुजफ़्फ़राबाद
जिला-सहारनपुर ( उत्तर प्रदेश )
पिन कोड़-247129
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बस हमें ख़बर नहीं | khabar Shayari

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