ज़िन्दगी का

ज़िन्दगी का भी अजब यह रंग है

ज़िन्दगी का भी अजब यह रंग है

ज़िन्दगी का भी अजब यह रंग है ।
पास जो जिसके उसी से तंग है ।।१

मैं नहीं कहता हँसी है ज़िन्दगी ।
बस अलग जीने का सबका ढ़ंग है ।।२

कर्म को जो दे रहा अंजाम सुन ।
वह कहेगा ज़िन्दगी इक जंग है ।।३

जो नही है मानता अब कर्म को ।
बस उसी की ज़िन्दगी में भंग है ।।४

खूबसूरत है प्रखर का हमसफ़र ।
हर तरफ़ छाया गुलाबी रंग है ।।५

Mahendra Singh Prakhar

महेन्द्र सिंह प्रखर 

( बाराबंकी )

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • सियासत के इस दौर में तो पलटूओं की भीड़ है

    सियासत के इस दौर में तो पलटूओं की भीड़ है   कैसे मेरा दिल कह दे कि जंगजूओं की भीड़ है, सियासत के इस दौर में तो पलटूओं की भीड़ है। घुट रहा है दम सभी का, नफ़रतों के धुएं में, कह रहा है राजा फिर भी, खुशबूओं की भीड़ है। एक बाज़ीगर जो आ…

  • ग़ज़ल – हिंदी

    ग़ज़ल – हिंदी हिंदी गाँधी के सपनों का अभियान हैइसके विस्तार में सबका सम्मान है सूर तुलसी ने सींचा इसे प्यार सेजायसी और रसखान की जान है राम सीता हैं इसमें हैं राधा किशनमीरा के प्रेम का भी मधुर गान है चाहे कविता लिखो या कहानी लिखोइसकी शैली में सब कुछ ही आसान है हिंदी…

  • यह भी कोई बात हुई | Yeh Bhi koi Baat Hui

    यह भी कोई बात हुई ( Yeh Bhi koi Baat Hui ) कुछ तो बोलो जान-ए-राह़त यह भी कोई बात हुई।तोड़ गए तुम अ़ह़्द-ए-उल्फ़त यह भी कोई बात हुई। एक ज़रा सा दिल क्या टूटा राहे मुह़ब्बत में दिलबर।भूल गए तुम नाज़ो नज़ाकत यह भी कोई बात हुई। मिलते तो हो हम से लेकिन दिल…

  • याद आया | Yado ki Shayari

    याद आया ( Yaad Aya )    कोई अनजान सफ़र याद आया अजनबी कोई बशर याद आया तेरा चेहरा ही नज़र में उतरा जब कभी दर्दे जिगर याद आया धूप ने जब भी सताया हमको बारहा बूढ़ा शजर याद आया इक मेरा दोस्त पुराना था जो कुछ लगी देर मगर याद आया अपनी ख़ुशक़िस्मती समझेंगे…

  • वक़ार भूल बैठे | Waqar Bhool Baithe

    वक़ार भूल बैठे ( Waqar bhool baithe )   जो मिला था क़ुर्बतों में, वो क़रार भूल बैठे वो ज़रा सी देर में क्यों, मेरा प्यार भूल बैठे लगे हर ख़ुशी पराई, लगे ग़म ही आशना अब यूँ ख़िज़ाँ ने दिल है तोड़ा, कि बहार भूल बैठे मुझे फ़िक्र रोटियों की , ये कहाँ पे…

  • बदलते जा रहे हैं क्यूं | Kyon Shayari

    बदलते जा रहे हैं क्यूं ( Badalte ja rahe hain kyon )    सुहाने ख्वाब मुट्ठी से फिसलते जा रहे हैं क्यूं जो हैं नजदीक दिल के वो बदलते जा रहे हैं क्यूं किये सब फैसले दिल से बड़ी गलती हमारी थी गलत वो फैसले सारे निकलते जा रहे हैं क्यूं अना उनमें बहुत है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *