Chhand siddhidatri

सिद्धिदात्री | Chhand siddhidatri

सिद्धिदात्री

( Siddhidatri )

मनहरण घनाक्षरी

 

नवशक्ति सिद्धिदात्री,
सिद्धियों की दाता अंबे।
साधक शरण माता,
झोली भर दीजिए।

 

ध्यान पूजा धूप दीप,
जप तप माला पाठ।
भगवती भवानी मांँ,
शरण में लीजिए।

 

पंकज पुष्प विराजे,
चतुर्भुज रूप सोहे।
कमलनयनी माता,
दुख दूर कीजिए।

 

शंख चक्र गदा सोहे,
वरदायिनी भवानी।
सुख समृद्धि की दाता,
वरदान दीजिए।

 ?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

हंसते हंसते लोटपोट | Kavita hansate hansate lotapot

Similar Posts

  • जीत | Jeet

    जीत ( Jeet )  मनहरण घनाक्षरी   दिल जितना चाहो तो, दिल में उतर जाओ। मीठे बोल प्यार भरा, गीत कोई गाइए। जग जितना चाहो तो, लड़ना महासमर। शौर्य पराक्रम वीर, कौशल दिखाइए। औरों के हित जो लड़े, समर जीत वो जाते। दीन हीन लाचार को, गले से लगाइए। जीतकर शिखर से, अभिमान ना करना।…

  • भीनी भीनी चांदनी | Chhand bhini bhini chandni

    भीनी भीनी चांदनी ( Bhini bhini chandni ) विधा मनहरण घनाक्षरी     उज्जवल उज्जवल, भीनी भीनी मद्धम सी। दूधिया सी भीगो रही, दिव्य भीनी चांदनी।   धवल आभा बरस, सुधा रस बांट रही। आनंद का अहसास, देती भीनी चांदनी।   चांद यूं छलका रहा, अमृत रस भंडार। हर्ष खुशी मोद करे, दुलार भीनी चांदनी‌।…

  • श्रीकृष्ण | Shri Krishna chhand

    श्रीकृष्ण ( Shri Krishna )   मनहरण घनाक्षरी   माधव मुरली वाले, गोकुल के घनश्याम। नंदलाल गिरधारी, लीलायें रचाइये।   यशोदा के राजदुलारे, जन जन के सहारे। चक्र सुदर्शन धारी, मुरली बजाइए।   राधा के मोहन प्यारे, जग के तारणहारे। जय हो तेरी केशव, विपद निवारिये।   सखा सुदामा हे कृष्णा, करुणासागर कान्हा। भक्तों के…

  • समांं महका दो आज | Chhand

    समांं महका दो आज (  मनहरण घनाक्षरी छंद )   गीतों का सजाओ साज समां महका दो आज झड़ी बरसाओ ऐसी धूम होनी चाहिए   खूब गाओ छंद गीत मुक्त कंठ नव गीत रस बरसे प्रेम का भाव होना चाहिए   शौर्य पर लिखो गीत योद्धा जंग जाए जीत हिम्मत हौसला मिले ओज होना चाहिए…

  • सादगी | Saadgi par chhand

    सादगी ( Saadgi )  मनहरण घनाक्षरी   सत्य शील सादगी हो, ईश्वर की बंदगी हो। आचरण प्रेम भर, सरिता बहाइये।   संयम संस्कार मिले, स्नेह संग सदाचार। शालीनता जीवन में, सदा अपनाइये।   बोल मीठे मीठे बोलो, मन की अंखियां खोलो। जीवन की नैया भैया, पार कर जाइए।   अभिमान तज सारे, हरि नाम भज…

  • चंद्रयान की सफलता | Chandrayaan ki Safalta

    चंद्रयान की सफलता ( Chandrayaan ki safalta )   दुर्लभ को सम्भव किया, भारत देश महान।। चन्द्रयान की सफलता, जय जय जय विज्ञान।। जय जय जय विज्ञान, निराली तेरी माया। भारत अनुसंधान, जगत में अव्वल छाया। कहैं शेष कविराय, जियें वैज्ञानिक वल्लभ। कुशल प्रशासन नीति, मिथक तोड़े सब दुर्लभ।।   लेखक: शेषमणि शर्मा”इलाहाबादी” प्रा०वि०-नक्कूपुर, वि०खं०-छानबे, जनपद…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *