Aachar Sanhita

क्या है आचार संहिता | Aachar Sanhita

क्या है आचार संहिता

( Kya hai aachar sanhita ) 

 

चलों साथियों हम जाने क्या है ये आचार संहिता,
क्या है इसके नियम एवं लागू क्यों किया जाता।
क्यों पड़ी इसकी ज़रुरत और मक़सद क्या होता,
कब से शुरु हुआ यह क्या क्या इसमें बंद होता।।

कई बनें है इसके लिए आचार-संहिता पर नियम,
जैसे लोक लुभावन वादे एवं घोषणाएं न करना।
जाति-धर्म और क्षेत्र से सम्बन्धित मुद्दे ना उठाना,
धन बल व सरकारी मशीन का प्रयोग न करना।।

न निकाल सकते कोई रैली जुलूस बिन इजाज़त,
बहुत जरुरी है तो वो लेगा आयोग का इज़ाजत।
न कर सकते कोई अधिकारी का भी ये तबादला,
जिसको सर्व प्रथम साल 1971 से शुरू किया।।

चुनावी-घोषणा के पश्चात ये शुरु कर दिया जाता,
जिसकी मदद से निष्पक्ष-स्वतंत्र चुनाव है होता।
इस के तहत कुछ नियमों को तय किया है जाता,
चुनाव समापन तक उसको लागू रखा है जाता।।

ये पक्ष विपक्ष दोनों पार्टियां इसका पालन करती,
नियम उलंघन पे आयोग-टीम कार्यवाही करती।
चुनाव लड़ने पे रोक एवं उसे जेल भी हो सकती,
ज़रुरत पड़े तो अपराधिक मुक़दमा दर्ज करती।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • शहर में बढ़ते हुक्का बार | Hookah bar par kavita

    शहर में बढ़ते हुक्का बार ( Shahar mein badhte hookah bar )   थोड़ा समझो मेरे यार शहर में बढ़ते हुक्का बार। नशे ने घेर लिया है सबको डूबते जा रहे परिवार।   तंबाकू तबाही का घर तोड़ दो सारे बीयर बार। बिगड़े बच्चे आचार बचाओ संस्कृति संस्कार।   रगों में उतर रहा है जहर…

  • पवित्र शंख | Shankh par kavita

    पवित्र शंख ( Pavitra shankh )      जगतपिता नारायण रखते जिसको अपने हाथ, आओ करें आज हम उस पवित्र शंख की बात। इसी शंख में होता है देवी लक्ष्मी-मैया का वास, जिससे जुड़ी है महत्वपूर्ण और कई सारी बात।।   इसको घर में रखना भी बहुत शुभ माना जाता, फूॅंक मारकर तीन-बार बजाया जिसको…

  • माँ | Maa par ek kavita

    माँ  ( Maa par ek kavita )   माँ तेरी ममता की छाया, पली बढ़ी और युवा हुई, निखर कर बनी सुहागन, माँ बनकर,पाया तेरी काया।।   अब जानी माँ क्या होती? सुख-दुःख की छाया होती । माँ के बिना जहाँ अधूरा, माँ है तो सारा जहाँ हमारा ।।   माँ हीं शक्ति, माँ हीं…

  • वो बाबा भीम हमारा | Baba Bhim Hamara

    वो बाबा भीम हमारा ( Wo baba bhim hamara )   आज गाॅंव‌-शहर की हर गली में गूॅंज रहा यह नारा, सबको अपना हक दिलाया लिखें संविधान प्यारा। अच्छाई-सच्चाई के लिए लड़ता रहा उम्र भर सारा, जनहित में सारे काम किया वो बाबा भीम हमारा।। देखा था बचपन में उन्होंने ये निम्न-जाति व्यवस्था, बाहर बैठकर…

  • तेरी दोस्ती | Teri Dosti

    तेरी दोस्ती ( Teri Dosti )  तेरी दोस्ती से, गुलजार जिंदगी मेरी पाकर तुम्हारा साथ, जीवन सम प्रसून खिला । बोझिल सी राहों पर, आनंद भरा शकून मिला । जले नव आशा दीप , दूर सारी नैराश्य अंधेरी । तेरी दोस्ती से,गुलजार जिंदगी मेरी ।। मेरा जीवन तो जैसे, तपता रेगिस्तान था । कदम कदम…

  • मेरी माटी मेरा देश | Meri Maati mera Desh

    मेरी माटी मेरा देश ( Meri maati mera desh ) (1) देश हमारा जैसे गंगा सागर अति पावन इसकी माटी है देवों की भी यह मानस माता बंधुत्व भाव ही दिखलाती है गंगा जमुना और सरस्वती की संगम तट पर बहती नित धारा है सांझ सकरे सिंधु चरण पखारे कश्मीर मुकुट सा लगता प्यारा है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *