Mulayam Singh Yadav

नेता जी | Mulayam Singh Yadav

नेता जी!

( Netaji) 

!! विनम्र श्रद्धांजलि!!
( धरती -पुत्र मुलायम सिंह जी को! )

 

लोहिया कै रहिया के देखाई अब नेताजी,
यूपी की नइया के बचाई अब नेताजी।

अमवाँ की बगिया से उड़ गयल सुगनवाँ,
रोई- रोई बेहाल भयल सगरो जहनवाँ।
सागर से मोतिया के ले आई अब नेताजी,
यूपी की नइया के बचाई अब नेताजी
लोहिया कै रहिया के देखाई अब नेताजी।

दबल- कुचलल के कलेजवा से लगाउल्या ,
पिछड़न कै चुल्हिया तक रोटी पहुँचउल्या।
अँसुवन गरीब के पोंछूँ अब के नेताजी,
यूपी की नइया के बचाई अब नेताजी
लोहिया कै रहिया के देखाई अब नेताजी।

लखनऊ से दिल्ली तक संभालला जिम्मेदरिया,
इस्पात जैसे सिनवाँ से खेलला तूहीं परिया।
क्रांतिदूत बनि हैं अखिलेश कइसे नेताजी,
यूपी की नइया के बचाई अब नेताजी,
लोहिया कै रहिया के देखाई अब नेताजी

 

लेखक : रामकेश एम. यादव , मुंबई
( रॉयल्टी प्राप्त कवि व लेखक)

यह भी पढ़ें :-

जंग का सुरूर | Jang ka Suroor

 

 

Similar Posts

  • हे मां रजनी

    हे मां रजनी मां रजनी सा ना कोई उपकारी l पूरा भूमंडल मां तेरा आभारी l पूरा जग तेरा वंदन करता है l नमन तुझे भगवान भास्कर भी करता है l मां समय की तू बड़ी पाबंद l नित्य अपने समय पर आती है l फैला तम की चादर थके मांदे भास्कर को ले आगोश…

  • शिक्षक सदा परम अभिनंदन | Shikshak ke Liye Kavita

    शिक्षक अनुपम अनुदानों का ( Shikshak anupam anudano ka )    शिक्षक अनुपम अनुदानों का, जीवन सदा आभारी ************ पितृत्व ममत्व आभा धर, ज्ञानामृत अनंत प्रवाह । तेज प्रभाव गुरु सिंहासन, अज्ञान तिमिर स्वाह । मोहक अनूप व्यक्तित्व , दिशा बोध पथ सदाचारी । शिक्षक अनुपम अनुदानों का, जीवन सदा आभारी ।। अथक परिश्रम मूल…

  • Kavita | नींद

    नींद ( Neend )   आंधी  आई काले बादल घिर  घिर कर आने लगे कहर कोरोना बरस पड़ा खतरों के मेघ मंडराने लगे     रह रह कर डर सता रहा आंखों की नींद उड़ाने को यह कैसी लहर चल पड़ी कैसा  मंजर  दिखाने को     सड़कों पर सन्नाटा छाया नींद  हराम  हुई सबकी…

  • जिंदगी की किताब | Zindagi ki Kitaab

    जिंदगी की किताब  ( Zindagi ki kitaab )    एक दिन पढ़ने लगा जिंदगी की किताब, पलटने लगा पल पल के पन्नों को और समझने लगा बीती दास्तां। खोता गया अतीत के शाब्दिक भाव में, मन में उभरने लगा अक्षरता एक चित्र। लोग इकट्ठा थे बोल रहे थें बलपूर्वक जोर शोर से, हां हां…. थामो……..

  • लो आया राखी का त्यौहार | Geet

    लो आया राखी का त्यौहार ( Lo aaya rakhi ka tyohar )   लो आया राखी का त्यौहार, बरसे भाई बहन का प्यार, कच्चे धागों में बसता है, सुहाने रिश्तो का संसार, लो आया राखी का त्यौहार-2   माथे चंदन अक्षत रोली, बहना नेह भरी रंगोली, कलाई पर बांध रही है, बहना अपना प्यार, लो…

  • बाल मजदूरी | Bal majdoori par kavita

    बाल मजदूरी ( Bal majdoori )     खुद असमर्थ बनकर बच्चों से कराते मजदूरी। अगर कोई उठाये सवाल कहते यह हमारी मजबूरी।   बच्चे न माने तो  दिखाए चाकू छुरी। उनके उज्जवल भविष्य से खिलवाड़ कर कराते उनसे बाल मजदूरी।   जिन हाथों में कलम होनी चाहिए हे ! प्रभु कैसी है लाचारी? क्यो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *