भजन हनुमान जी का | Hanuman Bhajan lyrics

भजन-हनुमान जी का

 

ओ भोले हनुमान मैं निशिदिन करूँ तुम्हारा ध्यान।
सियाराम के प्यारे सबका करते तुम कल्यान।।

प्रभु के संकट में भी तुमने उनके काज बनाए
राम मुद्रिका सीता मय्या तक तुम ही पहुँचाए
जला के लंका हिला दिया था रावण का अभिमान।।
सियाराम के—–

अपने भक्तों की विपदा में तुरंत दौड़ कर आते
राम के भक्तों पर भी अपना दया भाव बरसाते
राम काज में सदा दिया है अपना भी अनुदान ।।
सियाराम के—-

लक्ष्मण के जब शक्ति लगी तो संजीवन भी लाए
नागपाश से राम लखन के बंधन मुक्त कराए
राम की सेवा ऐसे समझी जैसे हो वरदान ।।
सियाराम के—

राम भक्ति से बनी है जग में तेरी ऐसी गरिमा
कलियुग में दोहराता है जन जन तेरी ही महिमा
राम के अनुजों ने भी तुझको दिया सदा सम्मान।।
सियाराम के—–

जहाँ भी अंजनि नंदन होता तेरे नाम का फेरा
काली रातों में भी हनुमन लगता वहाँ सवेरा
साग़र के भी प्रेम का रख लो भगवन अब तो मान ।।
सियाराम के प्यारे सबका करते तुम कल्यान ।।
ओ भोले हनुमान मैं निशिदिन करूँ तुम्हारा ध्यान ।।

 

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

मुदाम–निरंतर, हमेशा

यह भी पढ़ें:-

स्वर्णिम साँझ सवेरे | Sanjh Savere

Similar Posts

  • न्याय की पुकार

    न्याय की पुकार उपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला,अपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला। सालों से होते ज़ुल्मो सितम ग़रीबों से,ग़रीब को आज तक न्याय नहीं मिला। सुनते नहीं पुकार कानों में ठोंसा कपास,शोषित को आज तक न्याय नहीं मिला। बहिन बेटियों से होते बलात्कार सरे आम,अछूत को आज तक न्याय नहीं मिला।…

  • इंसान बनो | Insan bano kavita

    इंसान बनो ( Insan Bano : Kavita )   ये हर तरफ क्या हो गया है, क्यों हर जगह उदासी का मंजर है । लोग छोटी-छोटी बातों पर, क्यों बेवजह लड रहे हैं, हर तरफ द्वेष नफरत ही, क्यों पल रही, बढ़ रही है ।। कहीं रिश्ते में दूरियां आ रही; तो कहीं इंसानियत मर…

  • उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द | Munshi Premchand

    उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द ( Upanyas Samrat Munshi Premchand )    महान-साहित्यकारों में आज उनको गिना जाता, क़लम का जादूगर सम्पूर्ण विश्व जिनको कहता। प्रसिद्ध लेखक, उपन्यास सम्राट भी कहा जाता, संवेदनशील रचनाकार कोई कहानीकार कहता।। जिनका वास्तविक बचपन-नाम था धनपत राय, उर्दू में जो कभी-कभी लिखते थें यह नवाबराय। बाद में अपना-नाम हिंदी में…

  • नारी क्यों | Nari Kyon

    नारी क्यों ( Nari Kyon )    हर रचना के केन्द्र बिन्दू में नारी क्यों हैं। दिखती हैं कल्याणी पर,लाचारी क्यों हैं। बेबस सी मजबूर दिखा दो चाहे जितना, हर पापों का अन्त करे वो,काली क्यो हैं। रसवन्ती कचनार दिखे,मनभावनी क्यों है। हर पुरूषों की चाहत लगती, कामी क्यों हैं। जैसा जिसने देखा वैसी नजर…

  • सशक्त बनो हे नारी तुम | Kavita

    सशक्त बनो हे नारी तुम ( Sashakt bano he nari tum )   उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो लाज का घूंघट ढाल बना लो अहंकार का तिलक लगा लो स्वाभिमान की तान के चादर खुद में खुद को सुदृढ बना लो उठो नारी आंसू पौंछो खुद की कीमत पहचानो ?☘️ अपनी शक्ति…

  • इतिहास याद रखेगा आपको | Poem in Hindi on late general Bipin Rawat

    इतिहास याद रखेगा आपको ( Itihas yaad rakhega aapko ) (सीडीएस बिपिन जनरल रावत को पुण्यतिथि पर शत-शत नमन)    इतिहास याद रखेगा आज हुआ हेलिकॉप्टर क्रेश, कीर्ति पताका लहराता रहेगा आपका देश-विदेश। यह कर्तव्यों की वेदी पहनकर अमर हो गऐ आप, जनरल को श्रद्धांजलि देता आज पूरा भारत देश।।   सीडीएस बिपिन जनरल रावत‌…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *